{"_id":"69e4a687146d801cc7006a58","slug":"mobile-push-notifications-privacy-risk-how-to-protect-data-2026-04-19","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Alert: मोबाइल नोटिफिकेशन से भी लीक हो सकती है आपकी प्राइवेसी! जानिए कैसे हो सकती है डेटा की चोरी","category":{"title":"Tech Diary","title_hn":"टेक डायरी","slug":"tech-diary"}}
Alert: मोबाइल नोटिफिकेशन से भी लीक हो सकती है आपकी प्राइवेसी! जानिए कैसे हो सकती है डेटा की चोरी
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Sun, 19 Apr 2026 03:25 PM IST
विज्ञापन
सार
Notification Privacy Risk: स्मार्टफोन के पुश नोटिफिकेशन सिर्फ मैसेज अलर्ट नहीं होते, बल्कि ये आपकी निजी जानकारी भी उजागर कर सकते हैं। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नोटिफिकेशन डेटा तक कंपनियों और एजेंसियों की पहुंच संभव है। ऐसे में जानिए इससे जुड़े खतरे और बचाव के तरीके।
पुश नोटिफिकेशन से प्राइवेसी पर खतरा
- फोटो : एआई जनरेटेड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन का इस्तेमाल हर व्यक्ति करता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि फोन पर आने वाले पुश नोटिफिकेशन आपकी निजी जानकारी के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। ये नोटिफिकेशन आपके मैसेज, एप एक्टिविटी और दिनभर की गतिविधियों से जुड़ी अहम जानकारी को उजागर कर सकते हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अब ये जानकारी इतनी संवेदनशील हो चुकी है कि Apple और Google जैसी कंपनियां भी इसे साझा करने के लिए कोर्ट के आदेश की मांग करती हैं। इसके बावजूद कई मामलों में यूजर्स का डेटा एक्सेस किया जाता है।
क्लाउड से डिवाइस तक कैसे लीक होता है डेटा
पुश नोटिफिकेशन सीधे एप से आपके फोन तक नहीं आते, बल्कि पहले Apple या Google के सर्वर से होकर गुजरते हैं। इस दौरान नोटिफिकेशन से जुड़ी कुछ जानकारी, जैसे कौन सा एप नोटिफिकेशन भेज रहा है और कब भेज रहा है, कंपनियों के पास पहुंच सकती है। कुछ मामलों में नोटिफिकेशन का कंटेंट भी दिखाई दे सकता है, अगर एप डेवलपर ने इसे छिपाने की सुविधा लागू नहीं की हो।
दूसरा खतरा तब होता है जब नोटिफिकेशन आपके फोन पर पहुंच जाते हैं। अगर आपने लॉक स्क्रीन पर नोटिफिकेशन प्रीव्यू ऑन कर रखा है, तो बिना फोन अनलॉक किए कोई भी व्यक्ति आपके मैसेज पढ़ सकता है।
डिलीट करने के बाद भी सुरक्षित नहीं रहते नोटिफिकेशन
कई यूजर्स यह मानते हैं कि नोटिफिकेशन हटाने के बाद उनका डेटा पूरी तरह डिलीट हो जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है। टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स के अनुसार, नोटिफिकेशन का डेटा फोन की इंटरनल स्टोरेज में सेव हो सकता है।
यहां तक कि कुछ फॉरेंसिक टूल्स की मदद से डिलीट किए गए नोटिफिकेशन को भी रिकवर किया जा सकता है। अगर एप को फोन से हटा दिया जाए, तब भी कुछ मामलों में उसका नोटिफिकेशन डेटा सिस्टम में बना रह सकता है।
मैसेजिंग एप्स भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं
WhatsApp और Signal जैसे सिक्योर मैसेजिंग एप्स एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन देते हैं, जिससे मैसेज का कंटेंट सुरक्षित रहता है। लेकिन नोटिफिकेशन के जरिए वही कंटेंट बाहर दिख सकता है, अगर सेटिंग्स सही न हों।
Signal में यूजर्स को नोटिफिकेशन में दिखने वाली जानकारी को कंट्रोल करने के तीन विकल्प मिलते हैं- पूरा मैसेज दिखाना, सिर्फ नाम दिखाना या कुछ भी न दिखाना। वहीं WhatsApp में भी नोटिफिकेशन प्रीव्यू को बंद करने का विकल्प मौजूद है।
ऐसे करें अपनी प्राइवेसी की सुरक्षा
