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YouTube: अब आपका 'अवतार' बनाएगा वीडियो! खुद को क्लोन कर सकेंगे क्रिएटर्स, जल्द आ रहा ये खास फीचर

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति Updated Thu, 22 Jan 2026 05:37 PM IST
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सार

YouTube AI Content: यूट्यूब अपना सबसे धमाकेदार फीचर लाने की तैयारी में है। इस नए फीचर में क्रिएटर्स अपने एआई डिजिटल ट्विन (AI Clone) का इस्तेमाल करके शॉर्ट्स बना सकेंगे। यानी बिना कैमरे के, बिना शूटिंग के अपने जैसे दिखने और बाेलने वाला एआई वीडियो बना सकेंगे।
 

Now your avatar create videos Creators able clone themselves youtube digital twinfeature coming soon
यूट्यूब - फोटो : AI
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विस्तार
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यूट्यूब के सीईओ नील मोहन ने प्लेटफॉर्म के भविष्य को लेकर एक घोषणा की है।  कहा अब क्रिएटर एआई डिजिटल ट्विन बनाकर शॉर्ट्स वीडियो जनरेट कर सकेंगे। ये कदम न केवल कंटेंट क्रिएशन को आसान बनाएगा, बल्कि ओपनएआई के सोरा जैसे एप्स को कड़ी टक्कर भी देगा। इसके साथ ही यूट्यूब ने एआई कंटेंट की लेबलिंग और किशोरों के लिए स्क्रीन टाइम कंट्रोल जैसे महत्वपूर्ण फीचर्स का भी खुलासा किया है। हालांकि अभी लॉन्च डेट का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन इसे यूट्यूब का अब तक का सबसे बड़ा एआई अपडेट माना जा रहा है।

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ओपनएआई के सोरा को मिलेगी सीधी टक्कर

ये नया फीचर काफी हद तक ओपनएआई के सोरा एप जैसा हो सकता है। जहां यूजर एक छोटा सेल्फी वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग देकर अपना फोटोरियलिस्टिक 3डी अवतार बना सकते हैं। उसी अवतार से एआई वीडियो तैयार करता है। यूट्यूब का ये कदम दिखाता है कि कंपनी एआई वीडियो रेस में पीछे नहीं रहना चाहती और शॉर्ट्स को और ज्यादा पावरफुल बनाना चाहती हैं। साथ ही नील मोहन ने स्पष्ट किया है ये फीचर क्रिएटर्स को रिप्लेस करने के लिए बिल्कुल नहीं हैं। उन्होंने कहा कि एआई एक्सप्रेशन का टूल बनेगा, रिप्लेसमेंट नहीं। यानी यूट्यूब खुद चाहता है कि एआई क्रिएटर्स की ताकत बनें, न कि उसके नौकरी जाने की वजह।

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डीपफेक से निपटने का तगड़ा प्लान

जहां एक तरफ एआई से वीडियो बनाना आसान होगा, वहीं कम क्वालिटी वाले कंटेंट का खतरा भी बढ़ेगा। इससे निपटने के लिए नील मोहन ने दो बड़े एलान किए है।


अनिवार्य लेबलिंग: अगर कोई वीडियो एआई से बना है, तो उस पर सिंथेटिक कंटेंट का लेबल लगाना जरूरी होगा।
स्मार्ट फिल्टर: यूट्यूब अपने पुराने स्पैम-फिल्टिंग सिस्टम को अपडेट कर रहा है ताकि रिपिटिटिव और बेकार एआई कंटेंट फीड में न भरे।

बच्चों के लिए जीरो टाइमर और सुरक्षा

यूट्यूब अब परिवारों के लिए और सुरक्षित होने जा रहा है। कंपनी एक ऐसा कंट्रोल ला रही है जिससे माता-पिता यह तय कर सकेंगे कि उनके बच्चे शॉर्ट्स पर कितना समय बिताएं। अगर वे चाहें, तो टाइमर को जीरो पर सेट कर सकते हैं, जिससे बच्चे शॉर्ट्स नहीं देख पाएंगे। यह फीचर डिजिटल वेलबीइंग की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

क्रिएटर्स के लिए नए गेम

यूट्यूब केवल वीडियो तक सीमित नहीं रहना चाहता। अब क्रिएटर्स केवल टेक्स्ट प्रॉम्प्ट (जैसे एक रेसिंग गेम बनाओ) लिखकर छोटे गेम्स बना सकेंगे और उन्हें अपने सब्सक्राइबर्स के साथ शेयर कर पाएंगे। साथ ही, 20 से ज्यादा भाषाओं में एआई ऑटो-डबिंग की मदद से एक भारतीय क्रिएटर अब आसानी से अमेरिकी या जापानी दर्शकों तक पहुंच सकेगा।

प्रतिदिन 200 बिलियन व्यूज का रिकॉर्ड

रोजाना यूट्यूब को 200 बिलियन बार देखा जा रहा है। इसकी सफलता का अंदाजा इसकी व्यूवर से ही लगाया जा सकता है। यूट्यूब अब इसमें इमेज पोस्ट्स और ड्रीम स्क्रीन यानी की एआई बैकग्राउंड जैसे फीचर्स जोड़कर इसे इंस्टाग्राम रील्स और टिकटॉप से कोसों आगे ले जाना चाहते हैं।

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