Yuvraj Mehta Accident: गहरे पानी में फंस जाए कार तो क्या करें, बाहर निकलने के इन तरीकों से बच सकती है आपकी जान
Noida Techie Yuvraj Mehta Death Case:ऑटो कंपनियां आजकल कारों में एयर बैग और एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम जैसे सेफ्टी फीचर्स देती हैं, लेकिन इसके अलावा कुछ ऐसे उपाय भी हैं जो आपको जरूर पता होना चाहिए। इससे किसी भी आपातकालीन स्थित में मदद पहुंचने तक आप सूझबूझ से अपनी रक्षा कर सकते हैं। अगर कार पानी में गिर जाए या दरवाजा न खुले, तो घबराने के बजाय इन तरीकों को अपनाएं..
विस्तार
पिछले दिनों 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत ने सबको झकझोर कर रख दिया। युवराज की कार पानी से भरे गहरे बेसमेंट में गिर गई थी। वे गुड़गांव से अपने घर नोएडा लौट रहे थे, तभी सेक्टर-150 में एटीएस ली-ग्रैंडियोज मोड़ के पास अचानक युवराज की कार ने कंट्रोल खो दिया और निर्माणाधीन मॉल के करीब 40 फीट गहरे पानी भरे बेसमेंट में जा गिरी। तमाम कोशिशों के बावजूद युवराज को बचाया नहीं जा सका। वे अपने पिता की आंखों के सामने डूब गए। आपको बता दें कि ऐसी आपातकालीन स्थित में पैनिक होने के बजाय सूझबूझ से जान बच सकती है। जैसे कार का हेडरेस्ट निकालना, विंडशील्ड तोड़ना और सीट बेल्ट कटर के इस्तेमाल करने के तरीके से कुछ हद तक मौत से लड़ा जा सकता है। इस लेख में जानिए अगर आप भी ऐसे ही परिस्थिति में फंस जाते हैं तो क्या कर सकते हैं...
डूबती कार से कैसे निकलें बाहर?
- सबसे पहले घबराएं नहीं क्योंकि घबराहट में हम सूझबूझ से काम नहीं ले पाते। हालांकि युवराज ने भी सूझबूझ से काम लिया था और सनरूफ से निकलकर पिता को कॉल भी किया, लेकिन समय रहते मदद न मिलने और कार के पूरी तरह डूबने से उनकी जान चली गई।
- ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसी स्थिति में चंद सेकंड्स का सही फैसला जिंदगी और मौत के बीच का अंतर पैदा करता है।
कार के अंदर सीट का हेडरेस्ट
- कार के अंदर हर सीट पर हेडरेस्ट होता है। उसके पीछे एक पुश का बटन होता है। पुश बटन को दबाते ही हेडरेस्ट बाहर आ जाएगा।
- जिन कारों में हेडरेस्ट नहीं होता, उनमें सीट पर नीचे की तरफ सीट झुकाने का एक बटन दिया होता है। सीट पीछे करेंगे तो ये आसानी से बाहर आ जाएगा।
शीशे को तोड़ें
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हेडरेस्ट निकल जाने के बाद नीचे लगी नुकीली धातु की रॉड्स से साइड की खिड़की के कोनों पर जोर से प्रहार करें। ये धातु का हिस्सा मददगार साबित हो सकता है।
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याद रखें, सामने का शीशा (Windshield) बहुत मजबूत होता है, इसलिए हमेशा साइड विंडो को ही तोड़ें।
जब शीशा दरक जाए तो क्या करें?
- शीशा दरकने के बाद आपको हेडरेस्ट को दोनों पाइप के सहारे मजबूत से पकड़ना है। इससे ग्रिप और फोस बनेगा।
- इसके बाद उसे पूरी ताकत से शीशे पर मारेंगे तो शीशा टूट जाएगा।
शीशा टूटने के बाद क्या करें?
- कारों में ऊपर की तरफ एक बीम होती है। आप शीशा टूटने के बाद सिर को बाहर निकालें और बीम पर ग्रिप बनाते हुए ऊपर चढ़ें।
- ध्यान रहे ऐसा करने पर आपके पैर फंस सकते हैं। ऐसे में जितना हो सके सीट पीछे करें, इससे स्टीयरिंग और पैरों के बीच में स्पेस बन जाएगा।
- फिर आप आसानी से बाहर निकल सकते हैं।
रूफ पर चढ़कर क्या ध्यान रखें?
- अगर आप शीशा तोड़कर या सनरूफ से बाहर निकल जाते हैं, तो कार की छत पर खड़े होने की गलती न करें। गाड़ी हमेशा इंजन के भारी वजन की तरफ से डूबती है।
- ऐसे में कार की छत पर पेट के बल लेट जाएं, इससे गाड़ी का बैलेंस बना रहेगा और वह पानी में जल्दी नहीं डूबेगी, जिससे आपको रेस्क्यू के लिए अतिरिक्त समय मिल जाएगा।
दरवाजा न खुले तो क्या करें?
- हादसे में नुकसान पहुंचने की वजह से या बाहर पानी का प्रेशर होने की वजह से कई बार कार के दरवाजे नहीं खुल पाते। बैटरी भी डाउन हो जाती है।
- ऐसे में सबसे पहले अपको सीट बेल्ट खोलना है। बेल्ट खोलने के बाद उसके निचले हिस्से यानी बकल पर ग्रिप बनाने की काेशिश करें।
- इसके बाद साइड विंडशील्ड के शीशे और दरवाजे के बीच जो गैप होता है, उसमें बकल को फंसाकर फाइबर को बाहर की तरफ खींचे।
- जब फाइबर आ जाए तो आपको लॉक दिखेगा। उसकी पिन ढूंढने की कोशिश करें। पिन और तार खींचते ही आप दरवाजा खोल पाएंगे।
सीट बेल्ट जाम हो जाए तो क्या करें?
- हादसे के वक्त कई बार सीट बेल्ट जाम हो जाती है और एयरबैग्स आपको हिलने-डुलने नहीं देते। ऐसे में कार में हमेशा एक छोटा कटर या मल्टी-पर्पज टूल रखें, जिससे बेल्ट काटी जा सके।
- ये इसलिए भी जरूरी है कि सीट बेल्ट काटने के बाद एयर बैग खुलने पर आप इसकी मदद से बाहर भी निकल सकते हैं।
कार में जरूर रखें ये इमरजेंसी किट
- लाइफ जैकेट: एक इन्फ्लेटेबल (हवा भरने वाली) लाइफ जैकेट कार के ग्लोव बॉक्स में जरूर रखें। ये आपको पानी में भी नहीं डूबने देगी और न ही ये ज्यादा जगह घेरती है।
- बड़ा हैमर (Hammer): शीशा तोड़ने के लिए ऑनलाइन आसानी से मिल जाता है।
- वाटरप्रूफ टॉर्च और सीटी: अंधेरे या धुंध में रेस्क्यू टीम को अपनी लोकेशन बताने के लिए सीटी और हाई-बीम टॉर्च बहुत काम आती है। इसलिए गाड़ी में ये चीजें जरूर रखें। वाटरप्रूफ टॉर्च फॉग में भी काफी हाई बीम देते हैं। जिसकी वजह से ये पता लगाया जाता है कि आप कहां फंसे हैं।