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Meta AI: मार्क जुकरबर्ग का गुस्सा आया काम, फेलियर के बाद मेटा की एआई रेस में धमाकेदार वापसी
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Thu, 22 Jan 2026 10:48 AM IST
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सार
मेटा (फेसबुक) ने अपने एआई (AI) मिशन में आ रही बाधाओं को सफलतापूर्वक दूर कर लिया है। दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में कंपनी के सीटीओ एंड्रयू बोसवर्थ ने बताया कि नई 'सुपरइंटेलिजेंस लैब' ने इस महीने अपने पहले पावरफुल इंटरनल मॉडल तैयार कर लिए हैं, जो भविष्य में गूगल और ओपनएआई को कड़ी टक्कर देंगे।
मेटा (सांकेतिक)
- फोटो : Meta
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विस्तार
दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान मेटा के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) एंड्रयू बोसवर्थ ने एक बड़ी खुशखबरी साझा की। उन्होंने बताया कि मेटा की नई 'सुपरइंटेलिजेंस लैब' ने इस महीने अपने पहले हाई-प्रोफाइल एआई मॉडल कंपनी के भीतर पेश कर दिए हैं। हालांकि यह लैब अभी सिर्फ छह महीने पुरानी है, लेकिन इसके परिणाम काफी उत्साहजनक हैं। बोसवर्थ ने स्वीकार किया कि पिछला साल (2025) मेटा के लिए काफी उथल-पुथल भरा रहा, क्योंकि कंपनी एआई इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने और जरूरी पावर रिसोर्सेज जुटाने में संघर्ष कर रही थी। लेकिन अब मेटा को अपने इस बड़े दांव के सकारात्मक नतीजे मिलने शुरू हो गए हैं।
आ रहे हैं 'एवोकाडो' और 'मैंगो' मॉडल्स
बाजार में चर्चा है कि मेटा 2026 की पहली तिमाही में दो बड़े धमाके करने वाली है। कंपनी 'एवोकाडो' कोडनेम वाले एक नए टेक्स्ट एआई मॉडल पर काम कर रही है। खास बात यह है कि यह मॉडल 'ओपन सोर्स' के बजाय मेटा का प्रोपराइटरी मॉडल हो सकता है। इसके साथ ही, इमेज और वीडियो पर केंद्रित एक अन्य मॉडल 'मैंगो' भी लॉन्च के लिए तैयार है। बोसवर्थ का मानना है कि 2026 और 2027 वो साल होंगे जब कंज्यूमर एआई का ट्रेंड पूरी तरह बदल जाएगा और एआई हमारे रोजमर्रा के पारिवारिक सवालों के भी सटीक जवाब दे पाएगा।
यह भी पढ़ें: एआई बना 'सुसाइड कोच': सेल्सफोर्स सीईओ मार्क बेनियोफ ने दी बड़ी चेतावनी, कहा- अब लगाम कसना जरूरी
जब नाकामी पर भड़के थे जुकरबर्ग
यह नई सफलता मेटा के लिए इसलिए मायने रखती है क्योंकि पिछले साल की शुरुआत में सीईओ मार्क जुकरबर्ग अपनी एआई टीम के प्रदर्शन से काफी नाराज थे। मेटा का बहुचर्चित Llama 4 मॉडल चीन की DeepSeek मॉडल्स के सामने फीका साबित हुआ था। जुकरबर्ग इस बात से बेहद गुस्से में थे कि ओपनएआई (ChatGPT) और एंथ्रोपिक जैसे प्रतिद्वंद्वी एआई की रेस में उनसे कहीं आगे निकल चुके थे। गूगल और अन्य कंपनियों की बढ़त ने मेटा के नेतृत्व को हिला कर रख दिया था।
यह भी पढ़ें: आईएमएफ की रैंकिंग पर भड़के अश्विनी वैष्णव, बोले– भारत टॉप AI देशों में शामिल, गिनाईं 5 बड़ी वजहें
एआई में मेटा का 15 अरब डॉलर का निवेश
इस हार को जीत में बदलने के लिए मार्क जुकरबर्ग ने एआई टीम में बड़े फेरबदल किए हैं। उन्होंने Scale AI में करीब 15 अरब डॉलर का भारी-भरकम निवेश के साथ उसमें 49% हिस्सेदारी खरीदी है। इतना ही नहीं, उन्होंने टैलेंट की जंग में बढ़त बनाने के लिए 28 वर्षीय एआई दिग्गज एलेक्जेंडर वांग को अपनी नई सुपरइंटेलिजेंस लैब का नेतृत्व करने के लिए जोड़ा है। अब मेटा का पूरा फोकस केवल एआई पर है, जिसे जुकरबर्ग ने अपनी कंपनी की सबसे बड़ी प्राथमिकता घोषित कर दिया है।
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आ रहे हैं 'एवोकाडो' और 'मैंगो' मॉडल्स
बाजार में चर्चा है कि मेटा 2026 की पहली तिमाही में दो बड़े धमाके करने वाली है। कंपनी 'एवोकाडो' कोडनेम वाले एक नए टेक्स्ट एआई मॉडल पर काम कर रही है। खास बात यह है कि यह मॉडल 'ओपन सोर्स' के बजाय मेटा का प्रोपराइटरी मॉडल हो सकता है। इसके साथ ही, इमेज और वीडियो पर केंद्रित एक अन्य मॉडल 'मैंगो' भी लॉन्च के लिए तैयार है। बोसवर्थ का मानना है कि 2026 और 2027 वो साल होंगे जब कंज्यूमर एआई का ट्रेंड पूरी तरह बदल जाएगा और एआई हमारे रोजमर्रा के पारिवारिक सवालों के भी सटीक जवाब दे पाएगा।
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जब नाकामी पर भड़के थे जुकरबर्ग
यह नई सफलता मेटा के लिए इसलिए मायने रखती है क्योंकि पिछले साल की शुरुआत में सीईओ मार्क जुकरबर्ग अपनी एआई टीम के प्रदर्शन से काफी नाराज थे। मेटा का बहुचर्चित Llama 4 मॉडल चीन की DeepSeek मॉडल्स के सामने फीका साबित हुआ था। जुकरबर्ग इस बात से बेहद गुस्से में थे कि ओपनएआई (ChatGPT) और एंथ्रोपिक जैसे प्रतिद्वंद्वी एआई की रेस में उनसे कहीं आगे निकल चुके थे। गूगल और अन्य कंपनियों की बढ़त ने मेटा के नेतृत्व को हिला कर रख दिया था।
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एआई में मेटा का 15 अरब डॉलर का निवेश
इस हार को जीत में बदलने के लिए मार्क जुकरबर्ग ने एआई टीम में बड़े फेरबदल किए हैं। उन्होंने Scale AI में करीब 15 अरब डॉलर का भारी-भरकम निवेश के साथ उसमें 49% हिस्सेदारी खरीदी है। इतना ही नहीं, उन्होंने टैलेंट की जंग में बढ़त बनाने के लिए 28 वर्षीय एआई दिग्गज एलेक्जेंडर वांग को अपनी नई सुपरइंटेलिजेंस लैब का नेतृत्व करने के लिए जोड़ा है। अब मेटा का पूरा फोकस केवल एआई पर है, जिसे जुकरबर्ग ने अपनी कंपनी की सबसे बड़ी प्राथमिकता घोषित कर दिया है।
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