Sora AI का अंत: महज छह महीने में क्यों बंद हुआ दुनिया का सबसे चर्चित वीडियो टूल? यहां पढ़ें पूरी कहानी
OpenAI Sora Shutdown: ओपनएआई ने दुनिया भर में मशहूर एआई वीडियो-जेनरेशन प्लेटफॉर्म टूल सोरा को अचानक बंद करने का बड़ा एलान किया है। हैरानी की बात ये है कि ओपनएआई ने सोरा को बंद करने का ये बड़ा फैसला डिज्नी के अधिकारियों के साथ हुई एक अहम मीटिंग के महज आधे घंटे बाद लिया। बताया जा रहा है कि डीपफेक विवाद, सिक्योरिटी फेलियर, गिरते डाउनलोड्स और भारी नुकसान के चलते कंपनी ने यह सख्त कदम उठाया गया है। आइए आसान भाषा में समझते हैं सोरा के रातों-रात अर्श से फर्श तक पहुंचने और इसे बंद करने के पीछे की पूरी इनसाइड स्टोरी।
विस्तार
ओपनएआई ने मंगलवार को एक चौंकाने वाली घोषणा करते हुए अपने बेहद मशहूर एआई वीडियो-जेनरेशन प्लेटफॉर्म सोरा को बंद करने का फैसला किया है। कंपनी ने साफ कर दिया है कि वो अब अपने किसी भी प्रोडक्ट, डेवलपर टूल या चैटजीपीटी में वीडियो बनाने का सपोर्ट नहीं देगी। आपको बता दें कि ये एप महज 6 महीने पहले ही लॉन्च हुआ था। फिलहाल, कंपनी ने इसे बंद करने की कोई स्पष्ट वजह या तारीख नहीं बताई है। एक्स पर सोरा के ऑफिशियल अकाउंट ने इस बात की पुष्टि करते हुए लिखा, "हम सोरा एप को अलविदा कह रहे हैं। हमें पता है कि यह खबर निराश करने वाली है।" कंपनी जल्द ही सोरा एप और डेवलपर्स के जरिए इस्तेमाल किए जाने वाले API को पूरी तरह से बंद करने की टाइमलाइन शेयर करेगी।
डिज्नी के साथ मीटिंग के आधे घंटे बाद ही लिया फैसला
इस चौंकाने वाले फैसले की टाइमिंग भी काफी हैरान करने वाली है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ओपनएआई ने सोरा को बंद करने का ये बड़ा फैसला डिज्नी के अधिकारियों के साथ हुई एक अहम मीटिंग के महज आधे घंटे बाद ही ले लिया। दरअसल, पिछले साल डिज्नी ने ओपनएआई में 100 करोड़ डॉलर के भारी-भरकम निवेश पर सहमति जताई थी। इस बड़ी डील के तहत मार्वल और स्टार वार्स जैसे 200 से ज्यादा मशहूर डिज्नी कैरेक्टर्स को सोरा के वीडियो में इस्तेमाल किया जाना था। ओपनएआई के इस अचानक लिए गए फैसले से डिज्नी पूरी तरह से हैरान रह गया। गनीमत ये रही कि इस डील में अभी तक किसी तरह के पैसे का लेन-देन नहीं हुआ था, लेकिन डिज्नी के एक प्रवक्ता ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए इस अचानक लिए गए फैसले को "एक बड़ा धोखा" करार दिया है।
आखिर ओपनएआई ने सोरा को क्यों बंद किया?
