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Spain vs France: स्पेन की जीत के बाद कोच फुएंते ने खोला सफलता का राज, डेशां बोले- हम अपने स्तर पर नहीं खेल पाए
Wed, 15 Jul 2026 11:22 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, अटलांटा
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, अटलांटा
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Wed, 15 Jul 2026 11:22 AM IST
सार
फीफा विश्व कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से हराकर 16 साल बाद फाइनल में जगह बनाई। जीत के बाद स्पेन के मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते ने टीम की एकजुटता और अनुशासन को सफलता की सबसे बड़ी वजह बताया। वहीं फ्रांस के कोच डिडिएर डेशां ने स्वीकार किया कि उनकी टीम तकनीकी और आक्रामक दोनों मोर्चों पर अपने स्तर का प्रदर्शन नहीं कर सकी, जिसका खामियाजा उसे हार के रूप में भुगतना पड़ा।
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फुएंते और डेशॉ
- फोटो : IANS
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विस्तार
स्पेन ने फीफा विश्व कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में फ्रांस को 2-0 से हराकर 16 साल बाद विश्व कप फाइनल में जगह बना ली। डलास स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में मिकेल ओयारजाबाल और पेड्रो पोरो के गोलों की बदौलत स्पेन ने शुरुआत से अंत तक मैच पर नियंत्रण बनाए रखा। जीत के बाद जहां स्पेन के मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते ने टीम की एकजुटता को सफलता का सबसे बड़ा कारण बताया, वहीं फ्रांस के कोच डिडिएर डेशॉ ने माना कि उनकी टीम अपने सामान्य स्तर का प्रदर्शन नहीं कर सकी।
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फ्रांस बनाम स्पेन
- फोटो : FIFA.COM
फुएंते बोले- चार साल की मेहनत अब रंग ला रही है
मैच के बाद डे ला फुएंते ने कहा कि उनकी टीम पिछले चार वर्षों से एक स्पष्ट योजना के साथ काम कर रही है और अब उसका परिणाम दुनिया देख रही है। उन्होंने कहा, 'हमने लगभग चार साल पहले एक सोच के साथ काम शुरू किया था और पूरे समय उसी पर भरोसा बनाए रखा। आज हम दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक फ्रांस के खिलाफ खेले, लेकिन उनके सामने दुनिया की सबसे बेहतरीन टीम थी। हमारे खिलाड़ियों ने हर दिन अपनी मेहनत, समर्पण, एकजुटता और प्रतिभा का परिचय दिया है।'
मैच के बाद डे ला फुएंते ने कहा कि उनकी टीम पिछले चार वर्षों से एक स्पष्ट योजना के साथ काम कर रही है और अब उसका परिणाम दुनिया देख रही है। उन्होंने कहा, 'हमने लगभग चार साल पहले एक सोच के साथ काम शुरू किया था और पूरे समय उसी पर भरोसा बनाए रखा। आज हम दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक फ्रांस के खिलाफ खेले, लेकिन उनके सामने दुनिया की सबसे बेहतरीन टीम थी। हमारे खिलाड़ियों ने हर दिन अपनी मेहनत, समर्पण, एकजुटता और प्रतिभा का परिचय दिया है।'
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फ्रांस बनाम स्पेन
- फोटो : FIFA.COM
'टीमवर्क हमारी सबसे बड़ी ताकत है'
- स्पेन के कोच ने कहा कि उनकी टीम की सबसे बड़ी ताकत किसी एक खिलाड़ी का प्रदर्शन नहीं, बल्कि पूरा समूह है। उन्होंने खुलासा किया कि जो खिलाड़ी सेमीफाइनल में नहीं खेले, वे भी मैच खत्म होने के बाद अभ्यास करने के लिए मैदान पर रुके रहे।
- उन्होंने कहा, 'हमने 2010 वाले विश्व कप जैसा उत्साह और विश्वास फिर से हासिल कर लिया है। हमारी टीम का जज्बा इस बात से समझा जा सकता है कि जो खिलाड़ी सेमीफाइनल में नहीं खेले, वे भी मैच खत्म होने के बाद अभ्यास करने के लिए मैदान पर रुके रहे। यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।'
