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एलेक्जेंडर वांग: 16 की उम्र में लैब में कोडिंग, कॉलेज छोड़ खड़ी की अरबों की कंपनी; अब मेटा में क्या है भूमिका?
Mon, 12 Oct 2026 05:32 AM IST
निर्मल कांत
टेक डेस्क, अमर उजाला।
टेक डेस्क, अमर उजाला।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 12 Oct 2026 05:32 AM IST
सार
17 साल की उम्र में नौकरी, 19 में कंपनी और 24 में अपने बलबूते दुनिया के सबसे युवा अरबपति का खिताब-यह सब एलेक्जेंडर वांग के डाटा के प्रति गहरे जुनून का ही नतीजा है। एमआईटी की पढ़ाई बीच में ही छोड़कर 'स्केल एआई' जैसी दिग्गज कंपनी खड़ी करने वाले वांग मेटा के शीर्ष नेतृत्व में शामिल होने वाले पहले जेन-जी एग्जीक्यूटिव बने।
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एलेक्जेंडर वांग
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विस्तार
साल 2013। अमेरिका की मशहूर 'लॉस अलामोस नेशनल लेबोरेटरी'। यह वही गोपनीय जगह थी, जहां कभी दुनिया के पहले परमाणु बम पर काम हुआ था। इसके एक छोटे-से कमरे में 16 साल का लड़का बैठा था। उसके माता-पिता इसी प्रयोगशाला में काम करते थे। उस वक्त स्कूल की छुट्टियां चल रही थीं। दूसरे बच्चे खेलकूद में अपना वक्त बिता रहे थे, लेकिन वह कंप्यूटर पर कोडिंग की एक जटिल समस्या सुलझा रहा था। इसी दौरान उसने समझा कि कंप्यूटर कितना भी आधुनिक क्यों न हो, अगर उसे दिया जाने वाला डाटा ही गलत है, तो वह सही नतीजे दे ही नहीं सकता। समय बीतता गया। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने क्वोरा और हडसन रिवर ट्रेडिंग जैसी जगहों पर कोडिंग की और फिर मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) में दाखिला ले लिया। लेकिन, उसके दिमाग में हर वक्त डाटा से जुड़ी समस्याएं ही घूमती रहतीं। इसलिए, उसने कॉलेज छोड़ दिया और बिना किसी शोर-शराबे के डाटा लेबलिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर की एक कंपनी खड़ी की, जो आगे चलकर दुनिया की सबसे ताकतवर डाटा कंपनियों में से एक बनी। नाम है स्केल एआई। और, उसकी नींव रखने वाले उस युवा को आज पूरी दुनिया एलेक्जेंडर वांग के नाम से जानती है। स्केल एआई की स्थापना के साथ ही वांग ने एआई की दुनिया में अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी। वह मेटा के मुख्य एआई अधिकारी हैं और कंपनी की एआई रणनीति को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। फिलहाल वह मेटा के नए व्यक्तिगत एआई असिस्टेंट म्यूज को लेकर चर्चा में हैं। इस असिस्टेंट को एप स्टोर पर लोकप्रिय बनाने की दिशा में भी उनके योगदान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वैज्ञानिक माता-पिता, उद्यमी बेटा
