{"_id":"6a75dbddb7a3988bc602a79f","slug":"mansukh-mandaviya-asks-nsfs-to-ensure-transparent-selection-trials-reduce-dependence-on-foreign-coaches-2026-08-07","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"खेल महासंघों से मांडविया की दो टूक: कैमरे के सामने हों चयन ट्रायल, विदेशी कोचों पर निर्भरता घटाएं","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल","slug":"sports"}}
खेल महासंघों से मांडविया की दो टूक: कैमरे के सामने हों चयन ट्रायल, विदेशी कोचों पर निर्भरता घटाएं
Fri, 07 Aug 2026 06:56 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Fri, 07 Aug 2026 06:56 PM IST
सार
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने राष्ट्रीय खेल महासंघों से चयन ट्रायल कैमरे के सामने कराने और प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने विदेशी कोचों पर निर्भरता कम कर भारतीय कोचों का मजबूत पूल तैयार करने, डोपिंग के खिलाफ सख्त रणनीति अपनाने और खिलाड़ियों को अधिक प्रतिस्पर्धी अवसर देने पर जोर दिया।
विज्ञापन
खेल मंत्री मनसुख मांडविया
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) से आगामी एशियाई खेलों जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से पहले चयन ट्रायल को पारदर्शी बनाने और विदेशी कोचों पर निर्भरता कम करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया में किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए और खुले चयन ट्रायल कैमरे के सामने कराए जाने चाहिए।
विज्ञापन
कैमरे के सामने हो चयन प्रक्रिया
नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय खेल महासंघों के सम्मेलन में मांडविया ने खेलों में पारदर्शिता, खिलाड़ियों के कल्याण, खेल प्रशासन और भारत की आगामी बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारियों की समीक्षा की। सम्मेलन में खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे, खेल सचिव हरि रंजन राव और भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
मांडविया ने कहा, 'खुले चयन ट्रायल कैमरे पर रिकॉर्ड किए जाने चाहिए और वहां पर्यवेक्षक मौजूद होने चाहिए। चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता से बिल्कुल भी समझौता नहीं होना चाहिए।' उन्होंने कहा कि किसी भी खिलाड़ी के साथ अन्याय न हो, यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक अन्याय कई रूपों में हो सकता है और ऐसी स्थिति में राष्ट्रीय खेल संचालन अधिनियम, 2025 सरकार को निवारक और सुधारात्मक कदम उठाने का अधिकार देता है।
नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय खेल महासंघों के सम्मेलन में मांडविया ने खेलों में पारदर्शिता, खिलाड़ियों के कल्याण, खेल प्रशासन और भारत की आगामी बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारियों की समीक्षा की। सम्मेलन में खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे, खेल सचिव हरि रंजन राव और भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
मांडविया ने कहा, 'खुले चयन ट्रायल कैमरे पर रिकॉर्ड किए जाने चाहिए और वहां पर्यवेक्षक मौजूद होने चाहिए। चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता से बिल्कुल भी समझौता नहीं होना चाहिए।' उन्होंने कहा कि किसी भी खिलाड़ी के साथ अन्याय न हो, यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक अन्याय कई रूपों में हो सकता है और ऐसी स्थिति में राष्ट्रीय खेल संचालन अधिनियम, 2025 सरकार को निवारक और सुधारात्मक कदम उठाने का अधिकार देता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
भारतीय कोचिंग सिस्टम मजबूत करने पर जोर
खेल मंत्री ने भारत में मजबूत स्वदेशी कोचिंग व्यवस्था विकसित करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि शूटिंग और मुक्केबाजी जैसे खेलों में विदेशी कोचों पर निर्भरता कम की जानी चाहिए। मांडविया ने कहा कि देश को अच्छे भारतीय कोचों का एक मजबूत भंडार तैयार करने की जरूरत है। खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ कोचों की क्षमता बढ़ाने में भी समान रूप से निवेश किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, 'हमें गुणवत्तापूर्ण भारतीय कोचों का एक रिपॉजिटरी तैयार करना होगा। खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने के साथ-साथ हमें अपने कोचों को प्रशिक्षित करने में भी समान रूप से निवेश करना चाहिए और उन्हें बेहतरीन अवसर तथा अंतरराष्ट्रीय अनुभव देना चाहिए। एक अच्छी तरह प्रशिक्षित कोच अंततः देश के लिए विश्वस्तरीय खिलाड़ी तैयार करेगा।'