- एमबाप्पे जैसे स्टार खिलाड़ी को पूरे मैच में प्रभावी नहीं होने देने पर डे ला फुएंते ने कहा, 'फ्रांस दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक है, लेकिन हमने अनुशासन और टीमवर्क के दम पर उनके शॉट्स को रोका। जब पूरी टीम एकजुट होकर खेलती है, तब उसे हराना बेहद मुश्किल हो जाता है।'
- उन्होंने यह भी बताया कि जीत के बाद स्पेन के राजा फेलिप षष्ठम ने ड्रेसिंग रूम में फोन कर पूरी टीम को बधाई दी। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि फाइनल में पहुंचना अंतिम लक्ष्य नहीं है। फुएंते ने कहा, 'हमने एक बड़ा कदम जरूर उठाया है, लेकिन सबसे कठिन चुनौती अभी बाकी है। हमारा सपना विश्व कप जीतना और ट्रॉफी अपने नाम करना है।'
डेशॉ और एमबाप्पे
- फोटो : FIFA.COM
डेशॉ ने स्वीकारा- हम अपना खेल नहीं खेल पाए
- दूसरी ओर फ्रांस के कोच डिडिएर डेशॉ ने हार के बाद स्वीकार किया कि उनकी टीम तकनीकी और आक्रामक दोनों मोर्चों पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी।
- उन्होंने कहा, 'जाहिर है कि हम बहुत निराश हैं। हमारा लक्ष्य फाइनल में पहुंचना था, लेकिन हमें यह मानना होगा कि स्पेन ने मैच पर पूरी तरह से नियंत्रण बनाए रखा। खिलाड़ी बहुत दुखी हैं क्योंकि हमारी उम्मीदें बहुत ऊंची थीं। हम तकनीकी रूप से अपने सामान्य स्तर से नीचे थे।'
- डेशॉ ने माना कि फ्रांस की गलतियों ने स्पेन को हावी होने का मौका दिया। उन्होंने कहा, 'यह मुख्य रूप से हमारी अपनी गलती है। हम उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए और अटैक में उतने खतरनाक नहीं थे जितने हो सकते थे। हमने पासिंग में कुछ तकनीकी गलतियां कीं, जिनसे गोल करने के मौके बन सकते थे। हमने उस तरह का फुटबॉल नहीं खेला जैसा हम खेलना पसंद करते हैं और इसका खामियाजा भुगतना पड़ा।'
फ्रांस बनाम स्पेन
- फोटो : FIFA.COM
स्पेन के डिफेंस ने एमबाप्पे को बांधे रखा
डेशॉ ने स्पेन की रक्षापंक्ति की भी खुलकर तारीफ की। उन्होंने माना कि किलियन एमबाप्पे को पूरे मैच में खुलकर खेलने का मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा, 'स्पेन ने बेहतरीन डिफेंस किया और हमें बहुत कम जगह दी। हम सही समाधान नहीं खोज सके और हमारी तकनीकी गलतियों ने हमारी मुश्किलें और बढ़ा दीं।' मैच के दौरान फ्रांस को तब झटका लगा जब डिफेंडर विलियम सालिबा चोटिल होकर बाहर हो गए। हालांकि डेशॉ ने कहा कि खिलाड़ी को जोखिम में नहीं डालना चाहते थे, इसलिए उन्हें बदलने का फैसला लिया गया।
अब दोनों टीमों के सामने अलग-अलग चुनौती
स्पेन अब 19 जुलाई को विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से भिड़ेगा। वहीं फ्रांस को तीसरे स्थान के मुकाबले में उतरना होगा। डेशॉ ने अपने भविष्य पर कोई टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि फिलहाल टीम की हार को स्वीकार करना और स्पेन को बेहतर प्रदर्शन के लिए बधाई देना ही सबसे जरूरी है।
डेशॉ ने स्पेन की रक्षापंक्ति की भी खुलकर तारीफ की। उन्होंने माना कि किलियन एमबाप्पे को पूरे मैच में खुलकर खेलने का मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा, 'स्पेन ने बेहतरीन डिफेंस किया और हमें बहुत कम जगह दी। हम सही समाधान नहीं खोज सके और हमारी तकनीकी गलतियों ने हमारी मुश्किलें और बढ़ा दीं।' मैच के दौरान फ्रांस को तब झटका लगा जब डिफेंडर विलियम सालिबा चोटिल होकर बाहर हो गए। हालांकि डेशॉ ने कहा कि खिलाड़ी को जोखिम में नहीं डालना चाहते थे, इसलिए उन्हें बदलने का फैसला लिया गया।
अब दोनों टीमों के सामने अलग-अलग चुनौती
स्पेन अब 19 जुलाई को विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से भिड़ेगा। वहीं फ्रांस को तीसरे स्थान के मुकाबले में उतरना होगा। डेशॉ ने अपने भविष्य पर कोई टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि फिलहाल टीम की हार को स्वीकार करना और स्पेन को बेहतर प्रदर्शन के लिए बधाई देना ही सबसे जरूरी है।