सब्सक्राइब करें

Battery Myths: फोन की बैटरी से जुड़ी इन 6 गलतफहमियों को सच मानना करिए बंद

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नीतीश कुमार Updated Fri, 09 Jan 2026 06:21 PM IST
सार

Smartphone Battery Myths: स्मार्टफोन की बैटरी लाइफ को लेकर हम अक्सर कई तरह के टोटके आजमाते हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर बातें सिर्फ अफवाहें हैं। 2026 के इस हाई-टेक दौर में भी लोग पुरानी गलतियों को दोहरा रहे हैं। आइए जानते हैं बैटरी से जुड़े उन 6 कहावतों का सच।

विज्ञापन
smartphone battery common myths fact check know in details
बैटरी खराब होने के इन कारणों में नहीं है दम - फोटो : अमर उजाला
स्मार्टफोन यूजर्स अक्सर बैटरी को लेकर बड़े परेशान रहते हैं। कोई रातभर चार्जिंग को खतरनाक मानता है, तो कोई कहता है कि बैटरी को 0% तक खत्म करने के बाद ही चार्ज करना चाहिए। असल में जानकारी के अभाव में हम इन कहावतों को दशकों से सच मानते आए हैं। ऐसे ही कई धारनाएं हैं, जो अब भी लोगों के दिमाग में बैठे हुए हैं। चूकिं इन सभी बातों को बैटरी खराब होने के डर से जोड़ दिया जाता है, इसलिए इन बातों पर हम बिना ज्यादा सोच-विचार किए सच मान लेते हैं। यहां हम आपको ऐसी ही 6 जानी-मानी गलतफहमियों की सच्चाई बता रहे हैं, जिनसे बैटरी हेल्थ या उसके खराब होने से कोई लेना देना नहीं है।


1. रातभर चार्जिंग से खराब हो जाती है बैटरी
यह गलत जानकारी सबसे ज्यादा फैलाई गई है। सच यह है कि आधुनिक स्मार्टफोन ओवरचार्ज नहीं होते। जैसे ही बैटरी 100% चार्ज हो जाती है, चार्जिंग अपने आप ही बंद हो जाती है। हालांकि, बैटरी को तब नुकसान पहुंच सकता है जब आप फोन को किसी बेहद गर्म जगह रखकर चार्ज करें या उसे रात में चार्ज करते समय तकिए के नीचे रख दें।
Trending Videos
smartphone battery common myths fact check know in details
स्मार्टफोन चार्जिंग - फोटो : Adobe Stock
2. बैटरी 0% तक डिस्चार्ज करने की बात में भी नहीं है दम
यह सलाह पुराने जमाने की निकेल बैटरियों के लिए सही थी, लेकिन आज के लिथियम-आयन बैटरियों पर लागू नहीं होती। फोन को बार-बार 0% तक डिस्चार्ज करना उल्टा बैटरी पर ज्यादा दबाव डालता है, क्योंकि फुल चार्ज करने पर बैटरी ज्यादा हीट होती है। आप बिना किसी चिंता के बैटरी को बीच में कभी भी चार्ज क सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
smartphone battery common myths fact check know in details
फोन चार्जर - फोटो : Adobe Stock
3. केवल कंपनी के ही चार्जर से चार्ज करना चाहिए
कंपनियां हमेशा कहती हैं कि सिर्फ उनका ही चार्जर खरीदें। हालांकि ये बात काफी हद तक मार्केटिंग का हिस्सा है। अगर आपका चार्जर अच्छी क्वालिटी का है और USB पॉवर डिलिवरी जैसे स्टैंडर्ड को सपोर्ट करता है, तो आप किसी भी भरोसेमंद ब्रांड का चार्जर इस्तेमाल कर सकते हैं। बस सड़क किनारे मिलने वाले बेहद सस्ते और लोकल चार्जर से बचें।
smartphone battery common myths fact check know in details
चार्जिंग के दौरान कर सकते हैं इस्तेमाल - फोटो : Adobe Stock
4. चार्जिंग के दौरान फोन इस्तेमाल नहीं करना चाहिए
लोग डरते हैं कि चार्जिंग के समय फोन चलाने से वह ब्लास्ट हो जाएगा, लेकिन ऐसा सोचना बिल्कुल गलत है। चार्जिंग के दौरान फोन इस्तेमाल करना खतरनाक नहीं है, लेकिन ज्यादा हीट बैटरी के लिए नुकसानदायक होती है। आप चैटिंग या ईमेल पढ़ सकते हैं, इसमें कोई खतरा नहीं है। हालांकि, चार्जिंग के दौरान भारी गेम्स खेलने या वीडियो एडिटिंग करने से फोन ज्यादा हीट होती है, जो बैटरी की सेहत के लिए अच्छा नहीं है।
विज्ञापन
smartphone battery common myths fact check know in details
एप किलर का छूठ - फोटो : FREEPIK
5. एप किलर यूज करने से बैटरी बचती है
आज के स्मार्टफोन इतने अच्छे से ऑप्टिमाइज होते हैं कि बैकग्राउंड में चलने वाले एप्स बहुत कम बैटरी खर्च करते हैं। बार-बार एप्स को फोर्स स्टॉप करने से उल्टा ज्यादा बैटरी खर्च होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि एप की बैकग्राउंड एक्टिविटी दोबारा ऑन हो जाती है और इस प्रक्रिया में अधिक बैटरी खर्च होती है। अगर कोई एप जरूरत से ज्यादा बैटरी खा रहा है, तो उसे हटाना या उसकी परमिशन सीमित करना बेहतर विकल्प है।
विज्ञापन
अगली फोटो गैलरी देखें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live news update of latest mobile reviews apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking news from Tech and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed