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Smartphone: स्मार्टफोन मार्केट में मंदी, फिर भी Apple बना नंबर-1! पहली तिमाही में शिपमेंट्स 6% घटी
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Mon, 20 Apr 2026 08:30 AM IST
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सार
Smartphone Shipments Q1 2026: साल 2026 की पहली तिमाही में वैश्विक स्मार्टफोन बाजार में 6% की गिरावट दर्ज की गई है। मेमोरी चिप्स की कमी और बढ़ती कीमतों के बीच एप्पल ने पहली बार पहली तिमाही में शीर्ष स्थान हासिल किया है, जबकि सैमसंग और शाओमी के शिपमेंट में गिरावट आई है।
स्मार्टफोन शिपमेंट
- फोटो : iQOO/OnePlus/Vivo
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विस्तार
दुनिया भर में स्मार्टफोन की बिक्री के लिए साल 2026 की शुरुआत काफी चुनौतीपूर्ण रही है। काउंटरप्वाइंट रिसर्च की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल की पहली तिमाही (Q1 2026) में स्मार्टफोन शिपमेंट में पिछले साल के मुकाबले 6% की कमी आई है। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह DRAM और NAND मेमोरी चिप्स की भारी किल्लत है।
दरअसल, चिप बनाने वाली कंपनियां अब कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के बजाय AI डेटा सेंटर्स को ज्यादा प्राथमिकता दे रही हैं। इससे मोबाइल कंपनियों के लिए लागत बढ़ गई है, जिसका सीधा असर फोन की कीमतों और उपलब्धता पर पड़ रहा है। इसके अलावा, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने भी ग्राहकों के उत्साह को कम किया है।
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दरअसल, चिप बनाने वाली कंपनियां अब कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के बजाय AI डेटा सेंटर्स को ज्यादा प्राथमिकता दे रही हैं। इससे मोबाइल कंपनियों के लिए लागत बढ़ गई है, जिसका सीधा असर फोन की कीमतों और उपलब्धता पर पड़ रहा है। इसके अलावा, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने भी ग्राहकों के उत्साह को कम किया है।
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iPhone 17e
- फोटो : एआई जनरेटेड
एपल का पहली बार बनी Q1 में शानदार प्रदर्शन
तमाम चुनौतियों के बावजूद दिग्गज टेक कंपनी एपल ने इतिहास रच दिया है। स्मार्टफोन बाजार के इतिहास में यह पहली बार है जब एपल ने साल की पहली तिमाही में 21% मार्केट शेयर के साथ पहला स्थान हासिल किया है। एपल के शिपमेंट में 5% की सालाना बढ़त देखी गई है, जिसका मुख्य श्रेय आईफोन 17 (iPhone 17) सीरीज की जबरदस्त मांग को जाता है। एपल की प्रीमियम इमेज और उसके मजबूत सप्लाई चेन मैनेजमेंट ने उसे मेमोरी चिप के संकट से सुरक्षित रखा है। कंपनी ने चीन, भारत और जापान जैसे प्रमुख बाजारों में भी शानदार प्रदर्शन किया है।
तमाम चुनौतियों के बावजूद दिग्गज टेक कंपनी एपल ने इतिहास रच दिया है। स्मार्टफोन बाजार के इतिहास में यह पहली बार है जब एपल ने साल की पहली तिमाही में 21% मार्केट शेयर के साथ पहला स्थान हासिल किया है। एपल के शिपमेंट में 5% की सालाना बढ़त देखी गई है, जिसका मुख्य श्रेय आईफोन 17 (iPhone 17) सीरीज की जबरदस्त मांग को जाता है। एपल की प्रीमियम इमेज और उसके मजबूत सप्लाई चेन मैनेजमेंट ने उसे मेमोरी चिप के संकट से सुरक्षित रखा है। कंपनी ने चीन, भारत और जापान जैसे प्रमुख बाजारों में भी शानदार प्रदर्शन किया है।
Xiaomi
- फोटो : Xiaomi
सैमसंग और शाओमी की राह हुई मुश्किल
दूसरी ओर, दुनिया की दिग्गज कंपनी सैमसंग को इस तिमाही में थोड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। सैमसंग का शिपमेंट 6% गिर गया है और अब वह 20% मार्केट शेयर के साथ दूसरे स्थान पर है। इसका मुख्य कारण गैलेक्सी एस26 (Galaxy S26) सीरीज के लॉन्च में देरी और एंट्री-लेवल सेगमेंट में कम मांग को माना जा रहा है। हालांकि, एस26 के अल्ट्रा वेरिएंट को लेकर ग्राहकों में काफी क्रेज देखा गया है। वहीं, चीनी कंपनी शाओमी (Xiaomi) को सबसे तगड़ा झटका लगा है। शाओमी के शिपमेंट में 19% की भारी गिरावट आई है। किफायती फोन बनाने वाली कंपनियों पर मेमोरी चिप की बढ़ती कीमतों का सबसे बुरा असर पड़ा है, जिससे शाओमी का मार्केट शेयर सिमटकर 12% रह गया है।