एलेक्जेंडर वांग का जन्म 19 जनवरी, 1997 को अमेरिका के न्यू मेक्सिको में हुआ था। उनके माता-पिता चीनी मूल के भौतिक विज्ञानी थे। उन्होंने लॉस अलामोस हाई स्कूल से पढ़ाई की और गणित व भौतिकी ओलंपियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसके बाद एमआईटी में गणित और कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई शुरू की, लेकिन एक साल बाद छोड़ दी। महज 17 साल की उम्र में ही वांग ने एडेपर, क्वोरा और हडसन रिवर ट्रेडिंग जैसी कंपनियों में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम किया। क्वोरा में उनकी मुलाकात लूसी गुओ से हुई। वर्ष 2016 में, 19 साल की उम्र में, उन्होंने गुओ के साथ मिलकर स्केल एआई की स्थापना की। हालांकि, 2018 में गुओ ने मतभेदों के चलते कंपनी छोड़ दी। वांग के दो बड़े भाई भी हैं।
नाम की खास वर्तनी
एलेक्जेंडर वांग के नाम की अंग्रेजी वर्तनी में आखिरी ‘ई’ नहीं है। इसके पीछे उनके माता-पिता की एक खास सोच थी। दरअसल, चीनी संस्कृति में आठ अंक को धन, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। इसलिए, उन्होंने वांग के नाम की वर्तनी इस तरह रखी कि उसमें कुल आठ अक्षर हों। वांग को बचपन से ही गणित में गहरी रुचि थी। छठी कक्षा में उन्होंने पहली बार गणित की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। दिलचस्प बात यह है कि उनका मकसद गणित में अपनी प्रतिभा साबित करना नहीं, बल्कि इनाम में डिज्नीलैंड की मुफ्त यात्रा जीतना था। वह प्रतियोगिता जीत गए और यहीं से प्रतियोगी गणित के प्रति उनकी दिलचस्पी बढ़ने लगी। वांग मेटा के शीर्ष नेतृत्व में शामिल होने वाले जनरेशन जेड (जेन जी) के पहले एग्जीक्यूटिव भी हैं। वह अंग्रेजी के अलावा मंदारिन (चीनी) और स्पैनिश भाषा में भी संवाद कर सकते हैं।
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ये भी पढ़ें: ओपनएआई से तीन सुरक्षा शोधकर्ता बाहर: हगिंग फेस हैकिंग की जांच के बाद एक्शन; सुरक्षा पर सवाल उठाना पड़ा भारी?
शतरंज, वायलिन और सूरज की रोशनी
एलेक्जेंडर वांग को खाली समय में शतरंज और दिमागी खेल खेलना पसंद है। उन्हें यात्रा का भी शौक है और वह अब तक 50 से अधिक देशों की यात्रा कर चुके हैं। इसके अलावा, उन्हें शास्त्रीय वायलिन बजाने में रुचि है। वांग को सफल उद्यमियों और बड़ी कंपनियों की कहानियां पढ़ना पसंद है। उनकी पसंदीदा किताबों में स्टीव जॉब्स की जीवनी और ब्रैड स्टोन की द एवरीथिंग स्टोर शामिल हैं। किताबों के अलावा, चाय भी उनकी दिनचर्या का अहम हिस्सा है। उन्हें जापानी और चीनी चाय पसंद हैं। वह अलार्म की तेज आवाज के बजाय सुबह प्राकृतिक सूर्य की रोशनी से जागना पसंद करते हैं, ताकि मानसिक क्षमता संतुलित रहे।
सैम ऑल्टमैन के रूममेट
कोरोना महामारी के दौरान एलेक्जेंडर वांग सैन फ्रांसिस्को में सैम ऑल्टमैन के साथ एक ही घर में रहते थे। वर्ष 2021 में, 24 साल की उम्र में, फोर्ब्स ने उन्हें दुनिया का सबसे कम उम्र का स्व-निर्मित अरबपति बताया। इससे पहले, 21 साल की उम्र में, उन्हें फोर्ब्स की ‘30 अंडर 30’ सूची में जगह मिली थी। जनवरी 2025 में उन्हें डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया गया था। फोर्ब्स के अनुसार, 2025-26 में उनकी अनुमानित संपत्ति 30,000 करोड़ रुपये से अधिक थी।
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वैज्ञानिक माता-पिता, उद्यमी बेटा
