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FBI की बड़ी कार्रवाई: करोड़ों की ठगी कराने वाला ग्लोबल फिशिंग गैंग ध्वस्त, हजारों अकाउंट हुए थे हैक
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Mon, 13 Apr 2026 10:21 AM IST
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सार
Global Phishing Racket Busted: अमेरिकी जांच एजेंसी FBI और इंडोनेशियाई अधिकारियों ने एक साझा ऑपरेशन में दुनिया के सबसे खतरनाक फिशिंग नेटवर्क में से एक को नेस्तनाबूद कर दिया है। 'W3LL' नाम के इस हाई-टेक किट के जरिए हैकर्स ने 17,000 से अधिक लोगों के अकाउंट्स में सेंध लगाकर करीब 20 मिलियन डॉलर की धोखाधड़ी को अंजाम देने की कोशिश की थी।
FBI ने अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क का किया पर्दाफाश
- फोटो : ANI
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विस्तार
दुनियाभर में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसे अमेरिकी एजेंसी Federal Bureau of Investigation और इंडोनेशियाई कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने मिलकर ध्वस्त किया है। यह ऑपरेशन बेहद संगठित तरीके से चलाया जा रहा था, जिसमें साइबर अपराधियों को एक ऐसा टूल दिया जाता था, जिससे वे लोगों के अकाउंट की जानकारी चुरा सकें।
जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क के जरिए हजारों लोगों के यूजरनेम और पासवर्ड चोरी किए गए और करीब 20 मिलियन डॉलर (180 करोड़ा रुपये) से ज्यादा की धोखाधड़ी की गई थी।
कैसे काम करता था यह फिशिंग नेटवर्क
इस पूरे ऑपरेशन का केंद्र “W3LL फिशिंग किट” नाम का एक खास टूल था। यह एक तरह का साइबर प्लेटफॉर्म था, जो असली वेबसाइट्स की तरह दिखने वाले नकली लॉगिन पेज तैयार करता था।
जब कोई यूजर इन फर्जी पेज पर अपनी डिटेल्स दर्ज करता था, तो उसका यूजरनेम और पासवर्ड सीधे साइबर अपराधियों के पास पहुंच जाता था। इतना ही नहीं, यह टूल यूजर के सेशन डेटा को भी कैप्चर कर लेता था, जिससे मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) जैसी सुरक्षा को भी बायपास किया जा सकता था।
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इस किट को इस्तेमाल करने के लिए अपराधियों को करीब 500 डॉलर फीस देनी पड़ती थी, जिसके बाद वे आसानी से नकली वेबसाइट बनाकर लोगों को निशाना बना सकते थे।
ऑनलाइन मार्केट से बिकते थे हैक अकाउंट
इस नेटवर्क को “W3LLSTORE” नाम के एक ऑनलाइन मार्केटप्लेस का भी सपोर्ट मिला हुआ था। 2019 से 2023 के बीच इस प्लेटफॉर्म के जरिए 25,000 से ज्यादा हैक किए गए अकाउंट्स की खरीद-फरोख्त की गई।
हालांकि 2023 में इस स्टोर को बंद कर दिया गया, लेकिन इसके बाद भी यह नेटवर्क एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए नए नाम से चलता रहा और लोगों को निशाना बनाता रहा।
17,000 से ज्यादा लोग बने निशाना
रिपोर्ट के अनुसार, 2023 से 2024 के बीच इस फिशिंग किट के जरिए दुनिया भर में 17,000 से ज्यादा लोगों को निशाना बनाया गया। 10 अप्रैल को इस नेटवर्क से जुड़े कथित डेवलपर, जिसकी पहचान “G.L.” के रूप में की गई है, को इंडोनेशिया में हिरासत में लिया गया और पूरे नेटवर्क की तकनीकी संरचना को जब्त कर लिया गया। अधिकारियों ने आरोपी का पूरा नाम सार्वजनिक नहीं किया है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका के जॉर्जिया राज्य में कितने लोग इस हमले का शिकार बने।
यह भी पढ़ें: UPI से गलत खाते में चले गए पैसे? घबराएं नहीं, अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने के लिए तुरंत अपनाएं ये तरीके
यह सिर्फ फिशिंग नहीं, पूरा साइबर प्लेटफॉर्म था
FBI अटलांटा के स्पेशल एजेंट मार्लो ग्राहम ने कहा कि यह कोई साधारण फिशिंग नहीं थी, बल्कि एक पूरा साइबर क्राइम प्लेटफॉर्म था, जो अपराधियों को हर तरह की सुविधा देता था।
