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टेक्नोलॉजी: पानी उबलते ही क्यों बंद हो जाती है इलेक्ट्रिक केतली? जानिए कैसे काम करता है ऑटो-कट फीचर?
Mon, 12 Oct 2026 04:28 PM IST
नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Mon, 12 Oct 2026 04:28 PM IST
सार
इलेक्ट्रिक केतली में पानी उबालने के लिए आपको लगातार उसके पास खड़े रहने की जरूरत नहीं पड़ती। पानी उबलते ही केतली अपने आप बंद हो जाती है। लेकिन केतली को कैसे पता चलता है कि उसे कब बंद होना है? जानिए इलेक्ट्रिक केतली का ऑटो-कट फीचर कैसे काम करता है।
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इलेक्ट्रिक केतली
- फोटो : Adobe stock
विस्तार
इलेक्ट्रिक केतली (Electric Kettle) में पानी उबालना बेहद आसान है। इसमें पानी भरिए, स्विच ऑन कीजिए और कुछ ही मिनटों में पानी गर्म हो जाता है। खास बात यह है कि पानी उबलने के बाद केतली अपने आप बंद भी हो जाती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसे कैसे पता चलता है कि पानी उबल चुका है? क्या इसके पीछे कोई स्मार्ट सेंसर या एआई काम करता है? आइए जानते हैं इलेक्ट्रिक केतली के उस खास मैकेनिज्म के बारे में जो सही समय पर केतली को बंद कर उसे खराब होने से बचाता है।
केतली गर्म होने पर अपने आप कैसे हो जाती है बंद?
इलेक्ट्रिक केतली के गर्म होने पर अपने आप बंद यानी ऑटो शट-ऑफ हो जाता है। इससे न सिर्फ बिजली बर्बाद होने से बचती है, बल्कि केतली भी अधिक गर्म होकर खराब होने से बच जाती है। लेकिन इससे पीछे एक खास तकनीक काम करती है जिसे थर्मोस्टेट कहते हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि यह तकनीक कैसे काम करती है।
इलेक्ट्रिक केतली का ऑटो शट-ऑफ कैसे काम करता है?
इलेक्ट्रिक केतली में ऑटो शट-ऑफ के लिए आमतौर पर थर्मोस्टेट (Thermostat) और भाप का इस्तेमाल किया जाता है। केतली ऑन करने पर उसके बेस में मौजूद हीटिंग एलिमेंट पानी को गर्म करता है। पानी उबलने लगता है, तो उससे निकलने वाली भाप केतली के अंदर बने एक खास रास्ते से थर्मोस्टेट तक पहुंचती है।
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यह भी पढ़ें: सीजेपी प्रोटेस्ट में पुलिस की वर्दी पर दिखा अनोखा कैमरा: हर हरकत को करता है कैद, जानें क्या है इसका काम
थर्मोस्टेट में अक्सर एक खास पुर्जा होता है, जिसे बाईमेटैलिक स्ट्रिप या डिस्क कहते हैं। यह दो अलग-अलग धातुओं से बनी होती है, जो गर्म होने पर अलग-अलग दर से फैलती हैं। भाप की गर्मी से इस स्ट्रिप का आकार बदलता है और एक तय स्थिति पर पहुंचते ही यह स्विच को ट्रिगर कर देता है। इससे बिजली का सर्किट टूट जाता है और हीटिंग एलिमेंट काम करना बंद कर देता है। यही वजह है कि पानी उबलने के कुछ ही समय बाद केतली अपने आप बंद हो जाती है।
टाइमर या एआई का नहीं होता इस्तेमाल
कई लोगों को भ्रम होता है कि केतली में कोई टाइमर लगा है जो समय पर इसे बंद कर देता है। लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। इसके लिए किसी टाइमर या एआई की जरूरत नहीं होती। हालांकि, कुछ आधुनिक मॉडल में इलेक्ट्रॉनिक तापमान सेंसर भी इस्तेमाल किए जाते हैं।
सामान्य वायुमंडलीय दबाव में पानी लगभग 100 डिग्री सेल्सियस पर उबलता है। हालांकि, ऊंचाई और आसपास के दबाव के कारण इसका उबलने का तापमान बदल सकता है। इसलिए हर केतली का ऑटो शट-ऑफ सिस्टम बिल्कुल एक ही तापमान पर काम करे, यह जरूरी नहीं है।
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केतली गर्म होने पर अपने आप कैसे हो जाती है बंद?
इलेक्ट्रिक केतली के गर्म होने पर अपने आप बंद यानी ऑटो शट-ऑफ हो जाता है। इससे न सिर्फ बिजली बर्बाद होने से बचती है, बल्कि केतली भी अधिक गर्म होकर खराब होने से बच जाती है। लेकिन इससे पीछे एक खास तकनीक काम करती है जिसे थर्मोस्टेट कहते हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि यह तकनीक कैसे काम करती है।
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इलेक्ट्रिक केतली का ऑटो शट-ऑफ कैसे काम करता है?
इलेक्ट्रिक केतली में ऑटो शट-ऑफ के लिए आमतौर पर थर्मोस्टेट (Thermostat) और भाप का इस्तेमाल किया जाता है। केतली ऑन करने पर उसके बेस में मौजूद हीटिंग एलिमेंट पानी को गर्म करता है। पानी उबलने लगता है, तो उससे निकलने वाली भाप केतली के अंदर बने एक खास रास्ते से थर्मोस्टेट तक पहुंचती है।
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थर्मोस्टेट में अक्सर एक खास पुर्जा होता है, जिसे बाईमेटैलिक स्ट्रिप या डिस्क कहते हैं। यह दो अलग-अलग धातुओं से बनी होती है, जो गर्म होने पर अलग-अलग दर से फैलती हैं। भाप की गर्मी से इस स्ट्रिप का आकार बदलता है और एक तय स्थिति पर पहुंचते ही यह स्विच को ट्रिगर कर देता है। इससे बिजली का सर्किट टूट जाता है और हीटिंग एलिमेंट काम करना बंद कर देता है। यही वजह है कि पानी उबलने के कुछ ही समय बाद केतली अपने आप बंद हो जाती है।
टाइमर या एआई का नहीं होता इस्तेमाल
कई लोगों को भ्रम होता है कि केतली में कोई टाइमर लगा है जो समय पर इसे बंद कर देता है। लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। इसके लिए किसी टाइमर या एआई की जरूरत नहीं होती। हालांकि, कुछ आधुनिक मॉडल में इलेक्ट्रॉनिक तापमान सेंसर भी इस्तेमाल किए जाते हैं।
सामान्य वायुमंडलीय दबाव में पानी लगभग 100 डिग्री सेल्सियस पर उबलता है। हालांकि, ऊंचाई और आसपास के दबाव के कारण इसका उबलने का तापमान बदल सकता है। इसलिए हर केतली का ऑटो शट-ऑफ सिस्टम बिल्कुल एक ही तापमान पर काम करे, यह जरूरी नहीं है।