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Nvidia: एनवीडिया H200 चिप पर चीन की सख्त शर्तें; क्या जेंसन हुआंग की बात अनसुनी कर रहा है बीजिंग?

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुयश पांडेय Updated Wed, 14 Jan 2026 11:33 AM IST
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सार

चीन में एनवीडिया के H200 एआई चिप को लेकर स्थिति उतनी आसान नहीं दिख रही है, जितनी उम्मीद एनवीडिया के सीईओ जेंसन हुआंग को थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीनी सरकार ने अपनी टेक कंपनियों के लिए H200 चिप के इस्तेमाल पर सख्त और अस्पष्ट शर्तें लगा दी हैं।

China Tightens Rules on Nvidia H200 AI Chips, Giving Priority to Domestic Players
Nvidia H200 - फोटो : X
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विस्तार
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एनवीडिया के सीईओ जेंसन हुआंग को शायद चीन से वह प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है जिसकी उन्हें उम्मीद थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीनी सरकार ने अपनी टेक्नोलॉजी कंपनियों के जरिए एनवीडिया के H200 एआई चिप के इस्तेमाल पर सख्त शर्तें लगा दी हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, चीन अमेरिका के साथ अपनी टेक्नोलॉजी की दौड़ में घरेलू कंपनियों को प्राथमिकता देने की कोशिश कर रहा है। जिससे एनवीडिया के लिए राह मुश्किल होती दिख रही है।

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1. क्या कहती है रिपोर्ट?

'द इंफॉर्मेशन' की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीनी सरकार ने कुछ टेक कंपनियों को साफ कर दिया है कि वे एनवीडिया के H200 चिप की खरीद को केवल 'विशेष परिस्थितियों' में ही मंजूरी देंगे। इन विशेष परिस्थितियों में मुख्य रूप से यूनिवर्सिटी रिसर्च शामिल है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सरकार ने एक 'जानबूझकर अस्पष्ट' निर्देश जारी किया है। कंपनियों से कहा गया है कि वे चिप तभी खरीदें जब यह 'जरूरी' हो लेकिन इस 'जरूरी' का क्या पैमाना है, यह स्पष्ट नहीं किया गया है। यह कदम दर्शाता है कि चीन अभी भी अमेरिकी चिप दिग्गज एनवीडिया के लिए अपने बाजार को पूरी तरह से खोलने में सतर्क है। यह भी कहा जा रहा है कि चीनी सरकार इस निर्देश को और ज्यादा कंपनियों तक पहुंचाने के लिए अतिरिक्त बैठकें कर सकती है।

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2. घरेलू कंपनियों को प्राथमिकता 

यह खबर उस रिपोर्ट के ठीक बाद आई है जिसमें दावा किया गया था कि चीन ने कुछ कंपनियों को H200 चिप के ऑर्डर रोकने के लिए कहा है। इसका मुख्य उद्देश्य घरेलू चिप निर्माताओं को प्राथमिकता देना है। चीन एआई की दौड़ में अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम करना चाहता है और खुद को एक बड़ी शक्ति के रूप में स्थापित करना चाहता है।

3. पेमेंट को लेकर विवाद

हाल ही में रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि एनवीडिया चीनी कंपनियों के लिए सख्त नियम अपना रहा है। रिपोर्ट में कहा गया कि अनिश्चितता को देखते हुए, एनवीडिया चीनी ग्राहकों से H200 चिप के लिए पूरी पेमेंट एडवांस मांग रहा है। हालांकि, एनवीडिया ने इस दावे का खंडन किया है। कंपनी ने अपने बयान में कहा, 'हम कभी भी ग्राहकों से उन उत्पादों के लिए भुगतान करने की मांग नहीं करेंगे जो उन्हें प्राप्त नहीं हुए हैं।'

4. जेंसन हुआंग के दावे और जमीनी हकीकत

एनवीडिया के सीईओ जेंसन हुआंग ने हाल ही में दावा किया था कि उन्हें चीन से H200 चिप के लिए भारी ऑर्डर मिले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीनी कंपनियों ने 20 लाख से ज्यादा H200 चिप के ऑर्डर दिए हैं। एक H200 चिप की कीमत लगभग $27,000 (करीब 22-23 लाख रुपये) है। यह मांग एनवीडिया के पास मौजूद 700,000 चिप की इन्वेंट्री से कहीं ज्यादा है। हालांकि, समस्या यह है कि भले ही हुआवेई जैसी चीनी कंपनियों ने असेंड 910C जैसे एआई प्रोसेसर विकसित कर लिए हैं। लेकिन बड़े पैमाने पर एडवांस्ड एआई मॉडल्स की ट्रेनिंग के मामले में वे अभी भी एनवीडिया के H200 से प्रदर्शन में पीछे हैं।

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