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FIFA World Cup: ऐतिहासिक जीत के बाद मिस्र को बड़ा झटका! क्यों नहीं मिली सिएटल में रुकने की अनुमति? जानें विवाद
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 22 Jun 2026 01:59 PM IST
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सार
फीफा विश्व कप 2026 में न्यूजीलैंड पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद मिस्र को बड़ा झटका लगा है। टीम प्रबंधन खिलाड़ियों की थकान कम करने के लिए सीधे सिएटल में रुकना चाहता था, लेकिन स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों ने इसकी अनुमति नहीं दी।
सालाह
- फोटो : FIFA.COM
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विस्तार
फीफा विश्व कप 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ यादगार जीत दर्ज कर इतिहास रचने वाली मिस्र की टीम को अब एक अप्रत्याशित चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। विश्व कप में 92 साल बाद पहली जीत का जश्न मना रही टीम की तैयारियों को झटका लगा है, क्योंकि स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों ने सिएटल में रुकने के उसके अनुरोध को खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद मोहम्मद सालाह की अगुआई वाली टीम को अपनी योजना बदलनी पड़ी है और अब उसे निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार स्पोकेन लौटना होगा, जहां से वह अपने अगले मुकाबले की तैयारी करेगी।
खिलाड़ियों की थकान कम करना चाहता था टीम प्रबंधन
मिस्र फुटबॉल संघ के टीम मैनेजर इब्राहिम हसन ने बताया कि कोचिंग स्टाफ ने न्यूजीलैंड पर 3-1 की शानदार जीत के बाद टीम को सीधे वैंकूवर से सिएटल ले जाने की योजना बनाई थी। इसका मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों को अतिरिक्त यात्रा से बचाना और 27 जून को ईरान के खिलाफ होने वाले बेहद अहम ग्रुप मुकाबले से पहले उन्हें पर्याप्त आराम देना था। इब्राहिम हसन ने कहा, 'सुरक्षा कारणों से स्थानीय अधिकारियों ने हमारे सिएटल में रुकने के अनुरोध को स्वीकार नहीं किया। इसलिए टीम को स्पोकेन वापस लौटना पड़ेगा।'
मिस्र फुटबॉल संघ के टीम मैनेजर इब्राहिम हसन ने बताया कि कोचिंग स्टाफ ने न्यूजीलैंड पर 3-1 की शानदार जीत के बाद टीम को सीधे वैंकूवर से सिएटल ले जाने की योजना बनाई थी। इसका मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों को अतिरिक्त यात्रा से बचाना और 27 जून को ईरान के खिलाफ होने वाले बेहद अहम ग्रुप मुकाबले से पहले उन्हें पर्याप्त आराम देना था। इब्राहिम हसन ने कहा, 'सुरक्षा कारणों से स्थानीय अधिकारियों ने हमारे सिएटल में रुकने के अनुरोध को स्वीकार नहीं किया। इसलिए टीम को स्पोकेन वापस लौटना पड़ेगा।'
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पुरानी योजना पर लौटना पड़ा
मूल कार्यक्रम के तहत मिस्र को कनाडा से स्पोकेन लौटना था और फिर 25 जून को सिएटल जाना था। हालांकि तकनीकी स्टाफ ने खिलाड़ियों की शारीरिक थकान को ध्यान में रखते हुए इस कार्यक्रम में बदलाव का प्रस्ताव रखा था। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की मंजूरी नहीं मिलने के कारण टीम अब उसी पुराने यात्रा कार्यक्रम का पालन करेगी। इससे खिलाड़ियों को अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ेगी, जिसका असर तैयारी पर पड़ सकता है।
मूल कार्यक्रम के तहत मिस्र को कनाडा से स्पोकेन लौटना था और फिर 25 जून को सिएटल जाना था। हालांकि तकनीकी स्टाफ ने खिलाड़ियों की शारीरिक थकान को ध्यान में रखते हुए इस कार्यक्रम में बदलाव का प्रस्ताव रखा था। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की मंजूरी नहीं मिलने के कारण टीम अब उसी पुराने यात्रा कार्यक्रम का पालन करेगी। इससे खिलाड़ियों को अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ेगी, जिसका असर तैयारी पर पड़ सकता है।
