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AI War: सैम ऑल्टमैन का एंथ्रोपिक CEO को करारा जवाब; कहा- तथ्य सुधारें, सरकार कंपनियों से ज्यादा शक्तिशाली है

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jagriti Updated Fri, 06 Mar 2026 02:28 PM IST
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सार

Pentagon AI deal OpenAI: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में प्रतिस्पर्धा अब खुलकर सामने आने लगी है। ओपन एआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने हाल ही में एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई को संकेत दिया कि सरकार की ताकत और भूमिका को लेकर तथ्यों को सही रखना जरूरी है। यह बयान उस समय आया है जब दोनों कंपनियों के बीच अमेरिकी रक्षा विभाग के साथ AI समझौतों और राजनीतिक रिश्तों को लेकर विवाद तेज हो गया है। 
 

AI War: Sam Altman Tells Anthropic CEO Get Facts Right Over Government Power Pentagon Deal
सैम ऑल्टमैन और डारियो अमोदेई - फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंडस्ट्री में दो बड़ी कंपनियों ओपनएआई और एंथ्रोपिक के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। एक टेक कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए सैम ऑल्टमैन के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। एक टेक कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए सैम ऑल्टमैन ने कहा कि सरकार को निजी कंपनियों से ज्यादा शक्तिशाली रहना चाहिए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर कंपनियां राजनीतिक मतभेदों की वजह लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भरोसा कम करने लगें, तो इसका असर पूरे समाज पर पड़ सकता है।
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विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
कुछ समय पहले डारियो अमोदेई ने आरोप लगाया था कि एआई कंपनियों को सरकार और सत्ता के साथ संबंधों में सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने इशारों में कहा था कि उनकी कंपनी ने तानाशाही जैसी प्रशंसा से दूरी बनाई है, जबकि कुछ अन्य कंपनियों ने ऐसा किया है। इस टिप्पणी को कई विश्लेषकों ने सीधे तौर पर सैम ऑल्टमैन की ओर इशारा माना। पेंटागन सौदे को लेकर भी विवाद: दोनों कंपनियों के बीच तनाव का एक बड़ा कारण अमेरिकी रक्षा विभाग (DoD) के साथ एआई तकनीक का इस्तेमाल भी माना जा रहा है।
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रिपोर्ट्स के अनुसार, एंथ्रोपिक ने अपनी एआई तकनीक के लिए सख्त सुरक्षा शर्तें रखी थीं। कंपनी ने घरेलू बड़े पैमाने पर निगरानी और स्वायत्त हथियारों में उपयोग पर सीमाएं चाहीं, लेकिन पेंटागन ने इन शर्तों को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद ओपनएआई ने रक्षा विभाग के साथ एक नया समझौता कर लिया।

अमेरिकी सरकार की कार्रवाई

इस बीच अमेरिकी प्रशासन ने भी एंथ्रोपिक को लेकर कड़ा कदम उठाया है। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कंपनी को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संभावित सप्लाई-चेन जोखिम बताया। इसके बाद पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर कई संघीय एजेंसियों को इसकी तकनीक के उपयोग को रोकने के निर्देश दिए गए। यह घटनाक्रम एआई कंपनियों और सरकार के बीच जटिल संबंधों को दिखाता है।

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एआई इंडस्ट्री में बढ़ती प्रतिस्पर्धा

एआई क्षेत्र में कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बेहद तेज हो चुकी है। ओपनएआई की हालिया फंडिंग के बाद कंपनी की वैल्यूएशन 730 अरब डॉलर तक पहुंच गई है। इसके प्रमुख प्रोडक्ट चैटजीपीटी के 900 मिलियन से ज्यादा साप्ताहिक यूजर बताए जा रहे हैं। वहीं, एंथ्रोपिक की वार्षिक राजस्व दर 19 अरब डॉलर से ज्यादा बताई जा रही है। इन आंकड़ों से साफ है कि एआई टेक्नोलॉजी के भविष्य को लेकर कंपनियों के बीच वर्चस्व की बड़ी लड़ाई चल रही है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह टकराव सिर्फ दो कंपनियों तक सीमित नहीं रहा, ये असल में तीन बड़े मुद्दों से जुड़ा हुआ है। जैसे एआई का सैन्य उपयोग, सरकार और टेक कंपनियों के बीच शक्ति संतुलन, एआई सुरक्षा और नैतिक नियम। आने वाले समय में यह तय करेगा कि एआई तकनीक का इस्तेमाल कितनी निगरानी और नियमों के साथ किया जाएगा।
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