दूसरी ओर, दुनिया की दिग्गज कंपनी सैमसंग को इस तिमाही में थोड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। सैमसंग का शिपमेंट 6% गिर गया है और अब वह 20% मार्केट शेयर के साथ दूसरे स्थान पर है। इसका मुख्य कारण गैलेक्सी एस26 (Galaxy S26) सीरीज के लॉन्च में देरी और एंट्री-लेवल सेगमेंट में कम मांग को माना जा रहा है। हालांकि, एस26 के अल्ट्रा वेरिएंट को लेकर ग्राहकों में काफी क्रेज देखा गया है। वहीं, चीनी कंपनी शाओमी (Xiaomi) को सबसे तगड़ा झटका लगा है। शाओमी के शिपमेंट में 19% की भारी गिरावट आई है। किफायती फोन बनाने वाली कंपनियों पर मेमोरी चिप की बढ़ती कीमतों का सबसे बुरा असर पड़ा है, जिससे शाओमी का मार्केट शेयर सिमटकर 12% रह गया है।
vivo X300 Pro
- फोटो : vivo.com
वीवो, ओप्पो और उभरते हुए ब्रांड्स का हाल
वीवो और ओप्पो ने क्रमशः 11% और 8% बाजार हिस्सेदारी के साथ चौथे और पांचवें स्थान पर अपनी जगह बनाई है। वीवो ने भारत में अपनी बढ़त बरकरार रखी है, जबकि ओप्पो को अपनी ए5 (A5) सीरीज और मुड़ने वाले फोन फाइंड एन5 (Find N5) से काफी मदद मिली है। इस गिरावट के दौर में भी कुछ छोटे ब्रांड्स ने शानदार ग्रोथ दिखाई है। 'नथिंग' (Nothing) और 'ऑनर' (HONOR) के शिपमेंट में 25% की जबरदस्त बढ़त देखी गई है, जबकि गूगल के पिक्सल (Pixel) फोन की बिक्री भी 14% बढ़ी है। नथिंग के फोन (4a) को ग्राहकों ने काफी पसंद किया है, जिससे ब्रांड की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है।
वीवो और ओप्पो ने क्रमशः 11% और 8% बाजार हिस्सेदारी के साथ चौथे और पांचवें स्थान पर अपनी जगह बनाई है। वीवो ने भारत में अपनी बढ़त बरकरार रखी है, जबकि ओप्पो को अपनी ए5 (A5) सीरीज और मुड़ने वाले फोन फाइंड एन5 (Find N5) से काफी मदद मिली है। इस गिरावट के दौर में भी कुछ छोटे ब्रांड्स ने शानदार ग्रोथ दिखाई है। 'नथिंग' (Nothing) और 'ऑनर' (HONOR) के शिपमेंट में 25% की जबरदस्त बढ़त देखी गई है, जबकि गूगल के पिक्सल (Pixel) फोन की बिक्री भी 14% बढ़ी है। नथिंग के फोन (4a) को ग्राहकों ने काफी पसंद किया है, जिससे ब्रांड की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है।
2027 तक रह सकता है संकट
- फोटो : AI
2027 तक रह सकता है संकट
स्मार्टफोन बाजार के लिए आने वाले दिन भी आसान नहीं होने वाले हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि मेमोरी चिप का यह संकट साल 2027 के अंत तक खिंच सकता है। ऐसे में कंपनियां अब फोन की संख्या बढ़ाने के बजाय उनकी वैल्यू और मुनाफे पर ज्यादा ध्यान देंगी। आने वाले समय में आपको कम बजट वाले फोंस की संख्या में कमी और पुराने यानी रिफर्बिश्ड फोन्स के बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है। अब मोबाइल ब्रांड्स केवल हार्डवेयर ही नहीं, बल्कि सॉफ्टवेयर और अपनी अन्य सेवाओं (Services) के जरिए कमाई बढ़ाने की कोशिश करेंगे।
स्मार्टफोन बाजार के लिए आने वाले दिन भी आसान नहीं होने वाले हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि मेमोरी चिप का यह संकट साल 2027 के अंत तक खिंच सकता है। ऐसे में कंपनियां अब फोन की संख्या बढ़ाने के बजाय उनकी वैल्यू और मुनाफे पर ज्यादा ध्यान देंगी। आने वाले समय में आपको कम बजट वाले फोंस की संख्या में कमी और पुराने यानी रिफर्बिश्ड फोन्स के बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है। अब मोबाइल ब्रांड्स केवल हार्डवेयर ही नहीं, बल्कि सॉफ्टवेयर और अपनी अन्य सेवाओं (Services) के जरिए कमाई बढ़ाने की कोशिश करेंगे।

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