खेल मंत्री ने भारत में मजबूत स्वदेशी कोचिंग व्यवस्था विकसित करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि शूटिंग और मुक्केबाजी जैसे खेलों में विदेशी कोचों पर निर्भरता कम की जानी चाहिए। मांडविया ने कहा कि देश को अच्छे भारतीय कोचों का एक मजबूत भंडार तैयार करने की जरूरत है। खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ कोचों की क्षमता बढ़ाने में भी समान रूप से निवेश किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, 'हमें गुणवत्तापूर्ण भारतीय कोचों का एक रिपॉजिटरी तैयार करना होगा। खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने के साथ-साथ हमें अपने कोचों को प्रशिक्षित करने में भी समान रूप से निवेश करना चाहिए और उन्हें बेहतरीन अवसर तथा अंतरराष्ट्रीय अनुभव देना चाहिए। एक अच्छी तरह प्रशिक्षित कोच अंततः देश के लिए विश्वस्तरीय खिलाड़ी तैयार करेगा।'
एशियाई खेल और ओलंपिक की तैयारियों की समीक्षा
सम्मेलन में राष्ट्रीय खेल महासंघों की राष्ट्रीय खेल संचालन अधिनियम के तहत अनुपालन स्थिति की समीक्षा की गई। इसके अलावा सितंबर-अक्तूबर में होने वाले एशियाई खेलों, 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक और अहमदाबाद में 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों पर भी विस्तृत प्रस्तुतियां दी गईं।
मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री लगातार खिलाड़ियों को मैदान पर बनाए रखने और देश में मजबूत लीग संस्कृति विकसित करने पर जोर देते रहे हैं। उन्होंने सभी राष्ट्रीय खेल महासंघों से खिलाड़ियों के लिए पूरे साल अधिक प्रतिस्पर्धी अवसर पैदा करने की दिशा में काम करने को कहा।
सम्मेलन में राष्ट्रीय खेल महासंघों की राष्ट्रीय खेल संचालन अधिनियम के तहत अनुपालन स्थिति की समीक्षा की गई। इसके अलावा सितंबर-अक्तूबर में होने वाले एशियाई खेलों, 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक और अहमदाबाद में 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों पर भी विस्तृत प्रस्तुतियां दी गईं।
मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री लगातार खिलाड़ियों को मैदान पर बनाए रखने और देश में मजबूत लीग संस्कृति विकसित करने पर जोर देते रहे हैं। उन्होंने सभी राष्ट्रीय खेल महासंघों से खिलाड़ियों के लिए पूरे साल अधिक प्रतिस्पर्धी अवसर पैदा करने की दिशा में काम करने को कहा।
डोपिंग
- फोटो : अमर उजाला/AI
डोपिंग पर पूरे नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत
मांडविया ने भारतीय खेलों से डोपिंग को खत्म करने के लिए व्यापक रणनीति की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है और सरकार एंटी-डोपिंग तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने के लिए संशोधनों पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि डोपिंग के खिलाफ केवल खिलाड़ियों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। निर्माताओं और आपूर्तिकर्ताओं से लेकर इसे उपलब्ध कराने और इस्तेमाल करने वालों तक पूरी श्रृंखला की पहचान कर पारदर्शी और मजबूत व्यवस्था के तहत कार्रवाई करनी होगी।
मांडविया ने भारतीय खेलों से डोपिंग को खत्म करने के लिए व्यापक रणनीति की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है और सरकार एंटी-डोपिंग तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने के लिए संशोधनों पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि डोपिंग के खिलाफ केवल खिलाड़ियों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। निर्माताओं और आपूर्तिकर्ताओं से लेकर इसे उपलब्ध कराने और इस्तेमाल करने वालों तक पूरी श्रृंखला की पहचान कर पारदर्शी और मजबूत व्यवस्था के तहत कार्रवाई करनी होगी।
राष्ट्रीय खेल चुनाव पैनल को जल्द अधिसूचित किया जाएगा
सम्मेलन में राष्ट्रीय खेल महासंघों ने राष्ट्रीय खेल चुनाव पैनल (एनएसईपी) की अधिसूचना में देरी का मुद्दा भी उठाया। यह पैनल खेल निकायों के चुनाव की प्रक्रिया की निगरानी करेगा। मांडविया ने कहा कि एनएसईपी को बहुत जल्द अधिसूचित किया जाएगा।
सम्मेलन में मौजूद एक सूत्र के अनुसार, हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों को भी बेहतर प्रसारण कवरेज दिलाने के लिए कदम उठाने की मांग की। इस पर मांडविया ने उन्हें इस मुद्दे को संबंधित अंतरराष्ट्रीय महासंघों के समक्ष उठाने की सलाह दी।
सम्मेलन में राष्ट्रीय खेल महासंघों ने राष्ट्रीय खेल चुनाव पैनल (एनएसईपी) की अधिसूचना में देरी का मुद्दा भी उठाया। यह पैनल खेल निकायों के चुनाव की प्रक्रिया की निगरानी करेगा। मांडविया ने कहा कि एनएसईपी को बहुत जल्द अधिसूचित किया जाएगा।
सम्मेलन में मौजूद एक सूत्र के अनुसार, हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों को भी बेहतर प्रसारण कवरेज दिलाने के लिए कदम उठाने की मांग की। इस पर मांडविया ने उन्हें इस मुद्दे को संबंधित अंतरराष्ट्रीय महासंघों के समक्ष उठाने की सलाह दी।