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e-Waste: पुराना मोबाइल फोन उगलेगा सोना, सस्ते में हो जाएगा महंगा काम, जानें क्या है चीन की नई तकनीक

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नीतीश कुमार Updated Fri, 09 Jan 2026 01:26 PM IST
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सार

Gold Extration From e-Waste: पुराने मोबाइल और कंप्यूटर के कचरे से सोना निकालना अब बेहद आसान और सस्ता हो गया है। चीनी वैज्ञानिकों ने एक नई तकनीक खोजी है जिससे महज 20 मिनट में ई-वेस्ट से सोना निकाला जा सकता है। यह तरीका न केवल किफायती है, बल्कि पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल है।

china e waste gold recovery from phones computer breakthrough low cost extraction
ई-वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट (सांकेतिक) - फोटो : AI जनरेटेड
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विस्तार
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आज के दौर में ई-वेस्ट यानी इलेक्ट्रॉनिक कचरा दुनिया के लिए नया खतरा बन गया है। दुनिया भर में हर दिन लाखों टन इलेक्ट्रॉनिक कचरा जमा किया जा रहा है। यह ई-वेस्ट कई देशों के लिए सिरदर्द बन चुका है, लेकिन चीन ने इसमें नई संभावनाएं खोज निकाली हैं। आमतौर पर ई-वेस्ट से सोना निकालना काफी महंगा और प्रदूषण फैलाने वाली प्रक्रिया होती है, लेकिन चीनी वैज्ञानिकों ने इसका सस्ता, ईको फ्रेंडली और तेज तरीका ढूंढ लिया है।
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बाजार भाव से एक-तिहाई कीमत पर मिलेगा सोना
सबसे चौंकाने वाली बात इस तकनीक की लागत है। रिपोर्ट के अनुसार, इस विधि से एक औंस सोना निकालने का खर्च लगभग 1,455 अमेरिकी डॉलर आता है। अगर इसकी तुलना जनवरी 2026 के अंतरराष्ट्रीय बाजार भाव (लगभग 4,472 डॉलर प्रति औंस) से करें, तो यह कीमत एक-तिहाई से भी कम है। यानी कबाड़ से सोना निकालना अब एक बहुत बड़ा और मुनाफे वाला बिजनेस बनने जा रहा है।
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सिर्फ 20 मिनट में चमत्कार
गुआंगझू इंस्टीट्यूट ऑफ एनर्जी कन्वर्जन और साउथ चाइना यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने यह कारनामा कर दिखाया है। उनकी यह तकनीक पुराने मोबाइल के CPU और सर्किट बोर्ड (PCB) पर काम करती है। सोने को अलग करने में 20 मिनट से भी कम समय लगता है। यह कचरे में मौजूद 98.2% सोना और 93.4% पैलेडियम निकालने में सक्षम है। इसके लिए किसी भारी मशीनरी या बहुत ज्यादा गर्मी की जरूरत नहीं पड़ती, यह कमरे के सामान्य तापमान पर ही काम करता है।

पर्यावरण के लिए वरदान है अर्बन माइनिंग
आमतौर पर सोने की खदानों से खुदाई करने पर पर्यावरण को बहुत नुकसान होता है और जहरीले रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन इस नई विधि में वैज्ञानिकों ने 'सेल्फ-कैटालिटिक' तकनीक का उपयोग किया है। इसमें पोटेशियम पेरोक्सीमोनोसल्फेट और पोटेशियम क्लोराइड के मिश्रण का उपयोग होता है, जो पारंपरिक साइनाइड पद्धति के मुकाबले 93% सस्ता है और प्रदूषण भी कम फैलाता है।

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चीन के लिए गेम-चेंजर साबित होगी यह तकनीक
चीन हर साल 1 करोड़ टन से ज्यादा ई-वेस्ट पैदा करता है, जिसमें मोबाइल, कंप्यूटर, टीवी और फ्रिज जैसे उपकरण शामिल हैं। इस नई तकनीक से न सिर्फ कीमती धातुओं की बेहतर रिकवरी संभव है, बल्कि खनन पर निर्भरता भी कम की जा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह शोध भविष्य में ग्रीन और एडवांस्ड प्रिसियस मेटल रिकवरी इंडस्ट्री की दिशा तय कर सकता है।
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