फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   Winning a medal in CWG will be harder than Asian Games, say India's top 400m runners Know details

CWG 2026: एशियन गेम्स से पहले ग्लासगो में होगी असली परीक्षा, भारतीय धावकों ने बताया क्यों कठिन है पदक जीतना

Tue, 14 Jul 2026 08:44 PM IST
मयंक त्रिपाठी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मयंक त्रिपाठी Updated Tue, 14 Jul 2026 08:44 PM IST
सार

भारत के शीर्ष 400 मीटर धावकों का मानना है कि ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में एशियन गेम्स की तुलना में अधिक कड़ी प्रतिस्पर्धा होगी। खिलाड़ियों का कहना है कि यह टूर्नामेंट एशियन गेम्स से पहले खुद को परखने और बेहतर प्रदर्शन की तैयारी का बेहतरीन अवसर होगा।

विज्ञापन
Winning a medal in CWG will be harder than Asian Games, say India's top 400m runners Know details
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 - फोटो : Commonwealth games

विस्तार

भारत के शीर्ष 400 मीटर धावकों का मानना है कि आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पदक जीतना इस साल होने वाले एशियन गेम्स की तुलना में अधिक कठिन होगा। उनका कहना है कि ग्लासगो में मिलने वाली कड़ी प्रतिस्पर्धा एशियन गेम्स से पहले खुद को परखने का बेहतरीन अवसर साबित होगी। 23 जुलाई से शुरू हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत 32 सदस्यीय एथलेटिक्स टीम उतारेगा। इसके लगभग दो महीने बाद एशियन गेम्स का आयोजन होगा।
विज्ञापन


'कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रतिस्पर्धा ज्यादा कठिन'
पुरुष 400 मीटर और मिश्रित 4x400 मीटर रिले में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले विशाल थेन्नारासु कयालविझी ने कहा कि ग्लासगो में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसे मजबूत देशों के धावकों की मौजूदगी भारतीय एथलीटों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा, 'कॉमनवेल्थ गेम्स कठिन है, लेकिन अगर हम अच्छी तैयारी करें तो पदक जीतना संभव है। कोई भी बड़ा टूर्नामेंट आसान नहीं होता, चाहे वह एशियन गेम्स हो या कॉमनवेल्थ गेम्स। मेरे लिए यह खुद को साबित करने का बड़ा मौका है और मैं वहां अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करूंगा।"
विज्ञापन


पर्सनल बेस्ट प्रदर्शन पर रहेगा फोकस
22 वर्षीय विशाल फिलहाल सरकार की ओर से प्रायोजित 45 दिन के अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर के लिए पोलैंड के स्पाला रवाना हुए हैं। 60 सदस्यीय भारतीय दल में 41 खिलाड़ी और 19 कोच व सपोर्ट स्टाफ शामिल हैं। विशाल ने कहा कि ग्लासगो में उनका पहला लक्ष्य दोनों स्पर्धाओं में अपना पर्सनल बेस्ट टाइम हासिल करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
  • फेडरेशन कप (रांची) में 400 मीटर में 44.98 सेकेंड का समय निकालकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया।
  • वर्ल्ड रिले (गाबोरोन, बोत्सवाना) में पुरुष 4x400 मीटर रिले में 3:00.32 मिनट का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
  • मिश्रित 4x400 मीटर रिले में उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 3:14.81 मिनट है, जो उन्होंने पिछले वर्ष चीन में आयोजित वर्ल्ड रिले में दर्ज किया था।
जय कुमार बोले- एशियन गेम्स मुख्य लक्ष्य, लेकिन सीडब्ल्यूजी ज्यादा चुनौतीपूर्ण
भारतीय धावक जय कुमार ने भी माना कि कॉमनवेल्थ गेम्स एशियन गेम्स की तुलना में ज्यादा कठिन प्रतियोगिता होगी, हालांकि इस साल उनका मुख्य लक्ष्य एशियन गेम्स में अच्छा प्रदर्शन करना है। उन्होंने कहा, 'इस साल मेरा मुख्य लक्ष्य एशियन गेम्स है। इंटर-स्टेट और फेडरेशन कप मेरे लिए महत्वपूर्ण प्रतियोगिताएं थीं और वहां मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा। अब मैं 45 दिन के प्रशिक्षण शिविर के लिए पोलैंड जा रहा हूं और उसके बाद अपनी स्थिति का आकलन करूंगा।'


उन्होंने आगे कहा, 'कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स दोनों में पदक जीतना आसान नहीं होगा। अगर 400 मीटर की बात करें तो कॉमनवेल्थ गेम्स में विजेता खिलाड़ियों का समय आमतौर पर 43 से 45 सेकेंड के बीच रहता है, जबकि हाल के वर्षों में एशियन गेम्स में यह समय 45 सेकेंड से ऊपर रहा है।'

कॉमनवेल्थ गेम्स एशियन गेम्स की तैयारी का बड़ा मंच
भारतीय 400 मीटर धावकों का मानना है कि ग्लासगो में मिलने वाली कड़ी प्रतिस्पर्धा उन्हें अपनी कमियों को पहचानने और प्रदर्शन में सुधार करने का अवसर देगी। ऐसे में कॉमनवेल्थ गेम्स न केवल पदक की चुनौती होगी, बल्कि एशियन गेम्स की तैयारी के लिए भी एक अहम परीक्षा साबित होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed