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Hockey: मनप्रीत सिंह बने भारतीय हॉकी के सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी, विराट कोहली को मानते हैं आदर्श
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Thu, 18 Jun 2026 06:23 PM IST
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सार
भारतीय हॉकी टीम के स्टार मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने 413वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेलकर दिलीप तिर्की का रिकॉर्ड तोड़ते हुए भारत के सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले हॉकी खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया। फिटनेस के लिए विराट कोहली को अपना आदर्श मानने वाले मनप्रीत ने कहा कि ओलंपिक स्वर्ण और विश्व कप पदक जीतने का सपना ही उन्हें आगे बढ़ने और फिट रहने की प्रेरणा देता है।
मनप्रीत सिंह और उनका परिवार
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारतीय हॉकी टीम के दिग्गज मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जर्मनी के खिलाफ एफआईएच प्रो लीग मुकाबले में अपना 413वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेलकर मनप्रीत भारत के सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले हॉकी खिलाड़ी बन गए। उन्होंने पूर्व कप्तान और मौजूदा हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप तिर्की (412 मैच) का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। इस उपलब्धि पर हॉकी इंडिया ने उन्हें 10 लाख रुपये की सम्मान राशि देने की घोषणा की। मनप्रीत ने बताया कि वह भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली को अपना आदर्श मानते हैं।
हॉकी इंडिया ने सराहा
मनप्रीत की ऐतिहासिक उपलब्धि पर हॉकी इंडिया ने कहा कि पिछले डेढ़ दशक से मनप्रीत भारतीय हॉकी की धड़कन रहे हैं। 2011 में 19 साल की उम्र में सीनियर टीम में डेब्यू करने वाले मनप्रीत ने भारतीय हॉकी के पुनरुत्थान में अहम भूमिका निभाई है और अब वह देश के सबसे महान खिलाड़ियों में अपनी जगह पक्की कर चुके हैं।
हॉकी इंडिया ने सराहा
मनप्रीत की ऐतिहासिक उपलब्धि पर हॉकी इंडिया ने कहा कि पिछले डेढ़ दशक से मनप्रीत भारतीय हॉकी की धड़कन रहे हैं। 2011 में 19 साल की उम्र में सीनियर टीम में डेब्यू करने वाले मनप्रीत ने भारतीय हॉकी के पुनरुत्थान में अहम भूमिका निभाई है और अब वह देश के सबसे महान खिलाड़ियों में अपनी जगह पक्की कर चुके हैं।
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मनप्रीत सिंह और केंद्रीय खेल मंत्री मांडविया
- फोटो : ANI
रिकॉर्ड पर क्या बोले मनप्रीत?
इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए मनप्रीत ने कहा कि भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। उन्होंने कहा, 'भारत के लिए इतने मैच खेलना मेरे लिए गर्व की बात है। यह उपलब्धि मैं अपने साथ खेलने वाले सभी साथियों को समर्पित करता हूं। मेरे परिवार, खासकर मेरी मां, भाइयों, पत्नी और बच्चों का इस सफर में बहुत बड़ा योगदान रहा है।'
फिटनेस है लंबी पारी का राज
मनप्रीत ने अपनी सफलता और लंबे करियर का श्रेय फिटनेस को दिया। उन्होंने बताया कि भारतीय क्रिकेट स्टार विराट कोहली उनकी प्रेरणा हैं। मनप्रीत ने कहा, 'विराट कोहली सिर्फ मेरे ही नहीं, हर खिलाड़ी के लिए प्रेरणा हैं। उनकी फिटनेस, मैदान पर आक्रामकता और समर्पण से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। मैं भी क्रिस्टियानो रोनाल्डो का प्रशंसक हूं और विराट भी उनके बड़े फैन हैं।' उन्होंने कहा कि भारत के लिए लंबे समय तक खेलने की भूख ने उन्हें हमेशा फिट रहने के लिए प्रेरित किया।
इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए मनप्रीत ने कहा कि भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। उन्होंने कहा, 'भारत के लिए इतने मैच खेलना मेरे लिए गर्व की बात है। यह उपलब्धि मैं अपने साथ खेलने वाले सभी साथियों को समर्पित करता हूं। मेरे परिवार, खासकर मेरी मां, भाइयों, पत्नी और बच्चों का इस सफर में बहुत बड़ा योगदान रहा है।'
फिटनेस है लंबी पारी का राज
मनप्रीत ने अपनी सफलता और लंबे करियर का श्रेय फिटनेस को दिया। उन्होंने बताया कि भारतीय क्रिकेट स्टार विराट कोहली उनकी प्रेरणा हैं। मनप्रीत ने कहा, 'विराट कोहली सिर्फ मेरे ही नहीं, हर खिलाड़ी के लिए प्रेरणा हैं। उनकी फिटनेस, मैदान पर आक्रामकता और समर्पण से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। मैं भी क्रिस्टियानो रोनाल्डो का प्रशंसक हूं और विराट भी उनके बड़े फैन हैं।' उन्होंने कहा कि भारत के लिए लंबे समय तक खेलने की भूख ने उन्हें हमेशा फिट रहने के लिए प्रेरित किया।
मनप्रीत सिंह
- फोटो : ANI
अब भी बाकी है सबसे बड़ा सपना
