{"_id":"6a0ff3f4517b6a3b260d66d6","slug":"apple-watch-airpods-pro-2-get-groundbreaking-health-features-india-2026-05-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"एपल ने पेश किए हेल्थ फीचर्स: अब घर बैठे मिनटों में होगा हियरिंग टेस्ट और नींद में सांस रुकने पर वॉच देगी अलर्ट","category":{"title":"Technology","title_hn":"टेक्नोलॉजी","slug":"technology"}}
एपल ने पेश किए हेल्थ फीचर्स: अब घर बैठे मिनटों में होगा हियरिंग टेस्ट और नींद में सांस रुकने पर वॉच देगी अलर्ट
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jagriti
Updated Fri, 22 May 2026 11:43 AM IST
विज्ञापन
सार
Apple Sleep Apnea Notification India: एपल ने भारत में अपने हेल्थ टेक पोर्टफोलियो को बड़ा अपडेट देते हुए दो नए फीचर्स लॉन्च किए हैं। अब Apple Watch आपकी नींद में सांस रुकने जैसी गंभीर समस्या का संकेत देकर अलर्ट करेगी, जबकि AirPods Pro घर बैठे सिर्फ 5 मिनट में Hearing Test भी करेगा। लेकिन आखिर Sleep Apnea क्या होता है? Apple के ये नए फीचर्स कैसे काम करते हैं, कितने उपयोगी हैं और इन्हें इस्तेमाल करने के लिए आपके पास कौन-कौन से डिवाइस होने जरूरी हैं? आइए जानते हैं विस्तार से...
एपल ने पेश किए दो हेल्थ अलर्ट फीचर्स
- फोटो : apple
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
AirPods Pro Hearing Test Feature: एपल ने भारत में दो बड़े हेल्थ फीचर्स लॉन्च कर दिए हैं। अब एपल वॉच, यूजर्स के गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के शुरुआती संकेत को पहचानकर उन्हें अलर्ट देने में मदद कर सकेंगे। इसमें स्लीप एप्निया जैसी समस्याएं शामिल हैं। आपको बता दें ये एक ऐसी गंभीर स्थिति होती है, जिसमें नींद के दौरान व्यक्ति की सांस बार-बार रुकती और शुरू होती है। कंपनी का कहना है कि दुनिया भर में करीब एक अरब से ज्यादा लोग इस बिमारी से प्रभावित हैं, लेकिन जागरूकता की कमी की वजह से ज्यादातर मामलों का पता ही नहीं चल पाता है। अगर समय से इसके बारे में पता चल जाए और इसका इलाज करा दिया जाए, तो आगे चलकर हाई ब्लड प्रेशर, टाइप-2 डायबिटीज और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कैसे काम करेगा यह फीचर?
एपल की घड़ी में जोड़ा गया नया फीचर कुछ इस तरह से काम करेगा...
हेल्थ एप में मिलेगा पूरा डाटा
एपल का यह फीचर सिर्फ नोटिफिकेशन भेजकर अलर्ट रहने तक ही सीमित नहीं रहेगा। यूजर्स हेल्थ एप में पिछले एक महीने, छह महीने या फिर एक साल तक का ब्रीथिंग डिस्टर्बेंस डेटा आसानी से देख सकेंगे। इसके अलावा पिछले तीन महीनों का पीडीएफ रिपोर्ट भी जरनेट हो सकेगा, जिसे डॉक्टर के साथ शेयर करना आसान हो सकेगा। कंपनी ने हेल्थ एप में Sleep Apnea से जुड़े एजुकेशनल आर्टिकल्स भी जोड़े हैं, ताकि यूजर्स इस बीमारी और उसके जोखिमों को बेहतर तरीके से समझ सकें।
AirPods Pro में Hearing Test: सिर्फ 5 मिनट में कानों की जांच
इसके अलावा एपल ने एयरपॉड्स प्रो में एक क्लिनिकल-ग्रेड हियरिंग टेस्ट फीचर जोड़ा है। यानी की अब यूजर ईयरफोन से गानों का लुत्फ उठाने के साथ-साथ अपने कानों की सेहत भी जान पाएगा। जानिए यह फीचर कैसे काम करेगा...
