Space: अब अंतरिक्ष की सैर करेगा इंसानों जैसा दिखने वाला रोबोट, खतरनाक मिशन को देगा अंजाम, इस देश ने की तैयारी
China Robot Space Mission: अंतरिक्ष की रेस में चीन कभी पीछे नहीं रहा है, लेकिन इस बार मामला कुछ अलग है। अब एक रोबोट और एक कमर्शियल स्पेस बनाने वाली कंपनी ने हाथ मिला लिया है। इनका लक्ष्य एक ऐसा रोबोट एस्ट्रोनॉट बनाना है जो अंतरिक्ष के वीराने में बिना थके और बिना डरे काम कर सके।
विस्तार
चीन की कंपनी Engine AI और इंटरस्टेलर ह्यूमन स्पेसफ्लाइट टेक्नोलॉजी मिलकर ह्यूमनॉइड रोबोट को अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी में है। जिसका नाम PM01 है। ये रोबोट न सिर्फ खुद फैसले ले सकेगा, बल्कि शून्य गुरुत्वाकर्षण (Zero Gravity) और रेडिएशन जैसी कठिन परिस्थितियों में भी काम करने में सक्षम होगा। इसका मकसद अंतरिक्ष अभियानों में इंसानों के जोखिम को कम करना है।
PM01 क्या है?
PM01 कोई साधारण मशीन नहीं है। ये एक ह्यूमनॉइड रोबोट है, यानी दिखने और काम करने में इंसानों जैसा। इसमें कई एडवांस सेंसर लगे हैं, जो इसे आसपास के माहौल को समझने और खुद फैसले लेने में मदद करते हैं। ये रोबोट बात कर सकता है, इंसानों के साथ टीम की तरह काम कर सकता है और जरूरत के हिसाब से अपना रोल भी बदल सकता है।
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दो कंपनियों की साझेदारी
इस खास मिशन के लिए इंजन एआई और बीजिंग इंटरस्टेलर मानव अंतरिक्ष उड़ान प्रौद्योगिकी ने हाथ मिलाया है। ये दोनों ही अलग-अलग कंपनियां हैं। इंजन एआई एक रोबोट बनाने वाली कंपनी है। जबकि बीजिंग इंटरस्टेलर एक कमर्शियल स्पेस कंपनी है। ये लक्ष्य दोनों मिलकर शुरू कर रही हैं। PM01 का जेडी जॉय इनसाइड वर्जन पिछले साल जून में लॉन्च हुआ था। इसकी कई खासियत है जैसे ये हल्का और फुर्तीला डिजाइन किया गया है, जिसकी कीमत करीब 27 हजार डॉलर है। जेडी जॉय इनसाइड सिस्टम में अपनी पर्सनैलिटी और आवाज बदलने की क्षमता है। यानी ये रोबोट सिर्फ मशीन नहीं, बल्कि एक स्मार्ट साथी की तरह काम करता है।
अंतरिक्ष में रोबोट भेजना इतना मुश्किल क्यों है?
PM01 को अंतरिक्ष के जीरो ग्रेविटी वाले रास्तों के लिए तैयार किया जा रहा है। अंतरिक्ष में तापमान बहुत तेजी से बदलता है और वहां खतरनाक रेडिएशन होता है। इसीलिए कंपनी अब इस रोबोट को इतना मजबूत बना रही है कि ये बिना किसी मानवीय मदद के घंटों स्पेस में काम कर सके। Engine AI का कहना है कि धरती पर ये सब आसान है, लेकिन स्पेस में यही सबसे बड़ी परीक्षा होगी।
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स्पेस के लिए कैसे तैयार होगा PM01?
PM01 को अंतरिक्ष में भेजने से पहले कंपनी इसे पूरी तरह स्पेस-फ्रेंडली बनाने पर काम करेगी। सबसे पहले इसकी बॉडी को ज्यादा मजबूत किया जाएगा, जिससे ये अंतरिक्ष में मौजूद तेज रेडिएशन, तापमान में अचानक होने वाले बदलाव और माइक्रो-मीटियोराइट्स जैसी चुनौतियों को झेल सके। इसके साथ ही रोबोट की स्टेबिलिटी पर खास ध्यान दिया जाएगा, क्योंकि जीरो ग्रैविटी में संतुलन बनाए रखना धरती के मुकाबले कहीं ज्यादा मुश्किल होता है। PM01 को ऐसे सिस्टम से लैस किया जा रहा है, कि वह बिना गिरे या भटके सटीक मूवमेंट कर सके। इसके अलावा इसमें पूरी तरह ऑटोनॉमस सिस्टम विकसित किया जाएगा, यानी रोबोट खुद हालात को समझेगा, फैसले लेगा और काम करेगा। कंपनी का साफ मकसद है कि PM01 अंतरिक्ष में अकेले काम करने में सक्षम हो, उसे हर कदम पर इंसानों की मदद की जरूरत न पड़े।
मिशन सफल हुआ तो क्या होगा?
अगर PM01 का यह मिशन सफल रहता है, तो भविष्य में इसे कई ऐसे कामों में लगाया जा सकता है जो इंसानों के लिए बेहद जोखिम भरे होते हैं। ये रोबोट स्पेस स्टेशन की बाहरी मरम्मत कर सकेगा, जहां इंसानों को स्पेसवॉक करनी पड़ती है और खतरा ज्यादा रहता है। इसके अलावा PM01 को खतरनाक इलाकों की जांच के लिए भेजा जा सकता है, जहां रेडिएशन या तकनीकी खराबी का जोखिम हो। ये रोबोट लंबे समय तक निगरानी करने में भी सक्षम होगा, यानी बिना थके लगातार सिस्टम और आसपास के माहौल पर नजर रख सकेगा। इन सबके अलावा ये एक ऐसे रिस्क वाले मिशनों में इस्तेमाल होगा जिसमें इंसानों की जान का खतरा ज्यादा होता है।
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