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AI: क्या लद गए Wikipedia के दिन? ChatGPT अब दे रहा है एलन मस्क के Grokipedia का हवाला, समझिए पूरा खेल
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Sun, 25 Jan 2026 10:50 AM IST
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सार
एलन मस्क और सैम ऑल्टमैन के बीच भले ही कड़वाहट हो, लेकिन उनके एआई प्रोडक्ट्स अब हाथ मिलाते दिख रहे हैं। ओपनएआई का नया GPT-5.2 मॉडल अब रियल-टाइम जानकारी के लिए विकिपीडिया के बजाय मस्क के 'ग्रोकीपीडिया' का इस्तेमाल कर रहा है, जो फिलहाल विवादों के घेरे में है।
ग्रोकिपीडिया
- फोटो : AI
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विस्तार
एलन मस्क और सैम ऑल्टमैन (OpenAI के सीईओ) की आपसी खींचतान पूरी दुनिया के सामने है, लेकिन तकनीक की दुनिया में कब कौन किसके काम आ जाए, यह कहना मुश्किल है। मस्क की कंपनी xAI ने पिछले साल विकिपीडिया को टक्कर देने के लिए 'ग्रोकीपीडिया' (Grokipedia) नाम का एक एआई-जनरेटेड इनसाइक्लोपीडिया लॉन्च किया था। अब खबर आ रही है कि चैटजीपीटी (ChatGPT) का सबसे एडवांस मॉडल GPT-5.2 इंटरनेट सर्च के दौरान ग्रोकीपीडिया से ही जानकारी जुटा रहा है। यानी जिस मस्क से सैम ऑल्टमैन का छत्तीस का आंकड़ा है, उन्हीं के प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल अब चैटजीपीटी को स्मार्ट बनाने के लिए हो रहा है।
कहां और कैसे हो रहा है ग्रोकीपीडिया का इस्तेमाल?
'द गार्जियन' की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, एक परीक्षण के दौरान GPT-5.2 ने करीब एक दर्जन सवालों के जवाब देने के लिए ग्रोकीपीडिया का नौ बार सहारा लिया। इसमें ईरान के राजनीतिक ढांचे, वहां की सेना (Basij Force) की सैलरी और बड़े संस्थानों के मालिकाना हक जैसे पेचीदा मुद्दे शामिल थे। सिर्फ इतना ही नहीं, ब्रिटिश इतिहासकार सर रिचर्ड इवांस जैसे विषयों पर भी चैटजीपीटी ने विकिपीडिया के बजाय मस्क के इस एआई इनसाइक्लोपीडिया पर भरोसा जताया।
ग्रोकीपीडिया पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
भले ही एआई मॉडल इसका इस्तेमाल कर रहे हों, लेकिन ग्रोकीपीडिया विवादों से मुक्त नहीं है। लॉन्चिंग के वक्त से ही इस पर आरोप लगते रहे हैं कि इसने विकिपीडिया की जानकारी को हूबहू कॉपी किया है। सबसे बड़ी चिंता इसकी निष्पक्षता को लेकर है। आलोचकों का कहना है कि ग्रोकीपीडिया एलन मस्क के निजी विचारों और दक्षिणपंथी विचारधारा को बढ़ावा देता है। पूर्व में इस पर जलवायु परिवर्तन (Climate Change), अमेरिका की '6 जनवरी' वाली घटना और समलैंगिक विवाह जैसे संवेदनशील मुद्दों पर गलत जानकारी फैलाने के आरोप भी लग चुके हैं।
विकिपीडिया से बेहद अलग है ग्रोकीपीडिया
विकिपीडिया और ग्रोकीपीडिया के काम करने के तरीके में जमीन-आसमान का अंतर है। विकिपीडिया एक लोकतांत्रिक मंच है जहां इंसान सीधे तौर पर किसी भी जानकारी को एडिट या सही कर सकते हैं। इसके उलट, ग्रोकीपीडिया पूरी तरह एआई-आधारित है। यहां यूजर्स केवल फीडबैक फॉर्म के जरिए बदलाव का सुझाव दे सकते हैं, लेकिन उसे सुधारने का अंतिम फैसला एआई सिस्टम के पास ही होता है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चैटजीपीटी ने उन विवादित विषयों पर ग्रोकीपीडिया का हवाला नहीं दिया जहां गलत जानकारी होने की संभावना ज्यादा थी, लेकिन कम चर्चित विषयों पर इसने मस्क के प्लेटफॉर्म की बातों को ही दोहराया।
सिर्फ चैटजीपीटी ही नहीं, 'क्लाउड' भी है इस रेस में
दिलचस्प बात यह है कि ग्रोकीपीडिया का इस्तेमाल करने वाली अकेली कंपनी ओपनएआई नहीं है। एंथ्रोपिक (Anthropic), जो अपना एआई क्लाउड (Claude) बनाती है, उसने भी पेट्रोलियम उत्पादन से लेकर स्कॉटिश वाइन (Ales) जैसे विषयों पर ग्रोकीपीडिया से ही जवाब जुटाए।
इस पूरे विवाद पर ओपनएआई के प्रवक्ता का कहना है कि उनका सर्च फीचर इंटरनेट पर मौजूद हर तरह के सार्वजनिक स्रोतों और नजरियों को समेटने की कोशिश करता है। कंपनी का दावा है कि वे 'सेफ्टी फिल्टर्स' का इस्तेमाल करते हैं ताकि गलत जानकारी यूजर्स तक न पहुंचे और चैटजीपीटी स्पष्ट रूप से बताता है कि उसने जानकारी कहां से ली है।
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कहां और कैसे हो रहा है ग्रोकीपीडिया का इस्तेमाल?
