AI: सर्च के नए युग की शुरुआत, पूरी तरह से 'AI मोड' में जा सकता है गूगल सर्च इंजन
गूगल ने अमेरिका में एक नया विकल्प “AI मोड” जारी किया है, जो सर्च को एक स्मार्ट बातचीत जैसा बना देगा। अब यूजर किसी भी विषय पर प्रश्न पूछ सकते हैं और उन्हें ऐसा जवाब मिलेगा मानो किसी विशेषज्ञ से बात कर रहे हों। यह सुविधा अमेरिका में सभी उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है, सिर्फ ढाई महीने की परीक्षण अवधि के बाद।
विस्तार
गूगल ने मंगलवार को अपनी वार्षिक डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस में सर्च इंजन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीकों की एक नई लहर को पेश किया, जो सर्च अनुभव को पूरी तरह बदल रही है और वेबसाइटों पर आने वाले ट्रैफिक को भी प्रभावित कर रही है।
AI मोड: अब सर्च एक विशेषज्ञ से बातचीत जैसा अनुभव देगा
गूगल ने अमेरिका में एक नया विकल्प “AI मोड” जारी किया है, जो सर्च को एक स्मार्ट बातचीत जैसा बना देगा। अब यूजर किसी भी विषय पर प्रश्न पूछ सकते हैं और उन्हें ऐसा जवाब मिलेगा मानो किसी विशेषज्ञ से बात कर रहे हों। यह सुविधा अमेरिका में सभी उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है, सिर्फ ढाई महीने की परीक्षण अवधि के बाद।
Gemini 2.5 का इंटीग्रेशन और नई AI क्षमताएं
- गूगल ने अपने नए AI मॉडल Gemini 2.5 को सर्च एल्गोरिद्म में जोड़ दिया है।
- आगे चलकर AI से लाइव वीडियो के ज़रिए सर्च, कंसर्ट टिकट खरीदने, और रेस्टोरेंट बुकिंग जैसे काम कराए जा सकेंगे।
- गूगल के AI अनुभव में “Deep Search” जैसी सुविधाएं भी आएंगी, जो जटिल विषयों में और गहराई से जानकारी दे सकेंगी।
वेबसाइट ट्रैफिक पर असर
गूगल का दावा है कि AI ओवरव्यूज से अधिक लोग सर्च कर रहे हैं, लेकिन BrightEdge नाम की SEO कंपनी की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक साल में वेबसाइटों पर ट्रैफिक 30% तक घट गया है। इसकी वजह यह है कि यूजर अब AI ओवरव्यू से ही संतुष्ट हो जाते हैं और लिंक पर क्लिक नहीं करते।
बता दें कि ChatGPT और Perplexity जैसे AI विकल्पों के चलते गूगल पर प्रतिस्पर्धा का दबाव है। Apple के एक वरिष्ठ अधिकारी एडी क्यू ने भी माना कि अब लोग गूगल की बजाय AI टूल्स का उपयोग कर रहे हैं। गूगल ने अदालत में दलील दी कि AI पहले से ही बाजार का परिदृश्य बदल रहा है, इसलिए उसे सर्च इंजन मोनोपॉली केस में बड़ा बदलाव नहीं करना चाहिए।
फिर भी Google सबसे आगे
मार्च 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, गूगल को हर महीने 136 अरब विजिट्स मिलते हैं जो ChatGPT से लगभग 29 गुना ज्यादा है। यहां तक कि जब एक पत्रकार ने गूगल के AI मोड से पूछा कि क्या यह तकनीक गूगल को और ताकतवर बना देगी, तो जवाब मिला: "हां, यह अत्यधिक संभव है कि Google का AI मोड इसे सूचना और ऑनलाइन प्रभाव के क्षेत्र में और अधिक शक्तिशाली बना देगा।"