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इंस्टाग्राम CSAM विज्ञापन विवाद: सरकार की सख्ती के बाद मेटा ने सौंपा जवाब, आईटी मंत्रालय कर रहा है गहन समीक्षा

Mon, 13 Jul 2026 03:04 PM IST
नीतीश कुमार टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नीतीश कुमार Updated Mon, 13 Jul 2026 03:04 PM IST
सार

इंस्टाग्राम पर बच्चों से जुड़े घोर आपत्तिजनक (CSAM) विज्ञापनों के मामले में भारत सरकार ने मेटा को सख्त नोटिस भेजा था। अब आईटी सचिव एस. कृष्णन ने पुष्टि की है कि मेटा का जवाब मिल गया है। मंत्रालय इस स्पष्टीकरण की बारीकी से समीक्षा कर रहा है, जिसके बाद कंपनी के खिलाफ आगे की उचित कार्रवाई तय की जाएगी।

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इंस्टाग्राम पर बच्चों से जुड़े अश्लील विज्ञापन का मामला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम (Instagram) पर बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) को बढ़ावा देने वाले पेड विज्ञापनों के बेहद गंभीर और संवेदनशील मामले में मेटा (Meta) ने आखिरकार भारत सरकार को अपना स्पष्टीकरण सौंप दिया है।
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सोमवार को सूचना और प्रौद्योगिकी (IT) सचिव एस. कृष्णन ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि की। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को मेटा का जवाब प्राप्त हो गया है और फिलहाल इसके हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस समीक्षा के पूरी होने के बाद ही सरकार अपना अगला कदम उठाएगी।
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क्या था पूरा मामला और सरकार ने क्यों उठाया था यह कदम?
  • हाल ही में, यह बात सामने आई थी कि इंस्टाग्राम पर कुछ ऐसे प्रायोजित विज्ञापन चल रहे हैं, जो 'चाइल्ड सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेटिव एंड एब्यूज मटेरियल' (CSEAM) तक पहुंच को आसान बना रहे थे या उसे बढ़ावा दे रहे थे।
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  • इस घोर लापरवाही पर कड़ा संज्ञान लेते हुए, MeitY ने मेटा को एक सख्त नोटिस थमाया था। सरकार ने कंपनी को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि प्लेटफॉर्म से ऐसे सभी विज्ञापनों और सामग्री को तुरंत प्रभाव से हटाया जाए। 
  • इसके साथ ही, मंत्रालय ने एक निर्धारित समय-सीमा के भीतर इस पूरे वाकये पर विस्तृत जवाब भी तलब किया था।

तय समय-सीमा पर आया मेटा का जवाब
आईटी सचिव कृष्णन ने जानकारी देते हुए बताया कि मेटा ने शनिवार को अपना जवाब दाखिल कर दिया था, जो कि मंत्रालय द्वारा दी गई मोहलत का आखिरी दिन था। उन्होंने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, "CSAM कंटेंट को लेकर हमने मेटा को जो नोटिस जारी किया था, उसका जवाब हमें मिल गया है। वर्तमान में यह हमारे परीक्षण के अधीन है। इस जवाब के गहन मूल्यांकन के आधार पर ही उचित और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"

मेटा ने अपने बचाव में क्या कहा?
  • सरकार के नोटिस के कुछ ही दिनों बाद, मेटा ने सार्वजनिक रूप से अपने प्लेटफॉर्म्स को सुरक्षित बनाने के प्रयासों का जिक्र किया था। एक ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से कंपनी ने बताया कि वह अपने एप्स पर ऐसे घिनौने कंटेंट से लड़ने के लिए एआई (AI) आधारित अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है।
  • मेटा ने दावा किया है कि वह बड़े पैमाने पर आपत्तिजनक सामग्री की पहचान कर उसे हटा रही है। इसके अलावा, कंपनी ने यह भी आश्वासन दिया है कि युवा यूजर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अपनी 'विज्ञापन समीक्षा प्रक्रिया' यानी एड रिव्यू प्रोसेस को और अधिक सख्त बनाने के लिए तकनीक और संसाधनों में निवेश लगातार जारी रहेगा।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आईटी मंत्रालय, मेटा के इन दावों और जवाब से कितना संतुष्ट होता है और भविष्य में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर क्या नए नियम या कार्रवाइयां सामने आती हैं।
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