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Atiqa Mir: 11 साल की अतीका मीर ने रचा इतिहास, 'फॉर्मूला-1 ऑफ कार्टिंग' में दो टॉप-10 फिनिश
Tue, 11 Aug 2026 07:06 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 11 Aug 2026 07:06 PM IST
सार
भारतीय रेसिंग सनसनी अतीका मीर ने FIA यूरोपियन चैंपियनशिप के राउंड-4 में दो टॉप-10 फिनिश हासिल कर इतिहास रच दिया। 11 साल की अतीका इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में दो टॉप-10 फिनिश करने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय बन गईं। उन्होंने हीट रेस में नौवां और 10वां स्थान हासिल किया।
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अतीका
- फोटो : Instagram
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विस्तार
स्वीडन के क्रिस्टियनस्टाड में हुई एफआईए यूरोपियन चैंपियनशिप के राउंड-4 में अतीका मीर ने शानदार प्रदर्शन किया। महज 11 साल की उम्र में उन्होंने 12-14 वर्ष के आयु वर्ग में दो टॉप-10 फिनिश हासिल किए। अतीका ने हीट रेस में क्रमशः नौवां और 10वां स्थान हासिल किया। वह इस प्रतियोगिता में वाइल्डकार्ड के तौर पर हिस्सा ले रही थीं और यह उनका केवल दूसरा एफआईए इवेंट था।
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क्वालिफाइंग में भी दिखी जबरदस्त रफ्तार
अतीका ने क्वालिफाइंग में 11वां स्थान हासिल किया। खास बात यह रही कि वह सबसे तेज समय से केवल 0.13 सेकेंड पीछे थीं। इस ग्रिड की प्रतिस्पर्धा का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मामूली समय के अंतर से ही ड्राइवरों की स्थिति में बड़ा बदलाव हो रहा था। अतीका कश्मीर मूल की हैं और उन्होंने 12 से 14 साल की उम्र के अनुभवी ड्राइवरों के बीच मुकाबला किया। वह इस ग्रिड में शामिल सबसे कम उम्र के ड्राइवरों में से एक थीं।
अतीका ने क्वालिफाइंग में 11वां स्थान हासिल किया। खास बात यह रही कि वह सबसे तेज समय से केवल 0.13 सेकेंड पीछे थीं। इस ग्रिड की प्रतिस्पर्धा का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मामूली समय के अंतर से ही ड्राइवरों की स्थिति में बड़ा बदलाव हो रहा था। अतीका कश्मीर मूल की हैं और उन्होंने 12 से 14 साल की उम्र के अनुभवी ड्राइवरों के बीच मुकाबला किया। वह इस ग्रिड में शामिल सबसे कम उम्र के ड्राइवरों में से एक थीं।
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‘फॉर्मूला-1 ऑफ कार्टिंग’ में मिली बड़ी कामयाबी
एफआईए यूरोपियन चैंपियनशिप को कार्टिंग की दुनिया का ‘फॉर्मूला-1’ कहा जाता है। यह प्रतियोगिता खेल की वैश्विक संस्था FIA की ओर से सीधे आयोजित की जाती है और कार्टिंग में इसे सबसे ऊंचे स्तर की प्रतियोगिताओं में गिना जाता है। अतीका भारत की पहली ऐसी ड्राइवर भी हैं, जिन्हें एफ1 एकेडमी का समर्थन मिला है। उनके नाम रेस जीत और पोल पोजिशन भी दर्ज हैं।
अपनी इस उपलब्धि पर अतीका ने कहा, 'मैं यहां अपने प्रदर्शन से बहुत खुश हूं। हमने अपने सभी लक्ष्य हासिल किए और इन FIA इवेंट्स की तकनीकी समझ भी अच्छी हुई है। मैंने अपनी ड्राइविंग में भी सुधार किया है और मुझे लगता है कि कुछ और अनुभव के साथ मैं ग्रिड में आगे के ड्राइवरों को चुनौती दे सकती हूं। मुझे लगता है कि मैं अगले साल पूरी चैंपियनशिप के लिए तैयार हूं।'