सोरा को इतनी जल्दी बंद करने के पीछे एक नहीं, बल्कि कई बड़ी वजहें सामने आ रही हैं। सबसे बड़ी वजह इसे चलाने में इस्तेमाल होने वाली भारी-भरकम कंप्यूटिंग पावर है। इस वीडियो टूल को ऑपरेट करने में बहुत ज्यादा सर्वर और पावर की खपत हो रही थी, जिसे ओपनएआई अब अपने अधिक जरूरी प्रोडक्टिविटी टूल्स में लगाना चाहता है। इसके अलावा, एंटरप्राइज मार्केट में 'एंथ्रोपिक' नाम की प्रतिद्वंद्वी कंपनी से मिल रही कड़ी चुनौती के चलते ओपनएआई फिलहाल 'कोड रेड' मोड में काम कर रहा है।
आर्थिक मोर्चे पर भी कंपनी भारी दबाव में है। ऐसा अनुमान है कि इस साल ओपनएआई को 14 बिलियन डॉलर से ज्यादा का नुकसान झेलना पड़ सकता है। यही वजह है कि कंपनी नए निवेशकों को अपनी तरफ खींचने के लिए 17.5% तक के गारंटीड रिटर्न का आकर्षक ऑफर दे रही है। गौर करने वाली बात यह है कि एंथ्रोपिक अपने निवेशकों को ऐसा कोई रिटर्न ऑफर नहीं करती। इन सब के बीच, सैम ऑल्टमैन की लीडरशिप वाली यह कंपनी इस साल के अंत तक अपना आईपीओ लाने की भी पूरी तैयारी कर रही है। इसके लिए उन्हें गैर-जरूरी प्रोजेक्ट्स को बंद करके अपना पूरा फोकस मुनाफे वाले बिजनेस पर शिफ्ट करना पड़ रहा है।
अर्श से फर्श तक का सफर
जब सोरा को पहली बार एक 'इनवाइट-ओनली' सोशल नेटवर्क के रूप में पेश किया गया था तो इसे लेकर यूजर्स में जबरदस्त उत्साह था। लेकिन मेटा के वर्चुअल रियलिटी प्लेटफॉर्म 'होराइजन वर्ल्ड्स' की तरह ही, सोरा भी लोगों को लंबे समय तक खुद से जोड़ कर नहीं रख सका। हालांकि इसके पीछे काम करने वाला सोरा 2 बेहद शानदार है, लेकिन सिर्फ एआई के जरिए बनाए गए वीडियो वाले 'सोशल फीड' में यूजर्स की दिलचस्पी बहुत जल्दी खत्म हो गई।
We’re saying goodbye to the Sora app. To everyone who created with Sora, shared it, and built community around it: thank you. What you made with Sora mattered, and we know this news is disappointing.
— Sora (@soraofficialapp) March 24, 2026
We’ll share more soon, including timelines for the app and API and details on…
डीपफेक का अड्डा बन गया था एप
टिकटॉक की तरह वर्टिकल वीडियो फीड के साथ डिजाइन किए गए सोरा एप में एक बेहद खास फीचर था। इसे शुरुआत में 'कैमियो' नाम दिया गया था। इस फीचर की मदद से यूजर्स अपना चेहरा स्कैन करके खुद के बिल्कुल असली लगने वाले डीपफेक बना सकते थे। हालांकि, 'कैमियो' नाम की एक दूसरी कंपनी के जरिए ट्रेडमार्क का मुकदमा ठोकने के बाद, ओपनएआई को मजबूरन इसका नाम बदलकर 'कैरेक्टर्स ' करना पड़ा। यही फीचर एप के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बन गया। दरअसल, लॉन्च के समय से ही यह एप अजीबोगरीब और डरावने डीपफेक वीडियो का अड्डा बन गया था। हालात तो ऐसे हो गए थे कि यूजर्स ने ओपनएआई के खुद के सीईओ सैम ऑल्टमैन के भी कई अजीबोगरीब डीपफेक वीडियो बनाकर एप पर भर दिए थे।
सोरा की वजह से पिघल रहे थे जीपीयू (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट)
ओपनएआई ने साल 2024 की शुरुआत में सोरा को एक शानदार टेक्स्ट-टू-वीडियो टूल के तौर पर पेश किया था, जिसकी खासियत एकदम फिल्मों जैसी हाई-क्वालिटी क्लिप्स बनाना था। इसके बाद, सितंबर 2025 में जब इसे पब्लिक के लिए लॉन्च किया गया तो यह रातों-रात वायरल हो गया। इसके क्रेज का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोरा के प्रमुख बिल पीबल्स ने खुद इस बात को माना था कि लोगों ने इसका इतना भयंकर इस्तेमाल किया कि भारी ट्रैफिक के चलते कंपनी के सर्वर्स और महंगे जीपीयू (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट) के पिघलने तक की नौबत आ गई थी। इस स्थिति को संभालने और सिस्टम को क्रैश होने से बचाने के लिए मजबूरन कंपनी को इसके इस्तेमाल पर लिमिट लगानी पड़ी थी।