यह टेस्ट कैसे काम करता है?
AirPods Pro में मौजूद क्लिनिकल-ग्रेड हियरिंग टेस्ट फीचर प्योर-टोन ऑडियोमेट्री तकनीक पर आधारित है। जो सिर्फ पांच मिनट में आपके कानों की जांच करने में सक्षम में है। इसके लिए आपको कहीं जाने की जरूरत भी नहीं होगी, यह घर बैठे ही मिनटों में हो जाएगा।
ऑडियोग्राम रिपोर्ट: टेस्ट खत्म होते ही यह फीचर दोनों कानों में सुनने की क्षमता का सटीक स्तर, उसका वर्गीकरण (Classification) और जरूरी सिफारिशें स्क्रीन पर दिखा देगा। इसके बाद यह पूरा ऑडियोग्राम डेटा आईफोन के हेल्थ एप में सुरक्षित सेव हो जाता है, जिसे जरूरत पड़ने पर ईएनटी (ENT) यानी की कानों के डॉक्टर के साथ साझा किया जा सकता है।
डिवाइसेस में मिलेगा यह फीचर?
फिलहाल इस फीचर का लाभ उठाने के लिए यूजर्स के पास AirPods Pro 2 या उससे नए ईयरबड्स मॉडल होने चाहिए। साथ ही आपका आईफोन या आईपैड iOS 18 / iPadOS 18 या उससे ऊपर के लेटेस्ट सॉफ्टवेयर वर्जन पर अपडेटेड होना चाहिए।
पहले भी आए हैं ऐसे फीचर्स
एपल की वाइस प्रेसिडेंट (स्वास्थ्य और फिटनेस) सुम्बुल देसाई (Sumbul Desai) ने कहा कि हमारा हमेशा से यह मानना रहा है कि टेक्नोलॉजी ऐसी होनी चाहिए, जो लोगों को अपने स्वास्थ्य का नियंत्रण खुद अपने हाथों में लेने के लिए सशक्त बनाए। ये फीचर्स ऐसी स्वास्थ्य समस्याओं का शुरुआती संकेत दे सकते हैं, जिनके बारे में यूजर्स को पहले जानकारी भी नहीं होती। इसलिए एपल लगातार अपने डिवाइसेस को हेल्थ मॉनिटरिंग टूल में बदल रहा है। पहले ECG, गिरने का पता लगाना और हृदय गति की ट्रैकिंग जैसे फीचर्स आए थे, और अब स्लीप एपनिया की पहचान और सुनने की जांच जैसे एडवांस फीचर्स जोड़े गए हैं।
कैसे काम करेगा यह फीचर?
विज्ञापन
विज्ञापन
एपल की घड़ी में जोड़ा गया नया फीचर कुछ इस तरह से काम करेगा...