एफआईए यूरोपियन चैंपियनशिप को कार्टिंग की दुनिया का ‘फॉर्मूला-1’ कहा जाता है। यह प्रतियोगिता खेल की वैश्विक संस्था FIA की ओर से सीधे आयोजित की जाती है और कार्टिंग में इसे सबसे ऊंचे स्तर की प्रतियोगिताओं में गिना जाता है। अतीका भारत की पहली ऐसी ड्राइवर भी हैं, जिन्हें एफ1 एकेडमी का समर्थन मिला है। उनके नाम रेस जीत और पोल पोजिशन भी दर्ज हैं।
अपनी इस उपलब्धि पर अतीका ने कहा, 'मैं यहां अपने प्रदर्शन से बहुत खुश हूं। हमने अपने सभी लक्ष्य हासिल किए और इन FIA इवेंट्स की तकनीकी समझ भी अच्छी हुई है। मैंने अपनी ड्राइविंग में भी सुधार किया है और मुझे लगता है कि कुछ और अनुभव के साथ मैं ग्रिड में आगे के ड्राइवरों को चुनौती दे सकती हूं। मुझे लगता है कि मैं अगले साल पूरी चैंपियनशिप के लिए तैयार हूं।'
पिता आसिफ मीर ने भी की तारीफ
अतीका के पिता और भारत के पहले राष्ट्रीय कार्टिंग चैंपियन आसिफ मीर ने भी उनके प्रदर्शन को उम्मीद से बेहतर बताया। उन्होंने कहा, 'अतीका ने अपनी उम्र से कहीं ज्यादा परिपक्वता दिखाई। उसका मुकाबला दुनिया के शीर्ष कार्टिंग ड्राइवरों और फॉर्मूला-1 के जूनियर डेवलपमेंट ड्राइवरों से था। क्वालिफाइंग में उनकी रफ्तार बेहद उत्साहजनक रही और वह सबसे तेज समय से केवल एक सेकेंड के दसवें हिस्से के अंतर पर थीं। उन्हें अभी बहुत कुछ सीखना है और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ड्राइवरों के साथ ड्राइविंग करने से उन्हें उनसे सीखने का अवसर मिलेगा। हमें लगता है कि अगले साल हम चैंपियनशिप की दौड़ में होंगे। वह अभी सिर्फ 11 साल की है, इसलिए उसके पास काफी समय है।'
स्पेन में भी बना चुकी हैं रिकॉर्ड
अतीका ने इससे पहले मई में स्पेन में एफआईए यूरोपियन चैंपियनशिप के राउंड-2 में छठा स्थान हासिल किया था। तब भी वह इस प्रतियोगिता में टॉप-10 में पहुंचने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय बनी थीं।
अतीका के पिता और भारत के पहले राष्ट्रीय कार्टिंग चैंपियन आसिफ मीर ने भी उनके प्रदर्शन को उम्मीद से बेहतर बताया। उन्होंने कहा, 'अतीका ने अपनी उम्र से कहीं ज्यादा परिपक्वता दिखाई। उसका मुकाबला दुनिया के शीर्ष कार्टिंग ड्राइवरों और फॉर्मूला-1 के जूनियर डेवलपमेंट ड्राइवरों से था। क्वालिफाइंग में उनकी रफ्तार बेहद उत्साहजनक रही और वह सबसे तेज समय से केवल एक सेकेंड के दसवें हिस्से के अंतर पर थीं। उन्हें अभी बहुत कुछ सीखना है और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ड्राइवरों के साथ ड्राइविंग करने से उन्हें उनसे सीखने का अवसर मिलेगा। हमें लगता है कि अगले साल हम चैंपियनशिप की दौड़ में होंगे। वह अभी सिर्फ 11 साल की है, इसलिए उसके पास काफी समय है।'
स्पेन में भी बना चुकी हैं रिकॉर्ड
अतीका ने इससे पहले मई में स्पेन में एफआईए यूरोपियन चैंपियनशिप के राउंड-2 में छठा स्थान हासिल किया था। तब भी वह इस प्रतियोगिता में टॉप-10 में पहुंचने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय बनी थीं।