उन्होंने कहा कि एजेंसियां आगे भी ऐसे नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेंगी और लोगों को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव कदम उठाएंगी।
पहली बार अमेरिका-इंडोनेशिया की संयुक्त कार्रवाई
यह पहली बार है जब अमेरिका और इंडोनेशिया ने किसी फिशिंग किट डेवलपर के खिलाफ इतनी सटीक और समन्वित कार्रवाई की है। इस कार्रवाई ने साइबर अपराधियों के एक बहुत बड़े संसाधन को खत्म कर दिया है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां अब भी जनता को आगाह कर रही हैं कि वे अनजान लिंक्स और फर्जी लॉगिन पेज से सावधान रहें, क्योंकि तकनीक के साथ-साथ ठगों के तरीके भी बदलते रहते हैं।
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जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क के जरिए हजारों लोगों के यूजरनेम और पासवर्ड चोरी किए गए और करीब 20 मिलियन डॉलर (180 करोड़ा रुपये) से ज्यादा की धोखाधड़ी की गई थी।
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कैसे काम करता था यह फिशिंग नेटवर्क
इस पूरे ऑपरेशन का केंद्र “W3LL फिशिंग किट” नाम का एक खास टूल था। यह एक तरह का साइबर प्लेटफॉर्म था, जो असली वेबसाइट्स की तरह दिखने वाले नकली लॉगिन पेज तैयार करता था।
जब कोई यूजर इन फर्जी पेज पर अपनी डिटेल्स दर्ज करता था, तो उसका यूजरनेम और पासवर्ड सीधे साइबर अपराधियों के पास पहुंच जाता था। इतना ही नहीं, यह टूल यूजर के सेशन डेटा को भी कैप्चर कर लेता था, जिससे मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) जैसी सुरक्षा को भी बायपास किया जा सकता था।
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इस किट को इस्तेमाल करने के लिए अपराधियों को करीब 500 डॉलर फीस देनी पड़ती थी, जिसके बाद वे आसानी से नकली वेबसाइट बनाकर लोगों को निशाना बना सकते थे।
ऑनलाइन मार्केट से बिकते थे हैक अकाउंट
इस नेटवर्क को “W3LLSTORE” नाम के एक ऑनलाइन मार्केटप्लेस का भी सपोर्ट मिला हुआ था। 2019 से 2023 के बीच इस प्लेटफॉर्म के जरिए 25,000 से ज्यादा हैक किए गए अकाउंट्स की खरीद-फरोख्त की गई।
हालांकि 2023 में इस स्टोर को बंद कर दिया गया, लेकिन इसके बाद भी यह नेटवर्क एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए नए नाम से चलता रहा और लोगों को निशाना बनाता रहा।
17,000 से ज्यादा लोग बने निशाना
रिपोर्ट के अनुसार, 2023 से 2024 के बीच इस फिशिंग किट के जरिए दुनिया भर में 17,000 से ज्यादा लोगों को निशाना बनाया गया। 10 अप्रैल को इस नेटवर्क से जुड़े कथित डेवलपर, जिसकी पहचान “G.L.” के रूप में की गई है, को इंडोनेशिया में हिरासत में लिया गया और पूरे नेटवर्क की तकनीकी संरचना को जब्त कर लिया गया। अधिकारियों ने आरोपी का पूरा नाम सार्वजनिक नहीं किया है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका के जॉर्जिया राज्य में कितने लोग इस हमले का शिकार बने।
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यह सिर्फ फिशिंग नहीं, पूरा साइबर प्लेटफॉर्म था
FBI अटलांटा के स्पेशल एजेंट मार्लो ग्राहम ने कहा कि यह कोई साधारण फिशिंग नहीं थी, बल्कि एक पूरा साइबर क्राइम प्लेटफॉर्म था, जो अपराधियों को हर तरह की सुविधा देता था।
उन्होंने कहा कि एजेंसियां आगे भी ऐसे नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेंगी और लोगों को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव कदम उठाएंगी।
पहली बार अमेरिका-इंडोनेशिया की संयुक्त कार्रवाई
यह पहली बार है जब अमेरिका और इंडोनेशिया ने किसी फिशिंग किट डेवलपर के खिलाफ इतनी सटीक और समन्वित कार्रवाई की है। इस कार्रवाई ने साइबर अपराधियों के एक बहुत बड़े संसाधन को खत्म कर दिया है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां अब भी जनता को आगाह कर रही हैं कि वे अनजान लिंक्स और फर्जी लॉगिन पेज से सावधान रहें, क्योंकि तकनीक के साथ-साथ ठगों के तरीके भी बदलते रहते हैं।
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