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Kylian Mbappe: फ्रांस के लिए शतक लगाने जा रहे एमबाप्पे! क्या इस मुकाबले को बना पाएंगे खास? इराक से होगी टक्कर
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 22 Jun 2026 01:18 PM IST
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सार
फीफा विश्व कप 2026 में फ्रांस के कप्तान किलियन एमबाप्पे इराक के खिलाफ अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का 100वां मैच खेलने उतरेंगे। 27 वर्षीय स्टार हाल ही में फ्रांस के सर्वकालिक शीर्ष गोल स्कोरर बने हैं और अब एक और ऐतिहासिक उपलब्धि के करीब हैं।
एमबाप्पे
- फोटो : IANS
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विस्तार
फीफा विश्व कप 2026 में सोमवार का दिन फ्रांस और उसके कप्तान किलियन एमबाप्पे के लिए बेहद खास होने वाला है। ग्रुप-आई में इराक के खिलाफ मुकाबले में एमबाप्पे अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का 100वां मैच खेलने मैदान पर उतरेंगे। महज 27 साल की उम्र में यह उपलब्धि हासिल करना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन एमबाप्पे की कहानी सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है।
दरअसल, यह मुकाम वह ऐसे समय पर हासिल कर रहे हैं जब कुछ ही दिन पहले उन्होंने फ्रांस के लिए सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी का रिकॉर्ड अपने नाम किया था। सेनेगल के खिलाफ विश्व कप के पहले मुकाबले में दो गोल दागकर उन्होंने ओलिवियर गिरौद (57 गोल) को पीछे छोड़ दिया था। अब उनके नाम 58 अंतरराष्ट्रीय गोल दर्ज हैं।
दरअसल, यह मुकाम वह ऐसे समय पर हासिल कर रहे हैं जब कुछ ही दिन पहले उन्होंने फ्रांस के लिए सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी का रिकॉर्ड अपने नाम किया था। सेनेगल के खिलाफ विश्व कप के पहले मुकाबले में दो गोल दागकर उन्होंने ओलिवियर गिरौद (57 गोल) को पीछे छोड़ दिया था। अब उनके नाम 58 अंतरराष्ट्रीय गोल दर्ज हैं।
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18 साल की उम्र में डेब्यू, अब 100 मैचों का सफर
एमबाप्पे ने वर्ष 2017 में सिर्फ 18 साल की उम्र में फ्रांस के लिए पदार्पण किया था। तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि आने वाले वर्षों में वह फ्रांसीसी फुटबॉल के सबसे बड़े चेहरों में शामिल हो जाएंगे। अब तक खेले 99 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उन्होंने 58 गोल किए हैं और फ्रांस को कई बड़ी सफलताएं दिलाई हैं। वह फ्रांस के लिए 100 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले सिर्फ 10वें खिलाड़ी बनेंगे।
विश्व कप में भी रिकॉर्ड पर नजर
एमबाप्पे का विश्व कप रिकॉर्ड भी शानदार रहा है। 2018 विश्व कप में उन्होंने चार गोल किए थे और फ्रांस को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। वहीं 2022 विश्व कप में उन्होंने आठ गोल दागकर गोल्डन बूट अपने नाम किया था। सेनेगल के खिलाफ दो गोलों के बाद अब विश्व कप में उनके कुल गोलों की संख्या 14 हो चुकी है।
ऐसे में इराक के खिलाफ एक और गोल उन्हें ब्राजील के महान स्ट्राइकर रोनाल्डो की बराबरी पर पहुंचा सकता है। दो गोल से वह मेसी और क्लोज की बराबरी करेंगे, जबकि तीन गोल से उनका नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो जाएगा।
एमबाप्पे ने वर्ष 2017 में सिर्फ 18 साल की उम्र में फ्रांस के लिए पदार्पण किया था। तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि आने वाले वर्षों में वह फ्रांसीसी फुटबॉल के सबसे बड़े चेहरों में शामिल हो जाएंगे। अब तक खेले 99 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उन्होंने 58 गोल किए हैं और फ्रांस को कई बड़ी सफलताएं दिलाई हैं। वह फ्रांस के लिए 100 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले सिर्फ 10वें खिलाड़ी बनेंगे।
