Baal Aadhaar: क्या आपने बनवाया अपने बच्चे का 'बाल आधार'? फ्री में ऐसे करें अप्लाई, मिलेंगे कई सरकारी फायदे
Baal Aadhaar Card Apply: क्या आप जानते हैं कि 5 साल से कम उम्र के नवजात बच्चों का भी आधार कार्ड बनता है? नीले रंग के इस खास कार्ड को 'बाल आधार' कहा जाता है। बच्चों के स्कूल एडमिशन से लेकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तक, यह एक बेहद जरूरी डॉक्यूमेंट है। इस लेख में जानिए कि बाल आधार क्या है, इसके लिए कौन-से डॉक्यूमेंट्स चाहिए और इसे फ्री में बनवाने का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस क्या है।
विस्तार
भारत में आधार कार्ड भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के जरिए भारत के निवासियों को जारी किया जाने वाला 12 अंकों का एक विशिष्ट पहचान पत्र है। ये सरकारी सब्सिडी पाने के लिए, बैंक खाता खोलने, आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने, नया सिम कार्ड लेने और पहचान/पते के प्रमाण के रूप में जरूरी है। बड़ों के आधार कार्ड के साथ-साथ बच्चो के लिए बाल आधार भी बनता है। बहुत से नए माता-पिता को यह नहीं पता होता कि वे अपने नवजात बच्चों के लिए भी आधार कार्ड बनवा सकते हैं। 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए UIDAI ने एक खास तरह का आधार कार्ड डिजाइन किया है, जिसे 'बाल आधार' कहा जाता है।
बाल आधार क्या है?
यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने फरवरी 2018 में 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए आधिकारिक तौर पर 'बाल आधार' की शुरुआत की थी। यह कार्ड बच्चों के लिए जारी किया जाता है और देखने में रेगुलर आधार कार्ड से बिल्कुल अलग होता है। बाल आधार कार्ड का रंग नीला होता है। भारत का निवासी कोई भी बच्चा इसके लिए अप्लाई कर सकता है।
बाल आधार के लिए जरूरी दस्तावेज
अपने बच्चे का बाल आधार बनवाने के लिए आपको कुछ बुनियादी दस्तावेजों की जरूरत होगी। सबसे पहले, बच्चे की पहचान के लिए उसका जन्म प्रमाण पत्र या अस्पताल से मिली डिस्चार्ज स्लिप अनिवार्य है। चूंकि छोटे बच्चे का आधार उसके अभिभावक के साथ लिंक किया जाता है, इसलिए माता या पिता में से किसी एक का आधार कार्ड होना भी जरूरी है। इसके साथ ही, परिवार जहां रह रहा है उस स्थान की पुष्टि के लिए माता-पिता के नाम पर एक वैध पते का प्रमाण भी साथ रखना होगा।
बच्चे के लिए बाल आधार कैसे अप्लाई करें? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)
बाल आधार बनवाने का प्रोसेस बहुत ही सिंपल और सीधा है। इसे आसानी से बनवाने के लिए आप इन स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं:
अपॉइंटमेंट बुक करें: सबसे पहले UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और अपने बच्चे के बाल आधार के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक करें।
आधार केंद्र चुनें: अपने घर के सबसे नजदीकी आधार एनरोलमेंट सेंटर का चुनाव करें।
फॉर्म भरें: सेंटर पर जाकर एनरोलमेंट फॉर्म लें और उसमें अपने बच्चे की सही डिटेल्स भरें।
पैरेंट्स का आधार दें: फॉर्म में माता या पिता का आधार नंबर ध्यान से और सही-सही दर्ज करें।
डॉक्यूमेंट्स जमा करें: फॉर्म के साथ सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स सेंटर पर जमा कर दें।
फोटोग्राफी: इस दौरान आपके बच्चे की एक लाइव फोटो खींची जाएगी।
बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन: बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए माता या पिता के फिंगरप्रिंट या आंखों को स्कैन किया जाएगा।
बायोमेट्रिक अपडेट: फिलहाल बच्चे की सिर्फ फोटो ली जाती है, लेकिन जब बच्चा 5 साल का हो जाए तो उसके बायोमेट्रिक डिटेल्स को आधार सेंटर जाकर अपडेट कराना जरूरी होता है।
फीस: सबसे अच्छी बात यह है कि बाल आधार के लिए अप्लाई करने या डिटेल्स अपडेट कराने के लिए पैरेंट्स को कोई फीस नहीं देनी होती है।
बाल आधार बनवाना क्यों जरूरी है?
बच्चों के लिए बाल आधार केवल एक कार्ड नहीं, बल्कि एक बेहद महत्वपूर्ण आधिकारिक दस्तावेज है जो कई मोर्चों पर काम आता है। यह मुख्य रूप से बच्चों के लिए एक वैलिड आईडी प्रूफ के रूप में काम करता है। इसकी जरूरत आज के समय में स्कूल एडमिशन के दौरान सबसे ज्यादा पड़ती है। सिर्फ शिक्षा ही नहीं, बल्कि बच्चों के नाम पर मिलने वाली विभिन्न सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का सीधा लाभ उठाने के लिए भी बाल आधार अनिवार्य है। इसके अलावा, परिवार के साथ फ्लाइट या ट्रेन में यात्रा करते समय या किसी भी तरह के आधिकारिक डॉक्यूमेंटेशन की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए यह एक भरोसेमंद पहचान पत्र साबित होता है।
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