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Wireless Electricity: हवा में दौड़ी बिजली! बिना तार के हुई पावर सप्लाई, जानिए कैसे हुआ ये चमत्कार

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नीतीश कुमार Updated Sat, 24 Jan 2026 07:01 AM IST
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सार

Electricity Without Cables: हमने यही सुना है कि बिजली तारों के बिना नहीं चल सकती, लेकिन फिनलैंड के वैज्ञानिकों ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है। वैज्ञानिकों की एक टीम ने हवा में बिजली दौड़ाकर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। तो क्या अब केबल का दौर खत्म हो जाएगा?

finland wireless electricity breakthrough acoustic wire
हवा में कैसे तैरती है बिजली? - फोटो : AI
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विस्तार
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अब तक यही माना जाता रहा है कि बिजली को एक जगह से दूसरे जगह भेजने के लिए तार यानी वायर की जरूरत पड़ती है। तारों के जरिए बिजली ट्रांसफर होती है जिससे लाइट, पंखे और टीवी चलते हैं। इस दौर में हमने वायरलेस मोबाइल चार्जर भी देख लिया। लेकिन तारों के बिना बिजली की कल्पना ही नहीं की जा सकती। लेकिन क्या आप सोच सकते हैं कि बिना तारों के हवा में भी बिजली दौड़ाई जा सकती है? ये सवाल आपको अटपटा जरूर लगेगा, लेकिन वैज्ञानिकों ने ऐसा कर दिखाया है।
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ये कारनामा दुनिया के सबसे खुशहाल देशों में से गिने जाने वाले फिनलैंड ने कर दिखाया है। हो सकता है कि आने वाले समय में हमें घर में बिजली कनेक्शन लेने के लिए केबल बिछाने की जरूरत ही न पड़े। ऐसा हुआ तो आप घर में बल्ब, पंखे, एसी सब बिना तार के कनेक्शन के चला पाएंगे। आइए जानते हैं फिनलैंड के वैज्ञानिकों ने ये अजूबा कैसे कर दिखाया।
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हवा के जरिए कैसे भेजी गई बिजली?
फिनलैंड की हेलसिंकी यूनिवर्सिटी (University of Helsinki) और औलू यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने बिना तार के इस्तेमाल से हवा के माध्यम से बिजली भेजकर दिखाया है। इस प्रयोग की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि भौतिक विज्ञान (Physics) के तीन अलग-अलग पहलुओं को एक साथ मिलाया गया है।  वैज्ञानिकों ने इस प्रयोग में हाई-इंटेंसिटी साउंड वेव्स, लेजर और रेडियो फ्रीक्वेंसी को एक साथ इस्तेमाल किया। अल्ट्रासोनिक साउंड वेव्स और लेजर को जोड़कर उन्होंने हवा में बिजली के लिए रास्ता तैयार किया। यह प्रयोग साबित करता है कि बिना केबल और प्लग के भी डिवाइस चार्ज किए जा सकते हैं।

आवाज और रोशनी का अनोखा मेल
इस तकनीक को समझने के लिए 'अकूस्टिक वायर' (Acoustic Wire) के कॉन्सेप्ट को समझना होगा। वैज्ञानिकों ने पाया कि जब हाई-इंटेंसिटी वाली अल्ट्रासोनिक तरंगें छोड़ी जाती हैं, तो वे हवा के घनत्व को बदल देती हैं। यह हवा में एक ऐसी नली जैसा रास्ता बना देता है जिसके माध्यम से बिजली की चिंगारियां सुरक्षित रूप से यात्रा कर सकती हैं। लेजर सिस्टम दूर मौजूद रिसीवर तक ऊर्जा पहुंचाता है, जबकि रेडियो-फ्रीक्वेंसी हार्वेस्टिंग आसपास मौजूद तरंगों को बिजली में बदलती है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि यह ठीक वैसा ही है जैसे हम पाइप के जरिए पानी भेजते हैं, बस फर्क इतना है कि यहां पाइप अदृश्य ध्वनि तरंगों का बना है और पानी की जगह बिजली दौड़ रही है।

क्या केबल और मीटर का झंझट हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा?
फिनलैंड की यह सफलता संकेत देती है कि भविष्य में हमारे घरों का नजारा पूरी तरह बदल सकता है। आपको हर डिवाइस के लिए दीवार में सॉकेट ढूंढने की जरूरत नहीं होगी। तारों के कटने या शॉर्ट सर्किट होने का खतरा कम हो सकता है। आपका फोन या लैपटॉप कमरे में कहीं भी रखा हो, वह अपने आप हवा से चार्ज होता रहेगा।

हालांकि, यह तकनीक अभी लैब में ही टेस्ट की जा रही है। ये वास्तविक उपयोग में कितनी कारगर होगी इसका आकलन अभी नहीं किया गया है। इस तरह की बिजली से कौन-कौन से उपकरण चलाए जा सकेंगे और इससे इंसान के शरीर पर कोई नुकसान होगा या नहीं, इसे भी अभी जांचा नहीं गया है। इसे बड़े पैमाने पर घरों तक पहुंचाने में समय लग सकता है, लेकिन यह खोज साबित करती है कि भविष्य में बिजली को बिना तारों तक घरों में पहुंचाना मुमकिन हो सकता है।
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