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SAI की जांच के घेरे में राष्ट्रीय कोच: चेन्नई शूटिंग रेंज टेंडर विवाद क्या? NRAI ने किया आरोपों से किनारा
Thu, 06 Aug 2026 06:34 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Thu, 06 Aug 2026 06:34 PM IST
सार
चेन्नई में शूटिंग रेंज निर्माण के ठेके को लेकर कथित हितों के टकराव के आरोपों के बाद भारतीय राष्ट्रीय शॉटगन कोच साइ की जांच के दायरे में आ गए हैं। हालांकि, एनआरएआई ने कहा है कि उसे किसी भी जांच या कोच की निजी व्यावसायिक गतिविधियों की जानकारी नहीं है
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साइ
- फोटो : SAI
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विस्तार
आगामी एशियन गेम्स की तैयारियों से जुड़े भारतीय शूटिंग टीम के एक वरिष्ठ राष्ट्रीय शॉटगन कोच कथित हितों के टकराव के आरोपों के बाद जांच के दायरे में आ गए हैं। मामला चेन्नई में शूटिंग रेंज निर्माण के लिए दिए गए ठेके से जुड़ा है। इस संबंध में भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) को एक औपचारिक शिकायत मिली है, जिसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
साइ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मुख्यालय को शिकायत प्राप्त हुई है और इसे जांच के लिए स्टेडिया डिवीजन तथा दिल्ली के क्षेत्रीय निदेशक को भेजा गया है। अधिकारी के अनुसार शिकायत किसी अज्ञात व्यक्ति ने नहीं, बल्कि नाम के साथ दर्ज कराई गई है, इसलिए सरकारी प्रक्रिया के तहत इसकी जांच की जाएगी।
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साइ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मुख्यालय को शिकायत प्राप्त हुई है और इसे जांच के लिए स्टेडिया डिवीजन तथा दिल्ली के क्षेत्रीय निदेशक को भेजा गया है। अधिकारी के अनुसार शिकायत किसी अज्ञात व्यक्ति ने नहीं, बल्कि नाम के साथ दर्ज कराई गई है, इसलिए सरकारी प्रक्रिया के तहत इसकी जांच की जाएगी।
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क्या है पूरा मामला?
पीटीआई से बातचीत में एक पूर्व निशानेबाज ने दावा किया कि विवाद चेन्नई में लगभग 15-16 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली पांच शॉटगन शूटिंग रेंज के ठेके से जुड़ा है। आरोप है कि संबंधित राष्ट्रीय कोच ने भी इस परियोजना के लिए बोली लगाई थी। इसके बाद असफल बोलीदाता ने टेंडर प्रक्रिया को लेकर सतर्कता (विजिलेंस) विभाग में शिकायत दर्ज कराई। सूत्रों का यह भी दावा है कि लंबित जांच को देखते हुए संबंधित कोच को 19 सितंबर से 4 अक्तूबर तक जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भारतीय कोचिंग दल में शामिल नहीं किया जा सकता।
एनआरएआई ने क्या कहा?
नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) के महासचिव पवन कुमार सिंह ने यात्रा में होने का हवाला देते हुए इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वहीं, अध्यक्ष कालीकेश सिंह देव ने भी पीटीआई के सवालों का जवाब नहीं दिया।
हालांकि, एनआरएआई की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि संघ को किसी भी कोच की निजी व्यावसायिक गतिविधियों या किसी सतर्कता जांच की जानकारी नहीं है। बयान में कहा गया कि एशियन गेम्स की तैयारी के लिए प्रस्तावित कोचों की सूची को साइ से आंशिक मंजूरी मिली है, जिसमें कुछ नाम शामिल नहीं किए गए हैं। इस संबंध में साइ से आगे के निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है।
पीटीआई से बातचीत में एक पूर्व निशानेबाज ने दावा किया कि विवाद चेन्नई में लगभग 15-16 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली पांच शॉटगन शूटिंग रेंज के ठेके से जुड़ा है। आरोप है कि संबंधित राष्ट्रीय कोच ने भी इस परियोजना के लिए बोली लगाई थी। इसके बाद असफल बोलीदाता ने टेंडर प्रक्रिया को लेकर सतर्कता (विजिलेंस) विभाग में शिकायत दर्ज कराई। सूत्रों का यह भी दावा है कि लंबित जांच को देखते हुए संबंधित कोच को 19 सितंबर से 4 अक्तूबर तक जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भारतीय कोचिंग दल में शामिल नहीं किया जा सकता।
एनआरएआई ने क्या कहा?
नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) के महासचिव पवन कुमार सिंह ने यात्रा में होने का हवाला देते हुए इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वहीं, अध्यक्ष कालीकेश सिंह देव ने भी पीटीआई के सवालों का जवाब नहीं दिया।
हालांकि, एनआरएआई की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि संघ को किसी भी कोच की निजी व्यावसायिक गतिविधियों या किसी सतर्कता जांच की जानकारी नहीं है। बयान में कहा गया कि एशियन गेम्स की तैयारी के लिए प्रस्तावित कोचों की सूची को साइ से आंशिक मंजूरी मिली है, जिसमें कुछ नाम शामिल नहीं किए गए हैं। इस संबंध में साइ से आगे के निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है।
संबंधित कोच की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं
जिस राष्ट्रीय शॉटगन कोच पर आरोप लगे हैं, उन्होंने भी फोन कॉल का जवाब नहीं दिया और इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
एक अन्य राष्ट्रीय कोच भी जांच के दायरे में
इस बीच, भारतीय राइफल टीम के हाई परफॉर्मेंस कोच मनोज कुमार भी साइ की जांच का सामना कर रहे हैं। उन पर सरकारी स्वामित्व वाली डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में निजी कोचिंग चलाने और निजी सत्रों में शामिल न होने वाले निशानेबाजों के साथ कथित भेदभाव करने के आरोप हैं। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में हाल ही में साइ मुख्यालय में सुनवाई हुई, जिसमें प्रभावित खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों की शिकायतें सुनी गईं। जांच फिलहाल जारी है।
जिस राष्ट्रीय शॉटगन कोच पर आरोप लगे हैं, उन्होंने भी फोन कॉल का जवाब नहीं दिया और इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
एक अन्य राष्ट्रीय कोच भी जांच के दायरे में
इस बीच, भारतीय राइफल टीम के हाई परफॉर्मेंस कोच मनोज कुमार भी साइ की जांच का सामना कर रहे हैं। उन पर सरकारी स्वामित्व वाली डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में निजी कोचिंग चलाने और निजी सत्रों में शामिल न होने वाले निशानेबाजों के साथ कथित भेदभाव करने के आरोप हैं। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में हाल ही में साइ मुख्यालय में सुनवाई हुई, जिसमें प्रभावित खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों की शिकायतें सुनी गईं। जांच फिलहाल जारी है।