सिक्योरिटी सिस्टम पूरी तरह हुआ फेल
ओपनएआई ने एप में यह नियम बनाया था कि बिना अनुमति के मशहूर हस्तियों के वीडियो नहीं बनाए जा सकते, लेकिन यूजर्स ने कंपनी की इस सिक्योरिटी को बहुत ही आसानी से तोड़ दिया। एप पर मार्टिन लूथर किंग जूनियर और मशहूर हॉलीवुड एक्टर रॉबिन विलियम्स जैसी दिग्गज हस्तियों के डीपफेक वीडियो धड़ल्ले से बनाए जाने लगे। यह विवाद इतना ज्यादा बढ़ गया कि इन दोनों दिग्गजों की बेटियों को खुद इंस्टाग्राम पर आकर लोगों से अपील करनी पड़ी कि वे उनके दिवंगत पिताओं के ऐसे वीडियो न बनाएं। इंसानों के अलावा, मारियो, नारुतो और पिकाचू जैसे कॉपीराइट वाले मशहूर कैरेक्टर्स के भी अजीबोगरीब और आपत्तिजनक वीडियो एप पर खूब वायरल हुए, जिसने ओपनएआई के दावों की पोल खोलकर रख दी।
डिज्नी की 100 करोड़ डॉलर की डील भी रद्द
कॉपीराइट उल्लंघन के बावजूद, डिज्नी जैसी कंपनी ने ओपनएआई पर मुकदमा करने के बजाय उसमें 100 करोड़ डॉलर का निवेश करने का फैसला किया था। एक डील हुई थी जिसके तहत सोरा पर डिज्नी, मार्वल, पिक्सर और स्टार वार्स के कैरेक्टर्स के वीडियो बनाए जा सकते थे। लेकिन अब एप के बंद होने से यह डील भी खत्म हो गई है (हालांकि अभी तक कोई पैसे का लेन-देन नहीं हुआ था)।
डाउनलोड्स और कमाई में भारी गिरावट
सोरा के अचानक बंद होने के पीछे की एक और बड़ी वजह इसके डाउनलोड्स और कमाई में आई भारी गिरावट को माना जा रहा है। एपफिगर्स के डेटा से इस एप के पतन की कहानी साफ समझी जा सकती है। आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर के महीने में इस एप ने अपना पीक देखा था, जब एपल और गूगल प्ले स्टोर को मिलाकर इसे करीब 33 लाख (3.3 मिलियन) बार डाउनलोड किया गया था। लेकिन फरवरी आते-आते यह संख्या बुरी तरह गिरकर महज 11 लाख (1.1 मिलियन) रह गई। अगर इसकी तुलना ओपनएआई के ही चैटजीपीटी से करें (जिसके हर हफ्ते 900 मिलियन एक्टिव यूजर्स हैं) तो सोरा के आंकड़े बेहद निराश करने वाले थे। वहीं, कमाई की बात करें तो एप ने इन-एप खरीदारी (वीडियो जनरेशन क्रेडिट्स) के जरिए केवल 21 लाख डॉलर (करीब 17.5 करोड़ रुपये) ही कमाए। ऐसे में, पहले से ही भारी घाटे का सामना कर रही ओपनएआई के लिए एक ऐसे एप को लगातार चलाना जो ग्रो नहीं कर रहा था, यकीनन एक बड़ा सिरदर्द बन गया था।
खतरा अभी टला नहीं है
एप के बंद होने का मतलब यह नहीं है कि डीपफेक का खतरा टल गया है। सोरा 2 मॉडल अभी भी मौजूद है, बस इसे चैटजीपीटी के पेड वर्जन के पीछे कर दिया गया है। यह तकनीक अब बहुत आसान हो चुकी है। ये सिर्फ समय की बात है जब मार्केट में कोई नया एआई वीडियो एप आएगा और हम फिर से ऐसे ही असली लगने वाले, लेकिन भ्रामक डीपफेक वीडियो की बाढ़ देखेंगे।
ओपनएआई का अगला प्लान क्या है?
सोरा जैसे वीडियो जनरेशन प्रोजेक्ट को बंद करने के बाद, ओपनएआई अब अपना पूरा फोकस कुछ नए और बड़े प्रोजेक्ट्स पर लगा रहा है। कंपनी फिलहाल एक ऐसे 'सुपर एप' पर काम कर रही है, जिसमें चैटजीपीटी, कोडेक्स और उनके एआई ब्राउजर 'एटलस' को एक ही प्लेटफॉर्म पर मिला दिया जाएगा। इस एक एप के आने से आम यूजर्स और कंपनियों दोनों को काफी सुविधा होगी। इसके साथ ही, ओपनएआई अब 'एजेंटिक एआई' सिस्टम को डेवलप करने पर भी जोर दे रहा है। ये ऐसे एडवांस सिस्टम होंगे जो खुद से फैसले लेने और कई तरह के टास्क अपने आप पूरे करने में सक्षम होंगे। इस विजन को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए, कंपनी ने हाल ही में पॉपुलर ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म ओपनक्लॉ के क्रिएटर पीटर स्टेनबर्गर को भी अपनी टीम में शामिल कर लिया है।
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