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जेमिनी 4 आर्गन: गूगल ने लॉन्च किया सबसे ताकतवर AI मॉडल, कई टेस्ट में आगे; क्या GPT-6 और क्लॉड को देगा टक्कर?

Thu, 01 Oct 2026 10:08 AM IST
जागृति शुक्ला टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति शुक्ला Updated Thu, 01 Oct 2026 10:08 AM IST
सार

गूगल ने आखिरकार अपना नया और सबसे ताकतवर फ्रंटियर एआई मॉडल Gemini 4 Argon पेश कर दिया है। एक मिलियन टोकन की विशाल आउटपुट लिमिट, एडवांस कोडिंग और साइबर डिफेंस क्षमताओं से लैस यह मॉडल क्या ओपनएआई के GPT-6 Astra और एंथ्रोपिक के क्लॉड जैसे दिग्गजों को कड़ी टक्कर दे पाएगा? आइए जानते हैं इसके फीचर्स, चौंकाने वाले बेंचमार्क और रोलआउट के बारे में...
 

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Google Launches Gemini 4 Argon, Most Powerful AI Model Yet, Built Coding, Cybersecurity
जेमिनी 4 आर्गन - फोटो : @Google

विस्तार

गूगल ने अपना अब तक का सबसे ताकतवर एआई मॉडल लॉन्च कर दिया है। कंपनी के सीईओ सुंदर पिचाई ने एक्स (X) पर जानकारी साझा करते हुए लिखा कि हमारे अगले मॉडल को लेकर काफी चर्चा हो रही है, इसलिए मैं जल्द से जल्द एक झलक देना चाहता था। पेश है जेमिनी 4 आर्गन। यह जटिल वर्कफ्लो, साइबर डिफेंस और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में फ्रंटियर परफॉर्मेंस दिखाता है। सुंदर पिचाई ने यह भी खुलासा किया कि गूगल की आंतरिक टीमें कोडिंग और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे जटिल कामों में पहले से ही इस मॉडल का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रही हैं। यह पहली बार है जब गूगल ने अपने किसी एआई मॉडल के लिए 'आर्गन' नाम का इस्तेमाल किया है।
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कितना शक्तिशाली है जेमिनी 4 आर्गन?
गूगल जेमिनी 4 आर्गन को जटिल वर्कफ्लो में गहरी सोच के लिए तैयार किया गया फ्रंटियर मॉडल बताता है। इसकी आउटपुट टोकन लिमिट दस लाख टोकन है। इतनी बड़ी लिमिट की वजह से मॉडल लंबे और जटिल कार्यों में सैकड़ों हजार टोकन तक सोचने में सक्षम है। कंपनी का दावा है कि कई कामों में आर्गन का प्रदर्शन जीपीटी-6 एस्ट्रा और क्लॉड फेबल 5.1 जैसे एडवांस मॉडल्स के बराबर या उनसे बेहतर है।
वाल्स नॉलेज वर्क बेंचमार्क में प्रदर्शन: वाल्स नॉलेज वर्क बेंचमार्क में जेमिनी 4 आर्गन ने 68.9% स्कोर हासिल किया है। तुलना करें तो जीपीटी-6 एस्ट्रा का स्कोर 63.1% और क्लॉड फेबल  5.1 का स्कोर 65.8% रहा।
वाइब कोड बेंच में भी आगे: यही नहीं कोडिंग से जुड़े वाइब कोड बेंच में भी आर्गन ने 91.9% स्कोर के साथ बेहतर प्रदर्शन किया है। वहीं क्लॉड फेबल 5.1 का स्कोर 90.3% और GPT-6 Astra का स्कोर 89.6% रहा।
हालांकि, गूगल के नए मॉडल ने हर बेंचमार्क में बढ़त हासिल नहीं की है। कुछ अन्य बेंचमार्क में यह दूसरे एडवांस मॉडल्स से थोड़ा पीछे भी रहा।
 

साइबरसिक्योरिटी में भी खास क्षमता
  • जेमिनी 4 आर्गन की एक बड़ी खासियत इसकी साइबरसिक्योरिटी क्षमता भी बताई जा रही है। गूगल का कहना है कि यह मॉडल खुद ही जरूरी सॉफ्टवेयर कमजोरियों को खोजकर उनकी पुष्टि कर सकता है और उन्हें पैच भी कर सकता है।
  • साथ ही कहा कि गूगल की साइबरसिक्योरिटी कंपनी Wiz पहले से Argon का इस्तेमाल कर रही है। एक डेमो के दौरान आर्गन  ने स्वास्थ्य संबंधी सॉफ्टवेयर में एक गंभीर कमजोरी खोजी। कंपनी के अनुसार, यह ऐसी कमजोरी थी जिसे पिछले फ्रंटियर मॉडल्स पहचान नहीं पाए थे।
  • इस क्षमता की वजह से आर्गन को सिर्फ सामान्य एआई मॉडल के तौर पर नहीं, बल्कि साइबर डिफेंस और सॉफ्टवेयर सुरक्षा जैसे कामों के लिए भी उपयोगी बनाने की कोशिश की गई है।

अभी हर किसी के लिए उपलब्ध नहीं
  • फिलहाल गूगल ने जेमिनी 4 आर्गन की उपलब्धता सीमित रखी है। अभी इसे Fairwind प्रोग्राम के जरिए सिर्फ भरोसेमंद साइबर डिफेंडर्स और अमेरिकी सरकार को उपलब्ध कराया गया है।
  • सुंदर पिचाई का कहना है कि मॉडल को जिम्मेदारी से रोल आउट किया जा रहा है। इसका व्यापक एक्सेस बाद में पेड API ग्राहकों और गूगल एआई अल्ट्रा सब्सक्राइबर्स को दिया जाएगा।

जेमिनी 4 आर्गन की शुरुआती कीमत कितनी है?
  • गूगल ने मॉडल के लिए शुरुआती कीमत का भी जिक्र किया है। फिलहाल इनपुट की कीमत 2 डॉलर प्रति मिलियन टोकन, यानी लगभग 190 रुपये रखी गई है।
  • वहीं आउटपुट के लिए 10 डॉलर प्रति मिलियन टोकन, यानी करीब 950 रुपये चुकाने होंगे। बाद में इन कीमतों में बढ़ोतरी की जाएगी। उस समय इनपुट की कीमत 4 प्रति मिलियन टोकन और आउटपुट की कीमत 20 डॉलर प्रति मिलियन टोकन हो सकती है।

एआई की रेस में गूगल का नया दांव
गूगल 5 आर्गन की लॉन्चिंग गूगल के लिए सिर्फ एक नए एआई मॉडल की एंट्री नहीं है। कंपनी इसे कोडिंग, जटिल प्रोफेशनल वर्क, साइबरसिक्योरिटी और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल करने की दिशा में आगे बढ़ाने के प्रयास में है। फिलहाल मॉडल की सीमित उपलब्धता की वजह से इसका व्यापक इस्तेमाल शुरू नहीं हुआ है, लेकिन शुरुआती बेंचमार्क और साइबरसिक्योरिटी से जुड़े दावों के साथ गूगल ने यह जरूर संकेत दिया है कि वह फ्रंटियर एआई मॉडल्स की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
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