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Abhigyan App: पुलिस के हाथ लगा हाईटेक टूल! फिंगरप्रिंट स्कैन करते ही खुल जाएगी अपराधियों की कुंडली

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीे Published by: Suyash Pandey Updated Sat, 20 Jun 2026 01:03 PM IST
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सार

Abhigyan App: गृह मंत्रालय ने पुलिस के लिए नया अभिज्ञान एप लॉन्च किया है। अब पुलिस को फिंगरप्रिंट मिलान करने के लिए संदिग्धों को थाने ले जाने की जरूरत नहीं होगी। स्मार्टफोन और एक छोटे स्कैनर की मदद से सड़क पर ही फिंगरप्रिंट स्कैन किए जा सकेंगे और मात्र 35 सेकंड में व्यक्ति का पूरा आपराधिक रिकॉर्ड स्क्रीन पर आ जाएगा।

Abhigyan App Launched: Police Can Now Check Criminal Records Through Real-Time Fingerprint Scans
अभिज्ञान एप (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एआई
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विस्तार

भारत सरकार ने पुलिस और जांच एजेंसियों को हाई-टेक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अभिज्ञान एप नाम से एक नया डिजिटल टूल लॉन्च किया है। यह एप स्मार्टफोन और एक पोर्टेबल स्कैनर की मदद से काम करेगा।



इससे पुलिस सड़क पर चलते हुए भी किसी भी संदिग्ध व्यक्ति का फिंगरप्रिंट स्कैन करके उसका पूरा आपराधिक इतिहास चुटकियों में जान सकेगी। आइए समझते हैं कि यह तकनीक कैसे काम करेगी और इसके क्या फायदे होंगे।

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क्या है अभिज्ञान एप और यह कैसे काम करता है?

इस एप को राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने डेवलप किया है। आसान शब्दों में कहें तो यह एप पुलिस के स्मार्टफोन को एक स्मार्ट इन्वेस्टिगेशन टूल में बदल देता है।

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पोर्टेबल फिंगरप्रिंट स्कैनर: पुलिस के पास स्मार्टफोन से कनेक्ट होने वाला एक छोटा फिंगरप्रिंट स्कैनर होगा।
NAFIS डेटाबेस से है लिंक: यह एप सीधे नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (NAFIS) से जुड़ा है। यह एक ऐसा सेंट्रल सर्वर है जहां देशभर के अपराधियों और कैदियों के फिंगरप्रिंट डिजिटल फॉर्म में सेव रहते हैं।
चंद सेकंड में मिलेगा रिजल्ट: जैसे ही पुलिस किसी संदिग्ध का अंगूठा स्कैनर पर लगाएगी, यह एप सिर्फ 35 सेकंड में उस फिंगरप्रिंट को डेटाबेस से मैच करके स्मार्टफोन स्क्रीन पर दिखा देगा कि उस व्यक्ति का कोई पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड है या नहीं।
 


इस टेक्नोलॉजी के आने से क्या बदलेगा?

पहले किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के फिंगरप्रिंट मैच करने के लिए पुलिस को उसे थाने या जिला मुख्यालय ले जाना पड़ता था, क्योंकि यह सुविधा पूरे देश में सिर्फ 1,556 जगहों (वर्कस्टेशनों) पर ही मौजूद थी।

लेकिन अब अभिज्ञान एप के आने से रियल-टाइम चेकिंग संभव हो गई है। पुलिस नाकेबंदी या गश्त के दौरान सड़क पर ही चेकिंग कर सकेगी। इससे वांटेड अपराधियों को मौके से भागने का मौका नहीं मिलेगा और आम लोगों को बेवजह थाने के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।


एप में मौजूद हैं ये खास फीचर्स

 
फीचर डिटेल
विशाल डेटाबेस इसमें 1.3 करोड़ से ज्यादा अपराधियों का रिकॉर्ड मौजूद है।
खास क्रिमिनल्स का डेटा इसमें 9.91 लाख ड्रग तस्करों और 3.65 लाख मानव तस्करी के मामलों का डेटा शामिल है।
सिक्योरिटी पुलिस का यह एप टू-स्टेप ऑथेंटिकेशन (2FA) से सुरक्षित है, ताकि कोई इसका गलत इस्तेमाल न कर सके।


टेक और सिक्योरिटी का शानदार तालमेल

इस एप की लॉन्चिंग के दौरान गृह मंत्री ने कहा कि अब अपराधियों को सिर्फ पकड़ना ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें साइंटिफिक और तकनीकी सबूतों के आधार पर सजा दिलाना भी जरूरी है। आने वाले समय में फिंगरप्रिंट के अलावा डीएनए, फेशियल रिकॉग्निशन और आईरिस स्कैन जैसे डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल पुलिसिंग में और बढ़ेगा।

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