Premium cars India: GST 2.0 से माइल्ड-हाइब्रिड SUV की बढ़ी मांग, अब कम कीमत में मिलेगा प्रीमियम कारों का मजा
Luxury car segment India: भारत में लग्जरी कार बाजार तेजी से इलेक्ट्रिफिकेशन की ओर बढ़ रहा है। ताजा ट्रेंड्स बताते हैं कि हर चार प्रीमियम कारों में से एक अब इलेक्ट्रिक वाहन है। इसके साथ ही सरकार की ओर से लागू किए गए GST 2.0 ने टैक्स स्ट्रक्चर को सरल बनाकर माइल्ड-हाइब्रिड और ICE एसयूवी को भारतीय ग्राहकों के लिए और अधिक आकर्षक बना दिया है।
विस्तार
स्वीडिश लग्जरी कार दिग्गज वोल्वो ने भारतीय बाजार में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। कंपनी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत में बिकने वाली हर चौथी वोल्वो कार अब इलेक्ट्रिक है। हालांकि, देश में लागू हुए जीएसटी 2.0 के नए नियमों ने कंपनी के माइल्ड-हाइब्रिड मॉडल्स के लिए भी सफलता के नए रास्ते खोल दिए हैं।
2026 से ईवी सेगमेंट में आएगी तेजी
ऑटो इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों का मानना है कि 2026 से भारत में लग्जरी ईवी सेगमेंट और अधिक आक्रामक होगा। फिलहाल जो ईवी बिक रही है, उसे एक मजबूत आधार माना जा रहा है। आने वाले समय में नए मॉडल्स, बेहतर रेंज और तेज चार्जिंग टेक्नोलॉजी के साथ इलेक्ट्रिक कारों को बढ़ाया जाएगा, जिससे भारतीय बाजार में ईवी अपनाने की रफ्तार और तेज हो सकती है।
ये भी पढ़े: Fuel Indicator: फ्यूल गेज का छोटा सा तीर कैसे बना ड्राइवरों का सबसे बड़ा सहारा? बड़ा दिलचस्प है किस्सा
जीएसटी 2.0 के लागू होने के बाद टैक्स स्ट्रक्चर ज्यादा स्पष्ट और संतुलित हो गया है। इसका सीधा फायदा माइल्ड-हाइब्रिड और इंटरनल कम्बस्शन इंजन (ICE) वाली एसयूवी को मिला है। टैक्स में कमी के चलते ये गाड़ियां पहले की तुलना में ज्यादा आकर्षक कीमतों पर उपलब्ध हो गई हैं। यही वजह है कि फेस्टिव सीजन के दौरान और उसके बाद इन सेगमेंट्स में बिक्री में डबल-डिजिट ग्रोथ दर्ज की गई।
ICE और हाइब्रिड कारों की मांग क्यों बढ़ी?
हालांकि ईवी पर सरकार का फोकस बना हुआ है और उन पर सिर्फ पांच प्रतिशत जीएसटी लागू है, लेकिन सभी ग्राहक तुरंत पूरी तरह इलेक्ट्रिक गाड़ी अपनाने के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में माइल्ड-हाइब्रिड गाड़ियां एक संतुलित विकल्प बनकर उभरी हैं। ये बेहतर माइलेज, कम उत्सर्जन और पारंपरिक ड्राइविंग अनुभव का कॉम्बिनेशन देती हैं, जो भारतीय ग्राहकों को खासा पसंद आ रहा है।
बढ़ सकती हैं प्रीमियम कारों की कीमतें
ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के अनुसार, आने वाले समय में विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव, आयात लागत और वैश्विक सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों के चलते कुछ लग्जरी कारों की कीमतों में इजाफा हो सकता है। 2026 को सेक्टर के लिए एक डायनेमिक साल माना जा रहा है, जिसमें बाजार की परिस्थितियों के अनुसार कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है।
जीएसटी 2.0 के तहत छोटे और मिड-साइज वाहनों पर टैक्स घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि बड़े और लंबी गाड़ियों को 40 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में रखा गया है। इस बदलाव ने ग्राहकों को ज्यादा सोच-समझकर विकल्प चुनने के लिए प्रेरित किया है। मिड-साइज एसयूवी और हाइब्रिड मॉडल्स अब बेहतर वैल्यू ऑफर कर रहे हैं, जिससे उनकी डिमांड तेजी से बढ़ी है।