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Apple Pay: भारत में जल्द शुरू होगी 'एपल पे' सर्विस, iPhone यूजर्स बिना कार्ड निकाले कर सकेंगे पेमेंट

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुयश पांडेय Updated Wed, 21 Jan 2026 05:19 PM IST
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सार

Apple Pay India Launch: एपल भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस एपल पे (Apple Pay) लॉन्च करने की तैयारी में है। कंपनी ने इसके लिए मास्टरकार्ड और वीजा से बातचीत शुरू कर दी है। शुरुआती चरण में यह सर्विस कार्ड-बेस्ड कॉन्टैक्टलेस पेमेंट पर फोकस करेगी।

Apple Pay Likely to Launch in India by 2026; Contactless Card Payments First, UPI Support Later
एपल पे (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : X
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विस्तार
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एपल भारतीय बाजार में अपनी लोकप्रिय डिजिटल पेमेंट सर्विस 'एपल पे' लाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसके लिए कंपनी ने मास्टर कार्ड और वीजा जैसे बड़े कार्ड नेटवर्क के साथ शुरुआती बातचीत शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एपल फिलहाल जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल हासिल करने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। एपल का प्लान साल 2026 तक एपल पे को भारत में फेज-वाइज तरीके से रोलआउट करने का है। पहले चरण में कंपनी बिना UPI सपोर्ट के ही इस सर्विस को लॉन्च कर सकती है।

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UPI के बिना लॉन्च होगी सर्विस
खबरों के अनुसार, शुरुआती दौर में एपल यूपीआई के लिए थर्ड पार्टी एप्लिकेशन प्रोवाइडर (TPAP) लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं करेगी। इसका मतलब है कि शुरुआत में एपल पे पूरी तरह कार्ड-बेस्ड कॉन्टैक्टलेस पेमेंट पर केंद्रित रहेगा। इस फीचर के जरिए iPhone यूजर्स अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड को एपल वॉलेट में सेव कर सकेंगे। इसके बाद वे दुकानों, मॉल्स या अन्य मर्चेंट आउटलेट्स पर सिर्फ फोन टैप करके पेमेंट कर पाएंगे।
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टैप-टू-पे से आसान होगा पेंमेंट
Apple Pay में ‘टैप-टू-पे’ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है, जो NFC यानी नियर-फील्ड कम्युनिकेशन पर आधारित होती है। पेमेंट के दौरान यूजर्स Face ID या Touch ID से ट्रांजैक्शन को कन्फर्म कर सकेंगे, जिससे यह प्रक्रिया तेज और सुरक्षित दोनों बन जाती है। फिलहाल भारतीय कार्ड्स को एपल वॉलेट में जोड़ने की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

भारत में डिजिटल पेमेंट्स को लेकर RBI के सख्त नियम हैं, खासकर डेटा स्टोरेज और कार्ड टोकनाइजेशन को लेकर। एपल इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए रेगुलेटर्स के साथ लगातार चर्चा कर रही है। इसके अलावा, बैंकों के साथ फीस स्ट्रक्चर और कमर्शियल एग्रीमेंट पर भी बातचीत चल रही है। खबरों के मुताबिक, हर ट्रांजैक्शन पर एपल बैंकों से एक छोटा कमीशन लेता है। भारत में बैंकों के साथ इस पर सहमति बनाना कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

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यूपीआई एप्स को मिलेगी कड़ी टक्कर
भारतीय बाजार में एपल पे का सीधा मुकाबला गूगल पे, फोन पे और पेटीएम जैसी मौजूदा UPI एप्स से होगा। हालांकि, एपल पे सिर्फ एपल डिवाइसेज जैसे आईफोन, एपल वॉच और आईपैड पर ही काम करेगा, जबकि बाकी एप्स एंड्रॉयड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। भारत में एपल का प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि एपल पे खास तौर पर हाई-एंड यूजर्स के बीच लोकप्रिय हो सकता है।

ग्लोबल लेवल पर उपलब्ध है एपल पे
ग्लोबल स्तर पर एपल पे पहले से ही 89 देशों में उपलब्ध है। भारत में इसकी एंट्री एपल की उस रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसके तहत कंपनी चीन के बाद भारत को अपना अगला बड़ा मार्केट बनाना चाहती है। इससे पहले एपल ने रेजर पे (Razorpay) के साथ मिलकर इंटरनेशनल पेमेंट से जुड़े कुछ फीचर्स भारत में पेश किए थे।

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