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फ्रांस में इन्फोसिस पर ₹2 करोड़ का जुर्माना: काम के घंटों के ट्रैकिंग सिस्टम में मिली खामी, कंपनी ने दी सफाई
Mon, 27 Jul 2026 04:43 PM IST
नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Mon, 27 Jul 2026 04:43 PM IST
सार
इन्फोसिस को फ्रांस के श्रम प्राधिकरण से बड़ा झटका लगा है। कर्मचारियों के काम के घंटों की निगरानी करने वाले सिस्टम में कानूनी कमियां मिलने के बाद कंपनी पर जुर्माना लगाया गया है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि इसका उसके कारोबार या वित्तीय स्थिति पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
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इन्फोसिस
- फोटो : PTI
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विस्तार
भारत की दिग्गज आईटी कंपनी इन्फोसिस (Infosys) इन दिनों फ्रांस में एक कानूनी उलझन का सामना कर रही है। फ्रांसीसी श्रम प्राधिकरण ने कर्मचारियों के काम के घंटे दर्ज करने वाले सिस्टम में खामियां पाए जाने पर कंपनी पर €175,000 (लगभग 2 करोड़ रुपये) का जुर्माना ठोक दिया है।
एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई जानकारी के मुताबिक, फ्रांसीसी अथॉरिटी का मानना है कि इन्फोसिस का मौजूदा 'वर्किंग टाइम रिकॉर्डिंग सिस्टम' वहां के सख्त कानूनी पैमानों पर पूरी तरह से खरा नहीं उतरता है। जांच में सामने आया कि कुछ खास श्रेणी के कर्मचारियों के लिए इस सिस्टम की विश्वसनीयता, ऑडिटिंग और निगरानी की क्षमताएं काफी कमजोर हैं।
किन कमियों की वजह से लगा जुर्माना?
फ्रांसीसी अथॉरिटी के मुताबिक, Infosys के सिस्टम में कुछ कर्मचारियों की श्रेणी के लिए तीन प्रमुख कमियां पाई गईं:
कंपनी ने क्या कहा?
जून तिमाही में मजबूत रहा प्रदर्शन
CEO पद पर भी होगा बड़ा बदलाव
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एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई जानकारी के मुताबिक, फ्रांसीसी अथॉरिटी का मानना है कि इन्फोसिस का मौजूदा 'वर्किंग टाइम रिकॉर्डिंग सिस्टम' वहां के सख्त कानूनी पैमानों पर पूरी तरह से खरा नहीं उतरता है। जांच में सामने आया कि कुछ खास श्रेणी के कर्मचारियों के लिए इस सिस्टम की विश्वसनीयता, ऑडिटिंग और निगरानी की क्षमताएं काफी कमजोर हैं।
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किन कमियों की वजह से लगा जुर्माना?
फ्रांसीसी अथॉरिटी के मुताबिक, Infosys के सिस्टम में कुछ कर्मचारियों की श्रेणी के लिए तीन प्रमुख कमियां पाई गईं:
- रिकॉर्डिंग सिस्टम की विश्वसनीयता पर्याप्त नहीं थी।
- सिस्टम का ऑडिट ट्रेल मानकों के अनुरूप नहीं था।
- कर्मचारियों के कार्य समय की निगरानी भी कानूनी अपेक्षाओं को पूरा नहीं कर रही थी।
कंपनी ने क्या कहा?
- इस जुर्माने को लेकर इन्फोसिस ने निवेशकों को आश्वस्त करते हुए साफ किया है कि यह रकम बहुत मामूली है। कंपनी के अनुसार, इस पेनल्टी से उनके समग्र कारोबार, वित्तीय स्थिति या रोजमर्रा के ऑपरेशंस पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
- शेयर बाजार को इस कार्रवाई की जानकारी देरी से देने के सवाल पर आईटी फर्म ने स्पष्ट किया कि उन्हें फ्रांस से मिले नोटिस की बारीकी से जांच करने और आगे की कानूनी रणनीति तय करने के लिए थोड़ा अतिरिक्त समय चाहिए था, जिसके चलते सूचना देने में समय लगा।
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जून तिमाही में मजबूत रहा प्रदर्शन
- भले ही फ्रांस से एक चुनौतीपूर्ण खबर आई हो, लेकिन कंपनी के बही-खाते बेहद मजबूत नजर आ रहे हैं। वित्त वर्ष 2027 (FY27) की जून तिमाही के हालिया नतीजों के अनुसार, इन्फोसिस के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 12.2 फीसदी का शानदार उछाल दर्ज किया गया है। पिछले साल की इसी तिमाही के ₹6,921 करोड़ के मुकाबले, इस बार कंपनी का शुद्ध मुनाफा बढ़कर ₹7,769 करोड़ हो गया है।
- इसके साथ ही, कंपनी का रेवेन्यू भी 14 फीसदी की छलांग लगाते हुए ₹42,279 करोड़ से बढ़कर ₹48,211 करोड़ पर पहुंच गया है। डॉलर के संदर्भ में बात करें तो सालाना आधार पर रेवेन्यू में 2.8 फीसदी और कॉन्स्टेंट करेंसी (CC) में 2.4 फीसदी की ग्रोथ देखी गई है। वहीं, तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर भी रेवेन्यू में 1 फीसदी का इजाफा हुआ है।
CEO पद पर भी होगा बड़ा बदलाव
- इन्फोसिस ने हाल ही में नेतृत्व परिवर्तन की भी घोषणा की है। कंपनी के बोर्ड की नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी की सिफारिश पर आशीष कुमार दास को अगला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नामित किया है।
- मौजूदा सीईओ सलिल पारेख का दूसरा कार्यकाल 31 मार्च 2027 को समाप्त हो रहा है। पारेख के नौ साल के सफल नेतृत्व के बाद, बोर्ड की नॉमिनेशन और रेम्यूनरेशन कमेटी की सिफारिश पर, आशीष कुमार दास 1 अप्रैल 2027 से कंपनी की कमान संभालेंगे। उनका यह नया कार्यकाल पूरे पांच साल के लिए होगा।