Apple ads update: iPhone यूजर्स के लिए बड़ी खबर, अब एपल एप स्टोर पर भर-भर के दिखाएगा एड्स, जानें क्यों
Apple App Store Update: अगर आप आईफोन यूजर हैं, तो जल्द ही आपका एप स्टोर थोड़ा बदला-बदला नजर आने वाला है। एपल ने कंफर्म किया कि वह एप स्टोर के सर्च रिजल्ट्स में अतिरिक्त विज्ञापन (Extra Ads) पेश करने जा रहा है। कंपनी ने डेवलपर्स को ईमेल भेजकर इसकी जानकारी दी है।
विस्तार
एपल ने स्पष्ट किया है कि मार्च 2026 से एप स्टोर पर सर्च के दौरान ज्यादा विज्ञापन दिखाए जाएंगे। कंपनी का कहना है कि इससे डेवलपर्स को ज्यादा डाउनलोड्स के मौके मिलेंगे, लेकिन यूजर्स को ऑर्गेनिक रिजल्ट्स देखने के लिए ज्यादा स्पॉन्सर्ड कंटेंट से गुजरना पड़ेगा। सबसे पहले ये बदलाव यूके और जापान में लागू होगा। आईफोन बनाने वाली कंपनी ने ये जानकारी अपने विज्ञापन पेज पर साझा की है। डेवलपर्स को ईमेल के जरिए भी इसकी सूचना दी गई है।
सबसे पहले कहां होगा लागू?
एप स्टोर पर अतिरिक्त विज्ञापन सबसे पहले यूके और जापान में दिखाई देंगे। इसके बाद मार्च के अंत तक ये अदलाव अमेरिका समेत अन्य देश और मार्केट्स में भी लागू कर दिया जाएगा। वैसे तो ये जानकारी ज्यादा चौंकाने वाली नहीं है, क्योंकि एपल ने इसके पहले भी पिछले महीने इसके संकेत दिए थे कि वह एप स्टोर पर विज्ञापन की संख्या बढ़ाने की योजना बना रहा है। हालांकि उस समय कंपनी ने कोई तय तारीख नहीं बताई थी।
ये भी पढ़े: YouTube: अब आपका 'अवतार' बनाएगा वीडियो! खुद को क्लोन कर सकेंगे क्रिएटर्स, जल्द आ रहा ये खास फीचर
एपल क्यो बढ़ा रहा एड्स?
एपल का कहना है कि ये बदलाव डेवलपर्स को और ज्यादा अवसर देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। जिससे वे अपने एप्स के लिए ज्यादा डाउनलोड्स हासिल कर सकें। साथ ही ये एपल के लिए एक नया और मजबूत एड रेवेन्यू सोर्स भी बन सकता है।
कहां दिखेंगे विज्ञापन?
फिलहाल एप स्टोर पर किसी एप काे सर्च करने पर रिजल्ट्स के टॉप पर सिर्फ एक एड देखाई देता है, लेकिन मार्च 2026 से एपल अतिरिक्त एड स्लॉट्स पेश करेगा। कंपनी का कहना है कि एड्स अब या तो सर्च रिजल्ट के सबसे ऊपर या सर्च रिजल्ट के नीचे की ओर दिखाई देंगे।
डेवलपर्स को क्या करना होगा?
एपल ने साफ किया है कि डेवलपर्स को अपनी मौजूदा कैंपेन में कोई बदलाव करने की जरूरत नहीं होगी। जिन एप्स की सर्च रिजल्ट्स कैंपेन पहले से चल रही है, उनके एड्स अपने आप सभी नए पोजीशन्स के लिए एलिजिबल हो जाएंगे। हालांकि, डेवलपर्स किसी खास पोजीशन को चुन या उस पर अलग से बिड नहीं कर सकेंगे।
यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा?
कंपनी का कहना है कि लगभग 65 प्रतिशत एप डाउनलोड्स सीधे सर्च के बाद होते हैं। ऐसे में ज्यादा ऐड्स से ऐडवर्टाइजर्स को फायदा मिलेगा, लेकिन आम यूजर्स को ऑर्गेनिक रिजल्ट्स देखने के लिए ज्यादा स्पॉन्सर्ड कंटेंट स्क्रॉल करना पड़ सकता है। एपल का कहना है कि उसकी इंटेलिजेंट मैचिंग टेक्नोलॉजी की वजह से दिखाए जाने वाले एड्स यूजर्स के लिए रेलेवेंट रहेंगे। कंपनी के अनुसार, टॉप पोजीशन वाले एड्स पर 60 प्रतिशत से ज्यादा का औसत कन्वर्जन रेट मिलता है।