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Hindi News ›   Sports ›   Other Sports ›   Another setback for Sushil Kumar in the Sagar Dhankhar murder case; why did the Delhi High Court deny bail?

Sushil Kumar: सागर धनखड़ हत्याकांड में सुशील कुमार को फिर झटका, दिल्ली हाईकोर्ट ने क्यों नहीं दी जमानत?

Tue, 11 Aug 2026 06:05 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: स्वप्निल शशांक Updated Tue, 11 Aug 2026 06:05 PM IST
सार

ओलंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार को सागर धनखड़ हत्याकांड में दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने छह अगस्त को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने गवाहों को प्रभावित करने की आशंका, गिरफ्तारी से पहले के आचरण, अपराध की गंभीरता और मुकदमे के नतीजे को प्रभावित करने की उनकी क्षमता को अहम माना। सुशील कुमार मई 2021 से हिरासत में हैं।

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Another setback for Sushil Kumar in the Sagar Dhankhar murder case; why did the Delhi High Court deny bail?
पहलवान सुशील कुमार की फाइल फोटो - फोटो : X @ANI

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित सागर धनखड़ हत्याकांड में ओलंपियन सुशील कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति पुरुषैंद्र कुमार ने छह अगस्त को फैसला सुनाते हुए कहा कि मामले में जमानत देने के खिलाफ कई परिस्थितियां मौजूद हैं। कोर्ट ने खास तौर पर गवाहों को प्रभावित करने की आशंका को अहम माना। यह वही चिंता है जिसके आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने पहले सुशील कुमार को मिली जमानत रद्द की थी। इसके अलावा अदालत ने गिरफ्तारी से पहले उनके आचरण, अपराध की गंभीरता और चल रहे ट्रायल के नतीजे को प्रभावित करने की उनकी क्षमता को भी ध्यान में रखा।
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कोर्ट ने अपराध को बताया 'पूर्व नियोजित और वीभत्स हमला'
अदालत ने कहा कि सामान्य तौर पर जमानत नियम और जेल अपवाद है, लेकिन मौजूदा मामले में कथित अपराध 'पूर्व नियोजित और वीभत्स हमला था, जिसके परिणामस्वरूप मौत हुई।' कोर्ट ने कहा कि मामले में आग्नेयास्त्र की बरामदगी, वीडियो साक्ष्य और बड़ी मात्रा में ऐसी सामग्री मौजूद है, जिसकी ट्रायल के दौरान जांच होनी अभी बाकी है।

सुशील के वकील ने क्या दलील दी?
 
  • जमानत की मांग करते हुए सुशील कुमार के वकील ने दलील दी कि मृतक सागर धनखड़ के पिता, जिनकी शिकायत के आधार पर पहले जमानत रद्द हुई थी, अब ट्रायल में अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन नहीं कर रहे हैं। बचाव पक्ष ने इसे परिस्थितियों में बदलाव बताया।
  • साथ ही दलील दी गई कि सुशील कुमार पांच साल से अधिक समय से हिरासत में हैं और अब केवल औपचारिक तथा सरकारी गवाहों की गवाही बाकी है। इसलिए उन्हें नियमित जमानत दी जानी चाहिए। हालांकि, दिल्ली पुलिस और सागर धनखड़ के पिता ने जमानत याचिका का विरोध किया।
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कोर्ट ने कहा- पिता की गवाही का आकलन ट्रायल कोर्ट करेगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि सागर धनखड़ के पिता की गवाही को अभियोजन पक्ष के खिलाफ बताना विवादित है। अदालत ने कहा कि मृतक के पिता अशोक धनकड़ की गवाही अभियोजन के मामले का समर्थन करती है या नहीं, यह सबूतों के आकलन का विषय है। इसका फैसला ट्रायल कोर्ट करेगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि इसे ऐसी परिस्थितियों में बदलाव नहीं माना जा सकता, जिसके आधार पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले बंद किया गया जमानत का रास्ता फिर खोला जा सके।

सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में रद्द की थी जमानत
सुशील कुमार को मई 2021 में गिरफ्तार किया गया था। 19 जुलाई 2023 को एक सेशन कोर्ट ने उनके घुटने की सर्जरी के लिए एक सप्ताह की अंतरिम जमानत दी थी। इसके बाद चार मार्च 2025 को हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी। लेकिन 13 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस आदेश को पलटते हुए सुशील कुमार की जमानत रद्द कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि गवाहों पर उनका “प्रभावशाली दबदबा” होने या ट्रायल की कार्यवाही में देरी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
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ट्रायल कोर्ट ने भी जमानत देने से किया था इनकार
इससे पहले छह फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने भी सुशील कुमार को जमानत देने से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि आरोपी के गवाहों को प्रभावित करने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अक्तूबर 2022 में ट्रायल कोर्ट ने सुशील कुमार के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश, धमकी और घातक हथियार से दंगा करने से संबंधित भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी आरोप तय किए गए थे।

क्या है सागर धनखड़ हत्याकांड?
ट्रायल कोर्ट के मुताबिक, सागर धनखड़ का कथित तौर पर अपहरण कर उन्हें छत्रसाल स्टेडियम लाया गया था। वहां कई आरोपियों ने बेसबॉल और हॉकी स्टिक से उनके साथ बुरी तरह मारपीट की थी। इसी मामले में सुशील कुमार मई 2021 से हिरासत में हैं। अब दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा नियमित जमानत से इनकार किए जाने के बाद उन्हें फिलहाल इस मामले में जेल में ही रहना होगा।
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