- कलाई की हलचल से पहचान: इसके लिए एपल ने Watch में नया स्लीप एप्निया नोटिफिकेशन फीचर जोड़ा है। यह घड़ी में मौजूद एडवांस एक्सेलरोमीटर (Accelerometer) सेंसर नींद के दौरान कलाई में होने वाली हल्के-हल्के हलचलों को बारीकी से ट्रैक करेगा। इसके बाद यह रात में सांस लेने में हाेने वाली रुकावटों का विश्लेषण करेगा है।
- 30 दिनों की निगरानी: यह वॉच लगातार 30 दिनों तक यूजर के सोने के पैटर्न और डेटा का बारीकी से अध्ययन करती है।
- फिर मिलेगा अलर्ट: अगर 30 दिनों तक लगातार यही लक्षण या संकेत एपल को मिले, तो वॉच यूजर की स्क्रीन पर एक नोटिफिकेशन (अलर्ट) भेजेगा और उन्हें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह भी देगा।
Trending Videos
हेल्थ एप में मिलेगा पूरा डाटा
एपल का यह फीचर सिर्फ नोटिफिकेशन भेजकर अलर्ट रहने तक ही सीमित नहीं रहेगा। यूजर्स हेल्थ एप में पिछले एक महीने, छह महीने या फिर एक साल तक का ब्रीथिंग डिस्टर्बेंस डेटा आसानी से देख सकेंगे। इसके अलावा पिछले तीन महीनों का पीडीएफ रिपोर्ट भी जरनेट हो सकेगा, जिसे डॉक्टर के साथ शेयर करना आसान हो सकेगा। कंपनी ने हेल्थ एप में Sleep Apnea से जुड़े एजुकेशनल आर्टिकल्स भी जोड़े हैं, ताकि यूजर्स इस बीमारी और उसके जोखिमों को बेहतर तरीके से समझ सकें।
AirPods Pro में Hearing Test: सिर्फ 5 मिनट में कानों की जांच
इसके अलावा एपल ने एयरपॉड्स प्रो में एक क्लिनिकल-ग्रेड हियरिंग टेस्ट फीचर जोड़ा है। यानी की अब यूजर ईयरफोन से गानों का लुत्फ उठाने के साथ-साथ अपने कानों की सेहत भी जान पाएगा। जानिए यह फीचर कैसे काम करेगा...
यह टेस्ट कैसे काम करता है?
AirPods Pro में मौजूद क्लिनिकल-ग्रेड हियरिंग टेस्ट फीचर प्योर-टोन ऑडियोमेट्री तकनीक पर आधारित है। जो सिर्फ पांच मिनट में आपके कानों की जांच करने में सक्षम में है। इसके लिए आपको कहीं जाने की जरूरत भी नहीं होगी, यह घर बैठे ही मिनटों में हो जाएगा।
ऑडियोग्राम रिपोर्ट: टेस्ट खत्म होते ही यह फीचर दोनों कानों में सुनने की क्षमता का सटीक स्तर, उसका वर्गीकरण (Classification) और जरूरी सिफारिशें स्क्रीन पर दिखा देगा। इसके बाद यह पूरा ऑडियोग्राम डेटा आईफोन के हेल्थ एप में सुरक्षित सेव हो जाता है, जिसे जरूरत पड़ने पर ईएनटी (ENT) यानी की कानों के डॉक्टर के साथ साझा किया जा सकता है।
डिवाइसेस में मिलेगा यह फीचर?
फिलहाल इस फीचर का लाभ उठाने के लिए यूजर्स के पास AirPods Pro 2 या उससे नए ईयरबड्स मॉडल होने चाहिए। साथ ही आपका आईफोन या आईपैड iOS 18 / iPadOS 18 या उससे ऊपर के लेटेस्ट सॉफ्टवेयर वर्जन पर अपडेटेड होना चाहिए।
पहले भी आए हैं ऐसे फीचर्स
एपल की वाइस प्रेसिडेंट (स्वास्थ्य और फिटनेस) सुम्बुल देसाई (Sumbul Desai) ने कहा कि हमारा हमेशा से यह मानना रहा है कि टेक्नोलॉजी ऐसी होनी चाहिए, जो लोगों को अपने स्वास्थ्य का नियंत्रण खुद अपने हाथों में लेने के लिए सशक्त बनाए। ये फीचर्स ऐसी स्वास्थ्य समस्याओं का शुरुआती संकेत दे सकते हैं, जिनके बारे में यूजर्स को पहले जानकारी भी नहीं होती। इसलिए एपल लगातार अपने डिवाइसेस को हेल्थ मॉनिटरिंग टूल में बदल रहा है। पहले ECG, गिरने का पता लगाना और हृदय गति की ट्रैकिंग जैसे फीचर्स आए थे, और अब स्लीप एपनिया की पहचान और सुनने की जांच जैसे एडवांस फीचर्स जोड़े गए हैं।