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खुफिया एजेंसियों की चेतावनी: एआई से कुछ महीनों में बढ़ सकते हैं साइबर हमले, कंपनियों से तुरंत तैयारी की अपील

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Nitish Kumar Updated Tue, 23 Jun 2026 11:03 AM IST
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सार

AI Cybersecurity Threats: दुनिया के सबसे प्रभावशाली खुफिया गठबंधनों में शामिल 'फाइव आइज' ने चेतावनी दी है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अगला बड़ा चरण वर्षों नहीं, बल्कि कुछ महीनों में साइबर सुरक्षा की तस्वीर बदल सकता है। संगठन ने सरकारों और कंपनियों से कहा है कि वे साइबर सुरक्षा को भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान का सबसे बड़ा कारोबारी जोखिम मानकर तुरंत तैयारी शुरू करें।

five eyes warning next ai breakthrough cybersecurity threats months away
साइबर अटैक - फोटो : अमर उजाला (एआई जनरेटेड)
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विस्तार

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में अगला बड़ा बदलाव हमारी सोच से कहीं ज्यादा करीब है और यह अपने साथ बड़े खतरे भी ला रहा है। दुनिया के सबसे ताकतवर खुफिया नेटवर्क 'फाइव आइज' (Five Eyes) ने एक बेहद दुर्लभ और सार्वजनिक चेतावनी जारी की है। उनका स्पष्ट कहना है कि अगली पीढ़ी का एआई साइबर सुरक्षा के पूरे परिदृश्य को बदलने वाला है, और इसके लिए हमारे पास वर्षों का नहीं, बल्कि केवल कुछ महीनों का समय बचा है।


यह अलर्ट स्पष्ट संदेश देता है कि दुनिया भर की सरकारों, कॉरपोरेट जगत और व्यापारिक नेताओं को अपनी साइबर हमलों से निपटने और उबरने की क्षमता को अब अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाना ही होगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने सुरक्षा एजेंसियों की सलाह पर एआई कंपनी एंथ्रोपिक (Anthropic) के दो उन्नत एआई सिस्टम तक विदेशी नागरिकों की पहुंच सीमित करने का फैसला किया है।
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साइबर हमलों की रफ्तार बढ़ाएगा एआई

  • FIORC ने किसी खास कंपनी या मॉडल का नाम नहीं लिया, लेकिन कहा कि अत्याधुनिक AI सिस्टम मौजूदा उम्मीदों से कहीं ज्यादा सक्षम साबित हो सकते हैं। इससे साइबर हमलों और साइबर सुरक्षा दोनों की क्षमताओं में बड़ा बदलाव आएगा।
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  • बयान के मुताबिक AI सुरक्षा को मजबूत बनाने में मदद करेगा, लेकिन साथ ही साइबर खतरों की गति, पैमाने और जटिलता को भी बढ़ाएगा। संगठन ने स्पष्ट कहा कि इस बदलाव की समयसीमा वर्षों की नहीं, बल्कि महीनों की है।

कंपनियों के लिए चेतावनी

  • फाइव आइज ने कहा कि साइबर रेजिलिएंस अब केवल आईटी विभाग का विषय नहीं है। यह कारोबार, बाजार के भरोसे और दीर्घकालिक आर्थिक मूल्य से जुड़ा मुद्दा बन चुका है। इसलिए कंपनियों के शीर्ष नेतृत्व को जोखिमों की समीक्षा करनी चाहिए, मजबूत सुरक्षा नियंत्रण लागू करने चाहिए और साइबर सुरक्षा टीमों को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने चाहिए।
  • संगठन ने यह भी कहा कि एआई किसी भविष्य की तकनीक नहीं, बल्कि आज की वास्तविकता है। यह सुरक्षा कमजोरियों की पहचान और उनके दुरुपयोग के बीच का समय तेजी से कम कर रहा है, जिससे साइबर अपराधियों को फायदा मिल सकता है।

सिर्फ तकनीकी नहीं, कारोबारी जोखिम

FIORC के अनुसार साइबर जोखिम को केवल तकनीकी समस्या समझना अब पर्याप्त नहीं है। यह एक बड़ा कारोबारी जोखिम है, जिसकी जिम्मेदारी सीधे नेतृत्व स्तर पर होनी चाहिए। 'फाइव आइज' ने संस्थाओं का मार्गदर्शन करने के लिए कुछ मूलभूत सिद्धांतों पर जोर दिया है:
  • सिक्योर-बाय-डिजाइन और सिक्योर-बाय-डिफॉल्ट: प्रोडक्ट बनाते समय सुरक्षा को उसकी बुनियाद में शामिल करना अब एक स्टैंडर्ड प्रैक्टिस होनी चाहिए।
  • मल्टी-लेयर डिफेंस: किसी भी एक तकनीक या सुरक्षा प्रणाली पर पूरी तरह निर्भर रहना बेवकूफी हो सकती है। खतरों से बचने के लिए सुरक्षा की कई परतें तैयार करना बेहद महत्वपूर्ण है।

संगठन के अनुसार, मजबूत और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था ही भविष्य के एआई-संचालित साइबर खतरों का प्रभावी मुकाबला कर सकती है।
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