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Meghalaya: एलन मस्क की Starlink के साथ मेघालय सरकार का बड़ा करार, बॉर्डर इलाकों तक पहुंचेगा हाई-स्पीड इंटरनेट

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Suyash Pandey Updated Thu, 02 Apr 2026 11:31 AM IST
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सार

Meghalaya Starlink Deal India: मेघालय सरकार ने राज्य के दूर-दराज और पहाड़ी इलाकों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने के लिए एलन मस्क की कंपनी 'स्टारलिंक' के साथ एक बड़ा समझौता किया है। इस सैटेलाइट इंटरनेट सेवा से न सिर्फ दुर्गम गांवों और बांग्लादेश बॉर्डर वाले इलाकों में कनेक्टिविटी पहुंचेगी, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आएगा।

Meghalaya Partners with Starlink to Bring High-Speed Satellite Internet to Remote Border Areas
स्टारलिंक के साथ मेघालय सरकार का बड़ा करार - फोटो : एआई
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विस्तार

टेक्नोलॉजी और डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में मेघालय एक बहुत बड़ा कदम उठाने जा रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक के साथ एक अहम समझौता किया है। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य राज्य के दूर-दराज, पहाड़ी और सीमावर्ती इलाकों तक तेज और बिना रुकावट वाला इंटरनेट पहुंचाना है। मुख्यमंत्री संगमा ने सोशल मीडिया पर इस साझेदारी की जानकारी देते हुए कहा कि टेक्नोलॉजी ने मेघालय में पहले ही सकारात्मक बदलाव लाए हैं। स्टारलिंक की एडवांस्ड सैटेलाइट तकनीक से राज्य के सबसे दुर्गम कोनों तक पहुंचना आसान हो जाएगा।

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बांग्लादेश से लगती है मेघालय की सीमा

मेघालय की भौगोलिक स्थिति रणनीतिक रूप से बहुत संवेदनशील है, क्योंकि इसकी लगभग 443 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा बांग्लादेश के साथ लगती है। इन सीमावर्ती इलाकों की असल चुनौती यहां की बनावट है। घने जंगलों, गहरी खाइयों और ऊंचे पहाड़ों की वजह से यहां मोबाइल टावर लगाना या ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाना लगभग नामुमकिन रहा है। ऐसे दुर्गम क्षेत्रों में स्टारलिंक का सैटेलाइट इंटरनेट एक अहम रणनीतिक कदम माना जा रहा है, क्योंकि यह जमीन के बजाय सीधे आसमान से हाई-स्पीड कनेक्टिविटी प्रदान करता है।

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इसका व्यापक प्रभाव न केवल बॉर्डर के आखिरी छोर पर बसे गांवों तक इंटरनेट पहुंचाने में दिखेगा, बल्कि यह सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों (BSF) की संचार व्यवस्था और निगरानी प्रणाली को भी पहले से कहीं अधिक मजबूत बनाएगा। इसके अलावा, इस डिजिटल क्रांति से सीमा पार होने वाले व्यापार और वहां की व्यापारिक चौकियों के डिजिटलाइजेशन को भी नई रफ्तार मिलेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में बड़ा सुधार आएगा।

आम लोगों को क्या होंगे सीधे फायदे?

इस तकनीक के आने से आम लोगों के जीवन में सीधा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। सबसे बड़ा सुधार स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में होगा, जहां इंटरनेट की मदद से 'टेलीमेडिसिन' यानी 'ऑनलाइन डॉक्टर परामर्श' जैसी सुविधाएं दूर-दराज के गांवों तक पहुंच सकेंगी और गंभीर स्थितियों में ऑनलाइन डॉक्टर की सलाह से लोगों की जान बचाना आसान हो जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में भी यह एक नई क्रांति लाएगा, जिससे दुर्गम इलाकों में रहने वाले छात्रों को ई-लर्निंग और दुनिया भर के शैक्षिक संसाधनों तक समान पहुंच मिलेगी। साथ ही, किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए यह आर्थिक प्रगति का जरिया बनेगा, क्योंकि उन्हें खेती की आधुनिक तकनीकों, मौसम के सटीक पूर्वानुमान और बाजार के ताजा भावों की जानकारी तुरंत मिल सकेगी। इससे किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

पूरे देश में कब शुरू होगी स्टारलिंक की सेवा?

मेघालय सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार के स्तर पर भी स्टारलिंक की भारत में एंट्री का रास्ता पूरी तरह साफ होता दिख रहा है। हाल ही में भारत सरकार ने नए टेलीकॉम कानून के तहत एक बड़ा नीतिगत बदलाव किया है। इसमें यह तय किया गया है कि सैटेलाइट इंटरनेट के लिए स्पेक्ट्रम की नीलामी नहीं की जाएगी, बल्कि इसे प्रशासनिक आवंटन के जरिए दिया जाएगा। आपको बता दें कि यह वही मांग है जिसे एलन मस्क लंबे समय से दोहरा रहे थे।

लाइसेंसिंग के मोर्चे पर भी बड़ी प्रगति हुई है। स्टारलिंक ने आधिकारिक तौर पर भारत के दूरसंचार विभाग (DoT) से GMPCS (ग्लोबल मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशन बाय सैटेलाइट) लाइसेंस हासिल कर लिया है और साथ ही अंतरिक्ष नियामक IN-SPACe से भी जरूरी मंजूरियां हासिल कर ली हैं। वर्तमान में, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) स्पेक्ट्रम की कीमतों और आवंटन की शर्तों को अंतिम रूप देने में जुटा है। जैसे ही सुरक्षा मानकों की अंतिम प्रक्रिया पूरी होगी, स्टारलिंक पूरे भारत में अपनी व्यावसायिक सेवाएं शुरू करने के लिए तैयार होगा। ऐसे में मेघालय ने समय रहते MoU साइन करके राज्य के लिए 'फर्स्ट-मूवर एडवांटेज' सुनिश्चित कर लिया है।

पूर्वोत्तर का नया 'टेक हब' बनेगा शिलांग

कनेक्टिविटी में सुधार के साथ-साथ मेघालय सरकार की नजर भविष्य पर भी है। सीएम संगमा ने कहा, "हम राजधानी शिलांग को पूर्वोत्तर भारत का एक प्रमुख आईटी (IT) और टेक्नोलॉजी हब बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" हाई-स्पीड सैटेलाइट इंटरनेट इस विजन को सच करने और राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने में 'गेम-चेंजर' साबित होगा।

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