OpenAI: 45,000 करोड़ की वैल्यूएशन, फिर भी बर्बादी की कगार पर सबसे बड़ी एआई कंपनी, दिग्गज निवेशक ने दी चेतावनी
Open AI: दुनिया की सबसे चर्चित एआई कंपनी OpenAI मुश्किल दौर से गुजर रही है। ये मशहूर निवेशक जाॅर्ज नोबल का कहना है। उन्होंने बताया कि भारी वैल्यूएशन के बावजूद कंपनी का खर्च, मुकाबला और अंदरूनी समस्याओं को दबाव धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है।
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प्रसिद्ध निवेशक जॉर्ज नोबल ने OpenAI के भविष्य पर गंभीर सवाल उठाए हैं। नोबल का मानना है कि करीब 500 बिलियन डॉलर के भारी-भरकम वैल्यूएशन के बाद भी कंपनी रियल टाइम में ढह रही है। इसके पीछे भारी वित्तीय घाटा, प्रतिभा का पलायन, गूगल जेमिनी से पिछड़ता चैटजीपीटी और एलन मस्क का कानूनी शिकंजा प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। ये सैम अल्टमैन की कंपनी को गहरे संकट की ओर धकेल रहे हैं।
पैसे जलाने की मशीन बनी कंपनी
जॉर्ज नोबल ने Microsoft के वित्तीय खुलासे का हवाला देते हुए बताया कि ओपनएआई का खर्च नियंत्रण से बाहर है। कंपनी ने केवल एक तिमाही में 12 बिलियन डॉलर गंवा दिए हैं। Deutsche Bank के अनुसार, कंपनी को मुनाफे की स्थिति में आने से पहले143 बिलियन डॉलर का संचयी नुकसान उठाना पड़ सकता है। वीडियो जनरेशन टूल Sora की बात करें तो इसे चलाने की लागत रोजाना 15 मिलियन डॉलर है। इसे तो कंपनी के ही इंजीनियरों ने असस्टेनेबल यानी अस्थिर बता दिया है।
Code Red और Google का बढ़ता दबदबा
दिसंबर में OpenAI के भीतर कोड रेड मेमो जारी किया गया था। सैम ऑल्टमैन ने कर्मचारियों को आगाह किया कि Google का Gemini तेजी से ChatGPT की बाजार हिस्सेदारी छीन रहा है। इसकी पुष्टि आंकड़ों में हुई है कि चैटजीपीटी का ट्रैफिक पिछले दो महीनों से गिर रहा है। जबकि जेमिनी अब 6 मिलियन मासिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं के साथ आगे निकल चुकी है। कंपनी एजीआई यानी किआर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस का दावा करती है कि वह अपने चैटबॉट को भी प्रतिस्पर्धी नहीं रख पा रही है।
GPT-5 को क्यों कहा हॉरिबल?
AI मॉडल्स के विकास में अब डिमिनिशिंग रिटर्न्स (घटता प्रतिफल) दिखने लगा है। नोबल के अनुसार, मॉडल्स को 2 गुना बेहतर बनाने के लिए अब 5 गुना अधिक ऊर्जा और धन की जरूरत है। हालिया GPT-5 का लॉन्च निराशाजनक रहा, जिसे उपयोगकर्ताओं ने हॉरिबल कहा। स्थिति इतनी खराब हो गई कि फीडबैक के दबाव में OpenAI को 24 घंटे के भीतर पुराना वर्जन वापस लाना पड़ा। वहीं, आलोचक कह रहे हैं कि नए मॉडल्स अब और ज्यादा कॉर्पोरेट और बोरिंग होते जा रहे हैं।
खो गई कंपनी की सबसे बड़ी ताकत
इतना ही नहीं कंपनी ने अपनी सबसे बड़ी ताकत अपने टैलेंट का खो दिया। इसकी पीछे की वज सीटीओ मीरा मुराती, चीफ साइंटिस्ट इलिया सुत्सकेवर और प्रेसिडेंट ग्रेग ब्रॉकमैन जैसे चेहरों का कंपनी से जाना भी माना जा सकता है। कई पूर्व अधिकारियों ने सैम ऑल्टमैन के नेतृत्व में साइकोलॉजिकल अब्यूज (मानसिक शोषण) तक के आरोप लगाए हैं। सेफ्टी टीम का आधा हिस्सा भी अब कंपनी का साथ छोड़ चुका है।
इसके बाद अप्रैल 2026 में अब एलन मस्क की ओर से किया गया 134 बिलियन डॉलर का मुकदमा अब ज्यूरी ट्रायल में जा रहा है। मस्क ने आरोप लगाया है कि ओपनएआई ने अपने मूल नॉन-प्रॉफिट और मानवता की भलाई के वादे को तोड़कर केवल व्यावसायिक लाभ को चुना है। जज का मानना है कि इसके पर्याप्त सबूत है कि जो ओपन एआई के 500 बिलियन डॉलर के वैल्यूएशन को खतरे में डाल सकते हैं।
जॉर्ज नोबल का मानना है कि AI हाइप अपने चरम पर है और अब हकीकत सामने आ रही है। OpenAI को अपनी वैल्यूएशन को सही ठहराने के लिए 2030 तक राजस्व में 15 गुना वृद्धि करनी होगी, जो वर्तमान खर्चों को देखते हुए असंभव सा लगता है।