FIFA World Cup Trophy Tour: भारतीय फुटबॉल संकट में, लेकिन दिल्ली में शुरू हुआ फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी टूर; देखें
भारतीय फुटबॉल गहरे संकट में है। आर्थिक दिक्कतें, सैलरी कटौती, लीग का अनिश्चित भविष्य और गिरती फीफा रैंकिंग, इन सभी ने परेशानी में डाल रखा है। इसी बीच दिल्ली में फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी टूर की शुरुआत हुई, जिसे कई फैंस ने गलत समय का उत्सव बताया। ट्रॉफी टूर ने भारतीय फुटबॉल की वास्तविकता और प्रदर्शनकारी शो में बड़ा अंतर दिखा दिया।
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करीब छह महीने बाद होने वाले 2026 फीफा वर्ल्ड कप से पहले असली ट्रॉफी तीन दिन के भारत दौरे पर पहुंची। ट्रॉफी का अनावरण दिल्ली में हुआ, जहाँ केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया, AIFF अध्यक्ष कल्याण चौबे और ब्राजील के विश्व कप विजेता गिल्बर्टो सिल्वा मौजूद थे। ट्रॉफी इससे पहले लगभग 12 साल पहले भारत आई थी, लेकिन इस बार का माहौल जश्न से ज्यादा आलोचना से घिरा दिखा।
#WATCH | Delhi | Union Minister for Sports Mansukh Mandaviya and former Brazilian footballer Gilberto D’silva unveil the FIFA World Cup 2026 Trophy, which is on its three-day India tour.
— ANI (@ANI) January 10, 2026
The trophy will be in Delhi for two days, then taken to Guwahati for one day. pic.twitter.com/uRlr8yvre6
सोशल मीडिया पर कई प्रशंसकों ने ट्रॉफी टूर को “ऑप्टिक्स” का खेल बताया। लोगों ने तंज कसा कि जब घरेलू फुटबॉल मुश्किल से ज़िंदा है, तब दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित ट्रॉफी का स्वागत करना “वास्तविकता और शो” के बीच की दूरी दिखाता है। AIFF अध्यक्ष चौबे और खेल मंत्री मांडविया दोनों को इस आयोजन के समय को लेकर निशाने पर लिया गया। मांडविया पहले भी ISL रीस्टार्ट के दौरान मोहन बागान और ईस्ट बंगाल के नाम गलत उच्चारण को लेकर फैंस के निशाने पर आ चुके हैं।
करीब नौ महीने की अफरातफरी के बाद ISL की वापसी की तारीख तय हुई है और लीग अब 14 फरवरी से दोबारा शुरू होगी। लेकिन यह वापसी भी संकटों से भरी है—AIFF और FSDL के बीच डील टूटने से लीग बिना नियमित प्रसारण साझेदार और आय के स्रोत के रह गई है।
दिल्ली के बाद फीफा ट्रॉफी असम के गुवाहाटी में प्रदर्शित की जाएगी। वहीं, भारतीय फुटबॉल के हालात बताते हैं कि ट्रॉफी का दौरा भले ही ग्लैमरस है, लेकिन जमीनी वास्तविकता अभी भी दर्दनाक और अस्त-व्यस्त है।