FiMI AI Assistant: अब यूपीआई यूजर्स को तुरंत मिलेगा शिकायतों का समाधान, NPCI ने लॉन्च किया FiMI एआई मॉडल
FiMI AI Assistant For UPI: NPCI ने यूपीआई पेमेंट से जुड़ी शिकायतों और समस्याओं को तेजी से हल करने के लिए 'FiMI' (फाइनेंस मॉडल फॉर इंडिया) नाम का नया एआई असिस्टेंट लॉन्च किया है। ये भारत में बना एआई मॉडल पेमेंट फेल होने, देरी या शिकायत दर्ज करने जैसी समस्याओं का तुरंत और सही समाधान देता है।
विस्तार
भारत में डिजिटल पेमेंट काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। खासकर UPI (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) के जरिए हर रोज करोड़ों ट्राजैक्शन प्रतिदिन होते हैं। अगर डाटा की बात करें तो भारत में 64 करोड़ से अधिक ट्रांजैक्शन प्रतिदिन होते हैं। यह संख्या लगातार बढ़ रही है और हालिया आंकड़ों के अनुसार, UPI ने एक ही दिन में 70 करोड़ से अधिक लेनदेन का रिकॉर्ड भी बनाया है। लेकिन ट्राजैक्शन के इतने भार की वजह से पेमेंट फेल होना, देरी होना और शिकायतों जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने अपना नया एआई सिस्टम FiMI (फाइनेंस मॉडल फॉर इंडिया) लॉन्च किया है। ये एक एआई मॉडल है जिसे NPCI ने खुद तैयार किया है। FiMI को खास तौर पर UPI से जुड़ी समस्याओं, विवादों और ग्राहकों के सवालों का जल्दी और सही समाधान देने के लिए बनाया गया है। इसका मकसद डिजिटल पेमेंट को यूजर्स के लिए और आसान, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है।
क्या है FiMI एआई सिस्टम
FiMI (फाइनेंस मॉडल फॉर इंडिया) एक छोटा एआई मॉडल है जिसे NPCI ने खुद बनाया है। इसे खास तौर पर भारत के डिजिटल पेमेंट और UPI सिस्टम को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस एआई सिस्टम को नई दिल्ली में हुए इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 में लॉन्च किया गया। यह सामान्य एआई टूल्स से अलग है क्योंकि इसे खास तौर पर पेमेंट से जुड़ी जानकारी पर ट्रेन किया गया है। यह समझ सकता है कि UPI पेमेंट कैसे काम करता है, पेमेंट फेल क्यों होता है और शिकायतों को कैसे सुलझाया जाता है। डिजिटल पेमेंट में सही और स्पष्ट जानकारी बहुत जरूरी होती है क्योंकि छोटी गलती भी परेशानी या पैसे के नुकसान का कारण बन सकती है। FiMI का मुख्य उद्देश्य इन समस्याओं को कम करना और यूजर्स को जल्दी और सही मदद देना है।
कैसे काम करता है FiMI एआई सिस्टम?
FiMI एक छोटा एआई मॉडल है जिसे नई दिल्ली में हुए इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 में पेश किया गया। इसे खास तौर पर भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम के लिए बनाया गया है।
NPCI ने खुद बनाया: FiMI को पूरी तरह NPCI ने इन-हाउस तैयार किया है यानी इसे किसी दूसरी कंपनी ने नहीं बनाया।
UPI से जुड़ी पूरी जानकारी: यह एआई मॉडल समझ सकता है कि UPI कैसे काम करता है, पेमेंट फेल क्यों होता है और शिकायतों को कैसे सुलझाया जाता है।
सही और भरोसेमंद जवाब: पेमेंट और बैंकिंग में छोटी गलती भी नुकसान का कारण बन सकती है। इसलिए FiMI को इस तरह बनाया गया है कि यह यूजर्स को सही, स्पष्ट और भरोसेमंद जानकारी दे सके।
UPI यूजर्स को कैसे मदद करेगा FiMI
FiMI टूल आपको UPI के हेल्प असिस्टेंट में मिलेगा। इसकी मदद से आप आसान भाषा में अपना सवाल पूछ सकते हैं और तुरंत जवाब पा सकते हैं। FiMI इन चीजों में आपकी मदद करेगा:
- फेल हुए पेमेंट की जानकारी देगा
- पेमेंट में देरी होने पर क्या करना है, यह बताएगा
- शिकायत या चार्जबैक कैसे करना है, इसकी जानकारी देगा
- पूरी प्रक्रिया स्टेप-बाय-स्टेप समझाएगा
सबसे अच्छी बात यह है कि अब आपको कस्टमर केयर पर कॉल करने या लंबी लिस्ट में ऑप्शन खोजने की जरूरत नहीं होगी। आपको सारी मदद सीधे एआई के जरिए मिल जाएगी।
इन भारतीय भाषाओं में मौजूद
डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए FiMI को फिलहाल 4 भाषाओं में लॉन्च किया गया है। इसमें शामिल हैं:
- हिंदी
- अंग्रेजी
- तेलुगु
- बंगाली
NPCI का कहना है कि अगले 6 से 8 महीनों में इसमें और भारतीय भाषाएं भी जोड़ी जाएंगी। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग अपनी भाषा में इसका आसानी से इस्तेमाल कर सकें।
डिजिटल पेमेंट सिस्टम को बनाएगा और मजबूत
भारत में ऑनलाइन पेमेंट अब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है। जैसे-जैसे इसका इस्तेमाल बढ़ रहा है वैसे-वैसे शिकायतें और मदद की जरूरत भी बढ़ रही है। FiMI को लॉन्च करने के पीछे NPCI के ये मकसद हैं:
- शिकायतों को जल्दी सुलझाना
- कस्टमर सपोर्ट पर दबाव कम करना
- यूजर्स को तुरंत और सही जानकारी देना
- सही नियमों के अनुसार सही तरीका बताना
यह एआई सिस्टम सिर्फ सवालों का जवाब ही नहीं देगा, बल्कि यूजर्स को समस्या का सही समाधान और पूरी प्रक्रिया भी समझाएगा।
NPCI ने जारी किया टेक्निकल पेपर
NPCI ने FiMI से जुड़ा एक टेक्निकल पेपर भी जारी किया है। इसमें बताया गया है कि यह एआई सिस्टम कैसे काम करता है और इसे कैसे बनाया गया है। इसका मकसद एआई के सही और पारदर्शी उपयोग को बढ़ावा देना है, ताकि लोगों को इस तकनीक पर भरोसा हो सके। NPCI आगे चलकर FiMI को और बेहतर बनाने और इसमें ज्यादा भाषाएं जोड़ने पर भी काम कर रहा है।
डिजिटल पेमेंट के भविष्य की ओर बड़ा कदम
FiMI का लॉन्च भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह एआई सिस्टम UPI यूजर्स के लिए पेमेंट से जुड़ी समस्याओं को हल करना आसान और तेज बनाएगा। इसकी मदद से यूजर्स को बेहतर अनुभव मिलेगा और उन्हें अपनी पेमेंट से जुड़ी समस्याओं का समाधान जल्दी और आसानी से मिल सकेगा।