दो ओलंपिक कांस्य पदक जीतने के बावजूद मनप्रीत का सबसे बड़ा सपना अभी अधूरा है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य भारत के लिए ओलंपिक स्वर्ण पदक और विश्व कप पदक जीतना है। मनप्रीत ने कहा, 'टोक्यो ओलंपिक का कांस्य पदक मेरे करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि है, लेकिन मेरा सपना ओलंपिक गोल्ड और वर्ल्ड कप में पदक जीतना है। यही सपना मुझे आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।'
टोक्यो की खुशी, लंदन का दर्द
मनप्रीत ने 2021 टोक्यो ओलंपिक में भारत को 41 साल बाद दिलाए गए कांस्य पदक को अपने करियर का सबसे यादगार पल बताया। वहीं 2012 लंदन ओलंपिक को सबसे निराशाजनक अनुभव करार दिया, जहां भारतीय टीम एक भी मैच नहीं जीत सकी थी और अंतिम स्थान पर रही थी।
दो ओलंपिक कांस्य पदक जीतने के बावजूद मनप्रीत का सबसे बड़ा सपना अभी अधूरा है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य भारत के लिए ओलंपिक स्वर्ण पदक और विश्व कप पदक जीतना है। मनप्रीत ने कहा, 'टोक्यो ओलंपिक का कांस्य पदक मेरे करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि है, लेकिन मेरा सपना ओलंपिक गोल्ड और वर्ल्ड कप में पदक जीतना है। यही सपना मुझे आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।'
टोक्यो की खुशी, लंदन का दर्द
मनप्रीत ने 2021 टोक्यो ओलंपिक में भारत को 41 साल बाद दिलाए गए कांस्य पदक को अपने करियर का सबसे यादगार पल बताया। वहीं 2012 लंदन ओलंपिक को सबसे निराशाजनक अनुभव करार दिया, जहां भारतीय टीम एक भी मैच नहीं जीत सकी थी और अंतिम स्थान पर रही थी।
मनप्रीत सिंह
- फोटो : ANI
लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 पर नजर
मनप्रीत ने कहा कि उनका लक्ष्य 2028 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक तक खेलना है, लेकिन यह पूरी तरह उनकी फिटनेस पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा, 'मैं तब तक खेलना चाहता हूं जब तक टीम के लिए योगदान दे सकूं। अगर मुझे लगेगा कि मेरी फिटनेस टीम के स्तर की नहीं रही तो मैं किसी युवा खिलाड़ी का स्थान नहीं रोकना चाहूंगा।'
विश्व हॉकी में भी खास मुकाम
413 अंतरराष्ट्रीय मैचों के साथ मनप्रीत अब पुरुष हॉकी में सर्वाधिक मैच खेलने वाले खिलाड़ियों की वैश्विक सूची में पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। उनसे आगे केवल बेल्जियम के जॉन-जॉन डोहमेन (481), नीदरलैंड्स के ट्यून डी नूयर (453), ऑस्ट्रेलिया के एडी ओकेंडन (451) और ग्रेट ब्रिटेन के बैरी मिडलटन (432) हैं। दिलचस्प बात यह है कि 400 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले खिलाड़ियों में मनप्रीत फिलहाल एकमात्र सक्रिय खिलाड़ी हैं।
उपलब्धियों से भरा शानदार करियर
जालंधर के मिथापुर गांव से आने वाले मनप्रीत सिंह भारतीय हॉकी के स्वर्णिम दौर के प्रमुख चेहरों में रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत ने टोक्यो ओलंपिक में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीता। इसके अलावा वह 2014 और 2022 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक, 2017 और 2025 एशिया कप खिताब तथा कई एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली भारतीय टीम का अहम हिस्सा रहे हैं। उनके योगदान को देखते हुए उन्हें 2018 में अर्जुन पुरस्कार और 2021 में देश के सर्वोच्च खेल सम्मान मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
मनप्रीत ने कहा कि उनका लक्ष्य 2028 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक तक खेलना है, लेकिन यह पूरी तरह उनकी फिटनेस पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा, 'मैं तब तक खेलना चाहता हूं जब तक टीम के लिए योगदान दे सकूं। अगर मुझे लगेगा कि मेरी फिटनेस टीम के स्तर की नहीं रही तो मैं किसी युवा खिलाड़ी का स्थान नहीं रोकना चाहूंगा।'
विश्व हॉकी में भी खास मुकाम
413 अंतरराष्ट्रीय मैचों के साथ मनप्रीत अब पुरुष हॉकी में सर्वाधिक मैच खेलने वाले खिलाड़ियों की वैश्विक सूची में पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। उनसे आगे केवल बेल्जियम के जॉन-जॉन डोहमेन (481), नीदरलैंड्स के ट्यून डी नूयर (453), ऑस्ट्रेलिया के एडी ओकेंडन (451) और ग्रेट ब्रिटेन के बैरी मिडलटन (432) हैं। दिलचस्प बात यह है कि 400 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले खिलाड़ियों में मनप्रीत फिलहाल एकमात्र सक्रिय खिलाड़ी हैं।
उपलब्धियों से भरा शानदार करियर
जालंधर के मिथापुर गांव से आने वाले मनप्रीत सिंह भारतीय हॉकी के स्वर्णिम दौर के प्रमुख चेहरों में रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत ने टोक्यो ओलंपिक में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीता। इसके अलावा वह 2014 और 2022 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक, 2017 और 2025 एशिया कप खिताब तथा कई एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली भारतीय टीम का अहम हिस्सा रहे हैं। उनके योगदान को देखते हुए उन्हें 2018 में अर्जुन पुरस्कार और 2021 में देश के सर्वोच्च खेल सम्मान मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।