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Parag Agrawal: कभी एलन मस्क ने किया था फायर, अब चलाते हैं 19,000 करोड़ की AI कंपनी
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Fri, 01 May 2026 03:58 PM IST
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सार
Parag Agrawal New Company: पराग अग्रवाल याद हैं? जिन्हें एलन मस्क ने ट्विटर के CEO पद से हटा दिया था। अब उन्होंने पैरेलल वेब सिस्टम्स (Parallel Web Systems) नाम की एआई कंपनी के साथ दमदार वापसी की है, जिसकी वैल्यूएशन 19,020 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
पराग अग्रवाल ने शुरू की एआई कंपनी
- फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
क्या आपको ट्विटर (अब एक्स) के पूर्व सीईओ पराग अग्रवाल याद हैं? साल 2021 से 2022 तक उन्होंने कंपनी की कमान संभाली थी। खुद संस्थापक जैक डोर्सी ने उनकी काबिलियत को देखते हुए यह अहम जिम्मेदारी उन्हें सौंपी थी। लेकिन, जब एलन मस्क ने 44 अरब डॉलर में ट्विटर का अधिग्रहण किया, तो सबसे पहले पराग को ही उनके पद से बेदखल कर दिया गया। उस वक्त यह खबर दुनियाभर की सुर्खियों में छाई रही थी। तमाम लोगों ने पराग का समर्थन किया, लेकिन उन्होंने बिना कोई हंगामा किए बहुत ही शालीनता से कंपनी छोड़ना बेहतर समझा। अब कुछ समय की खामोशी के बाद, वह अपनी नई एआई कंपनी 'पैरेलल वेब सिस्टम्स' के जरिए पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं।
फंडिंग से मिली 19,020 करोड़ रुपये की वैल्यूएशन
पराग ने साल 2023 में अपनी इस नई कंपनी की नींव रखी थी। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस एआई स्टार्टअप ने हाल ही में 'सीरीज बी' फंडिंग राउंड में 100 मिलियन डॉलर जुटाए हैं। इस भारी-भरकम निवेश के साथ ही कंपनी की कुल वैल्यूएशन 2 बिलियन डॉलर यानी लगभग 19,020 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है। फंडिंग के इस ताजा दौर का नेतृत्व मशहूर ग्लोबल निवेश फर्म सिकोइया कैपिटल ने किया है। इससे पहले भी इस स्टार्टअप में क्लेनर पर्किन्स, इंडेक्स वेंचर्स, खोसला वेंचर्स और फर्स्ट राउंड कैपिटल जैसी दिग्गज फर्में अपना पैसा लगा चुकी हैं। इस राउंड के बाद कंपनी की कुल जुटाई गई पूंजी 230 मिलियन डॉलर हो गई है। कंपनी इस नई रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपनी रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) को तेज करने और मार्केटिंग व सेल्स बढ़ाने में करेगी।
आखिर क्या काम करती है 'पैरेलल वेब सिस्टम्स'?
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर पराग की यह कंपनी ऐसा क्या खास बना रही है, जो दुनिया भर के निवेशकों को इतना आकर्षित कर रहा है? आसान भाषा में समझें तो पैरेलल वेब सिस्टम्स 'एआई एजेंट्स' के लिए बुनियादी ढांचा तैयार कर रही है। ये ऐसे स्वतंत्र सॉफ्टवेयर सिस्टम होते हैं, जो इंसानों की तरफ से खुद कई तरह के काम कर सकते हैं। आमतौर पर एआई सिर्फ पुराने फीड किए गए डेटा पर काम करते हैं, लेकिन पराग की कंपनी ऐसे टूल बना रही है जो एआई को सीधे लाइव इंटरनेट पर जाने, रियल-टाइम जानकारी निकालने और मुश्किल कामों को अंजाम देने की ताकत देते हैं। यह कंपनी कई तरह के एपीआई (API) ऑफर करती है, जिनकी मदद से एआई वेबसाइटों से डेटा जुटा सकता है और ऑनलाइन कामों को अपने आप पूरा कर सकता है।
नामी कंपनियों को आ रही है तकनीक पसंद
पैरेलल वेब सिस्टम्स की तकनीक का असर अभी से कॉरपोरेट जगत में दिखने लगा है। इसके बनाए टूल्स की मदद से एआई सिस्टम कानूनी मामलों की जांच, निवेश से जुड़ी गहरी रिसर्च, बीमा दावों का निपटारा और सरकारी ठेकों के मुश्किल काम आसानी से कर रहे हैं। पहले जिन कामों के लिए इंसानों को इंटरनेट पर घंटों खपाने पड़ते थे, अब वे तेजी और सटीकता से हो रहे हैं। उदाहरण के लिए, हार्वे (Harvey) नाम का एक लीगल एआई स्टार्टअप पराग की कंपनी की तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है ताकि उनके एआई एजेंट्स कानूनी रिसर्च के लिए इंटरनेट के डेटा को बेहतर तरीके से समझ सकें।
एक लाख से ज्यादा डेवलपर्स कर रहे हैं इस्तेमाल
