एआई का डार्क साइड: क्या चैटजीपीटी, जेमिनी जैसे टूल यूजर्स को गैर-लाइसेंस गैंबलिंग साइट्स की ओर भेज रहे हैं?
AI Gambling Website Recommendations: एक नई रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि लोकप्रिय एआई चैटबॉट्स यूजर्स को अवैध गैंबलिंग साइट्स की जानकारी दे रहे हैं। ये टूल्स न सिर्फ इन बिना लाइसेंस वाली साइट्स के फीचर्स प्रमोट कर रहे हैं बल्कि सिक्योरिटी और वेरिफिकेशन से बचने के तरीके भी बता रहे हैं।
विस्तार
आज के डिजिटल दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) हमारे रोजमर्रा के कामों का अहम हिस्सा बन चुका है। पढ़ाई से लेकर नोट्स बनाने, रिसर्च करने और यहां तक कि एआई इमेज बनाने के लिए हम इन टूल्स पर निर्भर हो रहे हैं। लेकिन एआई की इस बढ़ती लोकप्रियता के बीच एक बेहद चौंकाने वाली और गंभीर बात सामने आई है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कई लोकप्रिय एआई चैटबॉट्स यूजर्स को बिना लाइसेंस वाली ऑनलाइन गैंबलिंग वेबसाइट्स की जानकारी दे रहे हैं। इस खुलासे ने एआई की सुरक्षा और इसकी जिम्मेदारी पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
दिग्गज एआई चैटबॉट्स टेस्ट में हुए फेल
रिसर्चर्स ने ये जानने के लिए एक टेस्ट किया कि एआई चैटबॉट्स खतरनाक सवालों का कैसा जवाब देते हैं। इसके लिए चैटजीपीटी, जेमिनी, कोपायलट, ग्रोक और मेटा एआई जैसे दुनिया के सबसे मशहूर एआई मॉडल्स से यूके में बिना लाइसेंस वाले ऑनलाइन कसीनो के बारे में सवाल पूछे गए। नतीजे बेहद हैरान करने वाले थे। इन चैटबॉट्स ने न सिर्फ ऐसी गैर-कानूनी साइट्स की जानकारी दी बल्कि उनके खास फीचर्स का प्रचार भी किया। जैसे: लुभावने बोनस ऑफर्स, क्रिप्टोकरेंसी से पेमेंट की सुविधा, पैसे निकालने का सबसे तेज तरीका आदि। विशेषज्ञों का कहना है कि ये बिना लाइसेंस वाले गैंबलिंग प्लेटफॉर्म किसी नियम-कानून को नहीं मानते। ऐसे में इन साइट्स पर यूजर्स के पैसे और डेटा दोनों के चोरी होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
सिक्योरिटी और वेरिफिकेशन तोड़ने के तरीके भी बताए
मामला सिर्फ साइट्स के नाम बताने तक सीमित नहीं था। धोखाधड़ी रोकने के लिए आमतौर पर गैंबलिंग वेबसाइट्स पर वेरिफिकेशन का एक प्रोसेस होता है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ एआई चैटबॉट्स ने यूजर्स को यह भी सिखाया कि इस वेरिफिकेशन प्रोसेस को कैसे बायपास किया जाए। इसके अलावा चैटबॉट्स ने यूजर्स को उन साइट्स तक पहुंचने के तरीके भी बताए जो यूके के 'गेमस्टॉप' सिस्टम से बाहर हैं।
गेमस्टॉप क्या है?
यह यूनाइटेड किंगडम का एक खास प्रोग्राम है जिसकी मदद से जुए की लत के शिकार लोग खुद को सट्टेबाजी वाली साइट्स से ब्लॉक कर सकते हैं। एआई का ऐसे सिस्टम को चकमा देने का तरीका बताना बेहद खतरनाक है।
इस खुलासे पर टेक कंपनियों ने क्या दी सफाई?
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद टेक जगत में हड़कंप मच गया और कंपनियों को सफाई देने के लिए आगे आना पड़ा। ओपनएआई ने दावा किया है कि उनका चैटजीपीटी चैटबॉट इस तरह के नुकसानदायक सवालों को ब्लॉक करने के लिए डिजाइन किया गया है। उनका फोकस यूजर्स को सही और सुरक्षित जानकारी देने पर है। माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि उनके एआई असिस्टेंट में सुरक्षा की कई परतें हैं। इसमें ऑटोमेटेड मॉनिटरिंग और ह्यूमन रिव्यू सिस्टम शामिल है ताकि ऐसे हानिकारक जवाबों को रोका जा सके।
एआई के साथ जिम्मेदारी है जरूरी
ये मामला हमें याद दिलाता है कि एआई तकनीक जितनी तेजी से पावरफुल हो रही है। इसे सुरक्षित रखने के लिए कड़े नियमों की भी उतनी ही सख्त जरूरत है। अगर एआई टूल्स की निगरानी नहीं की गई तो ये फायदे के बजाय समाज को बड़े नुकसान की तरफ धकेल सकते हैं।
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