92 साल बाद मिली ऐतिहासिक जीत
इन व्यवस्थागत परेशानियों के बावजूद मिस्र का मनोबल ऊंचा है। टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए 3-1 से जीत दर्ज की थी। पहले हाफ में 0-1 से पिछड़ने के बावजूद मिस्र ने दूसरे हाफ में आक्रामक खेल दिखाया और लगातार तीन गोल दागकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। मुस्तफा जिको, मोहम्मद सालाह और ट्रेजेगुएट ने टीम के लिए गोल किए। यह जीत कई मायनों में ऐतिहासिक रही। मिस्र ने विश्व कप में अपनी पहली जीत दर्ज की और इसके लिए उसे 92 साल 25 दिन का लंबा इंतजार करना पड़ा। 1934 में पहली बार विश्व कप खेलने वाली टीम ने आखिरकार जीत का स्वाद चखा।
इन व्यवस्थागत परेशानियों के बावजूद मिस्र का मनोबल ऊंचा है। टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए 3-1 से जीत दर्ज की थी। पहले हाफ में 0-1 से पिछड़ने के बावजूद मिस्र ने दूसरे हाफ में आक्रामक खेल दिखाया और लगातार तीन गोल दागकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। मुस्तफा जिको, मोहम्मद सालाह और ट्रेजेगुएट ने टीम के लिए गोल किए। यह जीत कई मायनों में ऐतिहासिक रही। मिस्र ने विश्व कप में अपनी पहली जीत दर्ज की और इसके लिए उसे 92 साल 25 दिन का लंबा इंतजार करना पड़ा। 1934 में पहली बार विश्व कप खेलने वाली टीम ने आखिरकार जीत का स्वाद चखा।
सालाह ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि
मिस्र के कप्तान मोहम्मद सालाह ने इस जीत को देश के फुटबॉल इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया। उन्होंने कहा, 'यह अविश्वसनीय है। मेरे पास इसे शब्दों में बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं। यह खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और पूरे देश के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। उम्मीद है कि हम इसी तरह आगे बढ़ेंगे और इतिहास रचते हुए नॉकआउट चरण में पहुंचेंगे।' सालाह ने कहा कि फिलहाल टीम इस जीत का आनंद लेना चाहती है, लेकिन जल्द ही पूरा ध्यान अगले मुकाबले पर केंद्रित किया जाएगा।
मिस्र के कप्तान मोहम्मद सालाह ने इस जीत को देश के फुटबॉल इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया। उन्होंने कहा, 'यह अविश्वसनीय है। मेरे पास इसे शब्दों में बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं। यह खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और पूरे देश के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। उम्मीद है कि हम इसी तरह आगे बढ़ेंगे और इतिहास रचते हुए नॉकआउट चरण में पहुंचेंगे।' सालाह ने कहा कि फिलहाल टीम इस जीत का आनंद लेना चाहती है, लेकिन जल्द ही पूरा ध्यान अगले मुकाबले पर केंद्रित किया जाएगा।
ईरान के खिलाफ निर्णायक मुकाबला
ग्रुप-जी में स्थिति बेहद रोमांचक बनी हुई है। मिस्र की नजर अब ईरान के खिलाफ होने वाले मुकाबले पर होगी, जो नॉकआउट चरण की तस्वीर काफी हद तक साफ कर सकता है। हालांकि यात्रा संबंधी मुश्किलों ने टीम की तैयारियों को प्रभावित किया है, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली ऐतिहासिक जीत ने खिलाड़ियों का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा दिया है। अब मिस्र की कोशिश होगी कि वह इस लय को बरकरार रखे और विश्व कप में एक और बड़ा इतिहास रचे।
ग्रुप-जी में स्थिति बेहद रोमांचक बनी हुई है। मिस्र की नजर अब ईरान के खिलाफ होने वाले मुकाबले पर होगी, जो नॉकआउट चरण की तस्वीर काफी हद तक साफ कर सकता है। हालांकि यात्रा संबंधी मुश्किलों ने टीम की तैयारियों को प्रभावित किया है, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली ऐतिहासिक जीत ने खिलाड़ियों का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा दिया है। अब मिस्र की कोशिश होगी कि वह इस लय को बरकरार रखे और विश्व कप में एक और बड़ा इतिहास रचे।