विश्व कप में भी रिकॉर्ड पर नजर
एमबाप्पे का विश्व कप रिकॉर्ड भी शानदार रहा है। 2018 विश्व कप में उन्होंने चार गोल किए थे और फ्रांस को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। वहीं 2022 विश्व कप में उन्होंने आठ गोल दागकर गोल्डन बूट अपने नाम किया था। सेनेगल के खिलाफ दो गोलों के बाद अब विश्व कप में उनके कुल गोलों की संख्या 14 हो चुकी है।
विश्व कप इतिहास में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी
| खिलाड़ी | देश | गोल |
|---|---|---|
| मिरोस्लाव क्लोज | जर्मनी | 16 |
| लियोनल मेसी | अर्जेंटीना | 16* |
| रोनाल्डो | ब्राजील | 15 |
| किलियन एमबाप्पे | फ्रांस | 14 |
| गेर्ड मुलर | पश्चिम जर्मनी | 14 |
| जस्ट फोंटेन | फ्रांस | 13 |
| पेले | ब्राजील | 12 |
ऐसे में इराक के खिलाफ एक और गोल उन्हें ब्राजील के महान स्ट्राइकर रोनाल्डो की बराबरी पर पहुंचा सकता है। दो गोल से वह मेसी और क्लोज की बराबरी करेंगे, जबकि तीन गोल से उनका नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो जाएगा।
एमबाप्पे
- फोटो : IANS
डेशॉ और लोरिस के रिकॉर्ड पर भी नजर
अगर फ्रांस इस विश्व कप में लंबा सफर तय करता है तो एमबाप्पे जल्द ही अपने कोच और पूर्व कप्तान डिडिएर डेशॉ के 103 अंतरराष्ट्रीय मैचों के आंकड़े को पीछे छोड़ सकते हैं। इसके अलावा अगर वह फिट रहते हैं तो भविष्य में फ्रांस के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी ह्यूगो लोरिस (145 मैच) का रिकॉर्ड भी खतरे में पड़ सकता है।
अगर फ्रांस इस विश्व कप में लंबा सफर तय करता है तो एमबाप्पे जल्द ही अपने कोच और पूर्व कप्तान डिडिएर डेशॉ के 103 अंतरराष्ट्रीय मैचों के आंकड़े को पीछे छोड़ सकते हैं। इसके अलावा अगर वह फिट रहते हैं तो भविष्य में फ्रांस के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी ह्यूगो लोरिस (145 मैच) का रिकॉर्ड भी खतरे में पड़ सकता है।
टीम पहले, रिकॉर्ड बाद में
व्यक्तिगत उपलब्धियों के बावजूद एमबाप्पे का पूरा ध्यान टीम की सफलता पर है। मैच से पहले उन्होंने कहा, 'राष्ट्रीय टीम से बड़ा कुछ नहीं होता। 100 मैच खेलना वास्तव में ऐतिहासिक है, खासकर जब यह विश्व कप के दौरान हो। मैच की अहमियत और उस पर लगे दांव ही सबसे ज्यादा मायने रखते हैं। अगले दौर में पहुंचने के लिए हमें जीत की जरूरत है।'
व्यक्तिगत उपलब्धियों के बावजूद एमबाप्पे का पूरा ध्यान टीम की सफलता पर है। मैच से पहले उन्होंने कहा, 'राष्ट्रीय टीम से बड़ा कुछ नहीं होता। 100 मैच खेलना वास्तव में ऐतिहासिक है, खासकर जब यह विश्व कप के दौरान हो। मैच की अहमियत और उस पर लगे दांव ही सबसे ज्यादा मायने रखते हैं। अगले दौर में पहुंचने के लिए हमें जीत की जरूरत है।'
नॉकआउट का टिकट दांव पर
फ्रांस ने अपने पहले मुकाबले में सेनेगल को हराकर शानदार शुरुआत की थी। अब यदि टीम इराक को भी मात देने में सफल रहती है तो राउंड ऑफ 32 में उसकी जगह लगभग सुनिश्चित हो जाएगी। ऐसे में फिलाडेल्फिया में होने वाला यह मुकाबला सिर्फ फ्रांस की नॉकआउट उम्मीदों के लिए ही नहीं, बल्कि किलियन एमबाप्पे के करियर के एक और ऐतिहासिक अध्याय के लिए भी याद किया जाएगा।
फ्रांस ने अपने पहले मुकाबले में सेनेगल को हराकर शानदार शुरुआत की थी। अब यदि टीम इराक को भी मात देने में सफल रहती है तो राउंड ऑफ 32 में उसकी जगह लगभग सुनिश्चित हो जाएगी। ऐसे में फिलाडेल्फिया में होने वाला यह मुकाबला सिर्फ फ्रांस की नॉकआउट उम्मीदों के लिए ही नहीं, बल्कि किलियन एमबाप्पे के करियर के एक और ऐतिहासिक अध्याय के लिए भी याद किया जाएगा।