एलेक्जेंडर वांग का जन्म 19 जनवरी, 1997 को अमेरिका के न्यू मेक्सिको में हुआ था। उनके माता-पिता चीनी मूल के भौतिक विज्ञानी थे। उन्होंने लॉस अलामोस हाई स्कूल से पढ़ाई की और गणित व भौतिकी ओलंपियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसके बाद एमआईटी में गणित और कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई शुरू की, लेकिन एक साल बाद छोड़ दी। महज 17 साल की उम्र में ही वांग ने एडेपर, क्वोरा और हडसन रिवर ट्रेडिंग जैसी कंपनियों में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम किया। क्वोरा में उनकी मुलाकात लूसी गुओ से हुई। वर्ष 2016 में, 19 साल की उम्र में, उन्होंने गुओ के साथ मिलकर स्केल एआई की स्थापना की। हालांकि, 2018 में गुओ ने मतभेदों के चलते कंपनी छोड़ दी। वांग के दो बड़े भाई भी हैं।
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नाम की खास वर्तनी
एलेक्जेंडर वांग के नाम की अंग्रेजी वर्तनी में आखिरी ‘ई’ नहीं है। इसके पीछे उनके माता-पिता की एक खास सोच थी। दरअसल, चीनी संस्कृति में आठ अंक को धन, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। इसलिए, उन्होंने वांग के नाम की वर्तनी इस तरह रखी कि उसमें कुल आठ अक्षर हों। वांग को बचपन से ही गणित में गहरी रुचि थी। छठी कक्षा में उन्होंने पहली बार गणित की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। दिलचस्प बात यह है कि उनका मकसद गणित में अपनी प्रतिभा साबित करना नहीं, बल्कि इनाम में डिज्नीलैंड की मुफ्त यात्रा जीतना था। वह प्रतियोगिता जीत गए और यहीं से प्रतियोगी गणित के प्रति उनकी दिलचस्पी बढ़ने लगी। वांग मेटा के शीर्ष नेतृत्व में शामिल होने वाले जनरेशन जेड (जेन जी) के पहले एग्जीक्यूटिव भी हैं। वह अंग्रेजी के अलावा मंदारिन (चीनी) और स्पैनिश भाषा में भी संवाद कर सकते हैं।
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शतरंज, वायलिन और सूरज की रोशनी
एलेक्जेंडर वांग को खाली समय में शतरंज और दिमागी खेल खेलना पसंद है। उन्हें यात्रा का भी शौक है और वह अब तक 50 से अधिक देशों की यात्रा कर चुके हैं। इसके अलावा, उन्हें शास्त्रीय वायलिन बजाने में रुचि है। वांग को सफल उद्यमियों और बड़ी कंपनियों की कहानियां पढ़ना पसंद है। उनकी पसंदीदा किताबों में स्टीव जॉब्स की जीवनी और ब्रैड स्टोन की द एवरीथिंग स्टोर शामिल हैं। किताबों के अलावा, चाय भी उनकी दिनचर्या का अहम हिस्सा है। उन्हें जापानी और चीनी चाय पसंद हैं। वह अलार्म की तेज आवाज के बजाय सुबह प्राकृतिक सूर्य की रोशनी से जागना पसंद करते हैं, ताकि मानसिक क्षमता संतुलित रहे।
सैम ऑल्टमैन के रूममेट
कोरोना महामारी के दौरान एलेक्जेंडर वांग सैन फ्रांसिस्को में सैम ऑल्टमैन के साथ एक ही घर में रहते थे। वर्ष 2021 में, 24 साल की उम्र में, फोर्ब्स ने उन्हें दुनिया का सबसे कम उम्र का स्व-निर्मित अरबपति बताया। इससे पहले, 21 साल की उम्र में, उन्हें फोर्ब्स की ‘30 अंडर 30’ सूची में जगह मिली थी। जनवरी 2025 में उन्हें डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया गया था। फोर्ब्स के अनुसार, 2025-26 में उनकी अनुमानित संपत्ति 30,000 करोड़ रुपये से अधिक थी।