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Telegram: भारत में रोक के बावजूद VPN के जरिए चल रहा टेलीग्राम, एक्सपर्ट्स बोले- ब्लॉक करना नहीं है समाधान
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Wed, 17 Jun 2026 02:20 PM IST
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सार
Telegram Ban India: नीट-यूजी 2026 री-एग्जाम (NEET UG 2026 Re-Exam) से पहले टेलीग्राम पर सरकार की अस्थायी रोक का असर दिखने लगा है। भारत में कई मौजूदा यूजर्स के लिए ऐप काम करना बंद कर चुका है, जबकि VPN के जरिए इसकी सेवाएं अब भी उपलब्ध हैं। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि केवल बैन से पेपर लीक जैसी समस्याएं नहीं रुकेंगी।
VPN के जरिए चल रहा टेलीग्राम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नीट यूजी 2026 री-एग्जाम से पहले केंद्र सरकार द्वारा टेलीग्राम (Telegram) पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध का असर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। भारत में बड़ी संख्या में मौजूदा यूजर्स के लिए इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम की सेवाएं बंद हो गई हैं। हालांकि, तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि VPN का उपयोग करने वाले यूजर्स अब भी इस प्लेटफॉर्म तक पहुंच बना पा रहे हैं।
गूगल ने मंगलवार को टेलीग्राम को अपने एप स्टोर से हटा दिया था। अब एपल ने भी सरकारी निर्देशों का पालन करते हुए अपने App Store से इस एप को हटा दिया है। यह कदम 21 जून को होने वाली नीट-यूजी 2026 री-एग्जाम से पहले उठाया गया है।
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यह भी पढ़ें: 'दोषी कोई और, सजा 15 करोड़ यूजर्स को': NEET परीक्षा से पहले Telegram बैन होने पर भड़के सीईओ पावेल डुरोव
यह भी पढ़ें: NEET UG री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर प्रतिबंध के खिलाफ कोर्ट पहुंची कंपनी, आज होगी सुनवाई
योवेजर इंफोसेक (Voyager Infosec) के निदेशक जितेन जैन ने पीटीआई को बताया कि टेलीग्राम को ब्लॉक करने से पेपर लीक जैसी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि VPN उपयोगकर्ता भारतीय सर्वरों को बायपास कर विदेशी सर्वरों से कनेक्ट हो सकते हैं, जिससे टेलीग्राम की सेवाएं उनके लिए चालू रहती हैं।
हालांकि, विशेषज्ञों का तर्क है कि केवल किसी एक प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने से ऐसी गतिविधियों को पूरी तरह रोक पाना मुश्किल है, क्योंकि तकनीकी विकल्पों के जरिए यूजर्स विभिन्न माध्यमों तक पहुंच बना सकते हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि टेलीग्राम पर लगाया गया यह अस्थायी प्रतिबंध परीक्षा सुरक्षा के लक्ष्य को कितना प्रभावी ढंग से हासिल कर पाता है।
मौजूदा यूजर्स के लिए बंद हुआ टेलीग्राम
सरकारी आदेश के बाद टेलीग्राम की पहुंच सीमित कर दी गई है, जिसके चलते भारत में पहले से एप इस्तेमाल कर रहे कई यूजर्स को भी सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस बीच, एप को डाउनलोड करने के विकल्प भी धीरे-धीरे खत्म होते जा रहे हैं।
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गूगल ने मंगलवार को टेलीग्राम को अपने एप स्टोर से हटा दिया था। अब एपल ने भी सरकारी निर्देशों का पालन करते हुए अपने App Store से इस एप को हटा दिया है। यह कदम 21 जून को होने वाली नीट-यूजी 2026 री-एग्जाम से पहले उठाया गया है।
यह भी पढ़ें: 'दोषी कोई और, सजा 15 करोड़ यूजर्स को': NEET परीक्षा से पहले Telegram बैन होने पर भड़के सीईओ पावेल डुरोव
VPN के जरिए अब भी चल रहा एप
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि टेलीग्राम पर लगाया गया प्रतिबंध पूरी तरह प्रभावी साबित नहीं हो सकता। उनका कहना है कि VPN का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स अभी भी बिना किसी बड़ी परेशानी के एप तक पहुंच बना रहे हैं।यह भी पढ़ें: NEET UG री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर प्रतिबंध के खिलाफ कोर्ट पहुंची कंपनी, आज होगी सुनवाई
योवेजर इंफोसेक (Voyager Infosec) के निदेशक जितेन जैन ने पीटीआई को बताया कि टेलीग्राम को ब्लॉक करने से पेपर लीक जैसी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि VPN उपयोगकर्ता भारतीय सर्वरों को बायपास कर विदेशी सर्वरों से कनेक्ट हो सकते हैं, जिससे टेलीग्राम की सेवाएं उनके लिए चालू रहती हैं।
पेपर लीक रोकने के लिए उठाया गया कदम
सरकार ने टेलीग्राम पर अस्थायी रोक ऐसे समय में लगाई है जब नीट-यूजी 2026 री-एग्जाम की तैयारियां चल रही हैं। माना जा रहा है कि यह फैसला परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी के संभावित लीक, गलत सूचनाओं के प्रसार और नकल नेटवर्क पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से लिया गया है।हालांकि, विशेषज्ञों का तर्क है कि केवल किसी एक प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने से ऐसी गतिविधियों को पूरी तरह रोक पाना मुश्किल है, क्योंकि तकनीकी विकल्पों के जरिए यूजर्स विभिन्न माध्यमों तक पहुंच बना सकते हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि टेलीग्राम पर लगाया गया यह अस्थायी प्रतिबंध परीक्षा सुरक्षा के लक्ष्य को कितना प्रभावी ढंग से हासिल कर पाता है।