महज एक साल पुरानी होने के बावजूद इस कंपनी का जलवा ऐसा है कि 1 लाख से ज्यादा डेवलपर्स इसके प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन ग्राहकों में नोशन, क्ले और ओपनडोर जैसी मशहूर कंपनियों के साथ-साथ कई बड़े बैंक, हेज फंड और फॉर्च्यून 100 में शामिल कंपनियां भी मौजूद हैं। फिलहाल कंपनी में लगभग 50 कर्मचारी काम कर रहे हैं। उनका पूरा फोकस अब बड़े कॉरपोरेट ग्राहकों को जोड़ने पर है, जहां लॉन्ग-होराइजन (Long-horizon) एआई एजेंट्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। ये ऐसे स्मार्ट सिस्टम होते हैं जो बैकग्राउंड में लंबे समय तक काम करते हुए, बिना किसी खास इंसानी मदद के कई चरणों वाले मुश्किल काम पूरे कर सकते हैं।
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फंडिंग से मिली 19,020 करोड़ रुपये की वैल्यूएशन
पराग ने साल 2023 में अपनी इस नई कंपनी की नींव रखी थी। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस एआई स्टार्टअप ने हाल ही में 'सीरीज बी' फंडिंग राउंड में 100 मिलियन डॉलर जुटाए हैं। इस भारी-भरकम निवेश के साथ ही कंपनी की कुल वैल्यूएशन 2 बिलियन डॉलर यानी लगभग 19,020 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है। फंडिंग के इस ताजा दौर का नेतृत्व मशहूर ग्लोबल निवेश फर्म सिकोइया कैपिटल ने किया है। इससे पहले भी इस स्टार्टअप में क्लेनर पर्किन्स, इंडेक्स वेंचर्स, खोसला वेंचर्स और फर्स्ट राउंड कैपिटल जैसी दिग्गज फर्में अपना पैसा लगा चुकी हैं। इस राउंड के बाद कंपनी की कुल जुटाई गई पूंजी 230 मिलियन डॉलर हो गई है। कंपनी इस नई रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपनी रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) को तेज करने और मार्केटिंग व सेल्स बढ़ाने में करेगी।
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आखिर क्या काम करती है 'पैरेलल वेब सिस्टम्स'?
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर पराग की यह कंपनी ऐसा क्या खास बना रही है, जो दुनिया भर के निवेशकों को इतना आकर्षित कर रहा है? आसान भाषा में समझें तो पैरेलल वेब सिस्टम्स 'एआई एजेंट्स' के लिए बुनियादी ढांचा तैयार कर रही है। ये ऐसे स्वतंत्र सॉफ्टवेयर सिस्टम होते हैं, जो इंसानों की तरफ से खुद कई तरह के काम कर सकते हैं। आमतौर पर एआई सिर्फ पुराने फीड किए गए डेटा पर काम करते हैं, लेकिन पराग की कंपनी ऐसे टूल बना रही है जो एआई को सीधे लाइव इंटरनेट पर जाने, रियल-टाइम जानकारी निकालने और मुश्किल कामों को अंजाम देने की ताकत देते हैं। यह कंपनी कई तरह के एपीआई (API) ऑफर करती है, जिनकी मदद से एआई वेबसाइटों से डेटा जुटा सकता है और ऑनलाइन कामों को अपने आप पूरा कर सकता है।
नामी कंपनियों को आ रही है तकनीक पसंद
पैरेलल वेब सिस्टम्स की तकनीक का असर अभी से कॉरपोरेट जगत में दिखने लगा है। इसके बनाए टूल्स की मदद से एआई सिस्टम कानूनी मामलों की जांच, निवेश से जुड़ी गहरी रिसर्च, बीमा दावों का निपटारा और सरकारी ठेकों के मुश्किल काम आसानी से कर रहे हैं। पहले जिन कामों के लिए इंसानों को इंटरनेट पर घंटों खपाने पड़ते थे, अब वे तेजी और सटीकता से हो रहे हैं। उदाहरण के लिए, हार्वे (Harvey) नाम का एक लीगल एआई स्टार्टअप पराग की कंपनी की तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है ताकि उनके एआई एजेंट्स कानूनी रिसर्च के लिए इंटरनेट के डेटा को बेहतर तरीके से समझ सकें।
एक लाख से ज्यादा डेवलपर्स कर रहे हैं इस्तेमाल
महज एक साल पुरानी होने के बावजूद इस कंपनी का जलवा ऐसा है कि 1 लाख से ज्यादा डेवलपर्स इसके प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन ग्राहकों में नोशन, क्ले और ओपनडोर जैसी मशहूर कंपनियों के साथ-साथ कई बड़े बैंक, हेज फंड और फॉर्च्यून 100 में शामिल कंपनियां भी मौजूद हैं। फिलहाल कंपनी में लगभग 50 कर्मचारी काम कर रहे हैं। उनका पूरा फोकस अब बड़े कॉरपोरेट ग्राहकों को जोड़ने पर है, जहां लॉन्ग-होराइजन (Long-horizon) एआई एजेंट्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। ये ऐसे स्मार्ट सिस्टम होते हैं जो बैकग्राउंड में लंबे समय तक काम करते हुए, बिना किसी खास इंसानी मदद के कई चरणों वाले मुश्किल काम पूरे कर सकते हैं।