'द गार्जियन' की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, एक परीक्षण के दौरान GPT-5.2 ने करीब एक दर्जन सवालों के जवाब देने के लिए ग्रोकीपीडिया का नौ बार सहारा लिया। इसमें ईरान के राजनीतिक ढांचे, वहां की सेना (Basij Force) की सैलरी और बड़े संस्थानों के मालिकाना हक जैसे पेचीदा मुद्दे शामिल थे। सिर्फ इतना ही नहीं, ब्रिटिश इतिहासकार सर रिचर्ड इवांस जैसे विषयों पर भी चैटजीपीटी ने विकिपीडिया के बजाय मस्क के इस एआई इनसाइक्लोपीडिया पर भरोसा जताया।
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ग्रोकीपीडिया पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
भले ही एआई मॉडल इसका इस्तेमाल कर रहे हों, लेकिन ग्रोकीपीडिया विवादों से मुक्त नहीं है। लॉन्चिंग के वक्त से ही इस पर आरोप लगते रहे हैं कि इसने विकिपीडिया की जानकारी को हूबहू कॉपी किया है। सबसे बड़ी चिंता इसकी निष्पक्षता को लेकर है। आलोचकों का कहना है कि ग्रोकीपीडिया एलन मस्क के निजी विचारों और दक्षिणपंथी विचारधारा को बढ़ावा देता है। पूर्व में इस पर जलवायु परिवर्तन (Climate Change), अमेरिका की '6 जनवरी' वाली घटना और समलैंगिक विवाह जैसे संवेदनशील मुद्दों पर गलत जानकारी फैलाने के आरोप भी लग चुके हैं।
विकिपीडिया से बेहद अलग है ग्रोकीपीडिया
विकिपीडिया और ग्रोकीपीडिया के काम करने के तरीके में जमीन-आसमान का अंतर है। विकिपीडिया एक लोकतांत्रिक मंच है जहां इंसान सीधे तौर पर किसी भी जानकारी को एडिट या सही कर सकते हैं। इसके उलट, ग्रोकीपीडिया पूरी तरह एआई-आधारित है। यहां यूजर्स केवल फीडबैक फॉर्म के जरिए बदलाव का सुझाव दे सकते हैं, लेकिन उसे सुधारने का अंतिम फैसला एआई सिस्टम के पास ही होता है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चैटजीपीटी ने उन विवादित विषयों पर ग्रोकीपीडिया का हवाला नहीं दिया जहां गलत जानकारी होने की संभावना ज्यादा थी, लेकिन कम चर्चित विषयों पर इसने मस्क के प्लेटफॉर्म की बातों को ही दोहराया।
सिर्फ चैटजीपीटी ही नहीं, 'क्लाउड' भी है इस रेस में
दिलचस्प बात यह है कि ग्रोकीपीडिया का इस्तेमाल करने वाली अकेली कंपनी ओपनएआई नहीं है। एंथ्रोपिक (Anthropic), जो अपना एआई क्लाउड (Claude) बनाती है, उसने भी पेट्रोलियम उत्पादन से लेकर स्कॉटिश वाइन (Ales) जैसे विषयों पर ग्रोकीपीडिया से ही जवाब जुटाए।
इस पूरे विवाद पर ओपनएआई के प्रवक्ता का कहना है कि उनका सर्च फीचर इंटरनेट पर मौजूद हर तरह के सार्वजनिक स्रोतों और नजरियों को समेटने की कोशिश करता है। कंपनी का दावा है कि वे 'सेफ्टी फिल्टर्स' का इस्तेमाल करते हैं ताकि गलत जानकारी यूजर्स तक न पहुंचे और चैटजीपीटी स्पष्ट रूप से बताता है कि उसने जानकारी कहां से ली है।