अपनी निजी जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है कि आप नोटिफिकेशन सेटिंग्स पर ध्यान दें। सबसे पहले लॉक स्क्रीन पर नोटिफिकेशन प्रीव्यू को बंद करें, ताकि बिना अनलॉक किए कोई भी जानकारी न देख सके। इसके अलावा, एप्स की नोटिफिकेशन परमिशन सीमित रखें और केवल जरूरी एप्स को ही अनुमति दें। सिक्योर मैसेजिंग एप्स में प्राइवेसी सेटिंग्स को कस्टमाइज करना भी बेहद जरूरी है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि टेक्नोलॉजी जितनी एडवांस हो रही है, प्राइवेसी से जुड़े खतरे भी उतनी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में केवल कंपनियों या सरकार पर निर्भर रहना काफी नहीं है, बल्कि यूजर्स को भी अपनी डिजिटल सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना होगा। पुश नोटिफिकेशन भले ही छोटी चीज लगे, लेकिन सही सेटिंग्स के बिना ये आपकी निजी जिंदगी में ताक-झांक कर सकता है।
Trending Videos
रिपोर्ट्स के अनुसार, अब ये जानकारी इतनी संवेदनशील हो चुकी है कि Apple और Google जैसी कंपनियां भी इसे साझा करने के लिए कोर्ट के आदेश की मांग करती हैं। इसके बावजूद कई मामलों में यूजर्स का डेटा एक्सेस किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्लाउड से डिवाइस तक कैसे लीक होता है डेटा
पुश नोटिफिकेशन सीधे एप से आपके फोन तक नहीं आते, बल्कि पहले Apple या Google के सर्वर से होकर गुजरते हैं। इस दौरान नोटिफिकेशन से जुड़ी कुछ जानकारी, जैसे कौन सा एप नोटिफिकेशन भेज रहा है और कब भेज रहा है, कंपनियों के पास पहुंच सकती है। कुछ मामलों में नोटिफिकेशन का कंटेंट भी दिखाई दे सकता है, अगर एप डेवलपर ने इसे छिपाने की सुविधा लागू नहीं की हो।
दूसरा खतरा तब होता है जब नोटिफिकेशन आपके फोन पर पहुंच जाते हैं। अगर आपने लॉक स्क्रीन पर नोटिफिकेशन प्रीव्यू ऑन कर रखा है, तो बिना फोन अनलॉक किए कोई भी व्यक्ति आपके मैसेज पढ़ सकता है।
डिलीट करने के बाद भी सुरक्षित नहीं रहते नोटिफिकेशन
कई यूजर्स यह मानते हैं कि नोटिफिकेशन हटाने के बाद उनका डेटा पूरी तरह डिलीट हो जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है। टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स के अनुसार, नोटिफिकेशन का डेटा फोन की इंटरनल स्टोरेज में सेव हो सकता है।
यहां तक कि कुछ फॉरेंसिक टूल्स की मदद से डिलीट किए गए नोटिफिकेशन को भी रिकवर किया जा सकता है। अगर एप को फोन से हटा दिया जाए, तब भी कुछ मामलों में उसका नोटिफिकेशन डेटा सिस्टम में बना रह सकता है।
मैसेजिंग एप्स भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं
WhatsApp और Signal जैसे सिक्योर मैसेजिंग एप्स एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन देते हैं, जिससे मैसेज का कंटेंट सुरक्षित रहता है। लेकिन नोटिफिकेशन के जरिए वही कंटेंट बाहर दिख सकता है, अगर सेटिंग्स सही न हों।
Signal में यूजर्स को नोटिफिकेशन में दिखने वाली जानकारी को कंट्रोल करने के तीन विकल्प मिलते हैं- पूरा मैसेज दिखाना, सिर्फ नाम दिखाना या कुछ भी न दिखाना। वहीं WhatsApp में भी नोटिफिकेशन प्रीव्यू को बंद करने का विकल्प मौजूद है।
ऐसे करें अपनी प्राइवेसी की सुरक्षा
अपनी निजी जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है कि आप नोटिफिकेशन सेटिंग्स पर ध्यान दें। सबसे पहले लॉक स्क्रीन पर नोटिफिकेशन प्रीव्यू को बंद करें, ताकि बिना अनलॉक किए कोई भी जानकारी न देख सके। इसके अलावा, एप्स की नोटिफिकेशन परमिशन सीमित रखें और केवल जरूरी एप्स को ही अनुमति दें। सिक्योर मैसेजिंग एप्स में प्राइवेसी सेटिंग्स को कस्टमाइज करना भी बेहद जरूरी है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि टेक्नोलॉजी जितनी एडवांस हो रही है, प्राइवेसी से जुड़े खतरे भी उतनी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में केवल कंपनियों या सरकार पर निर्भर रहना काफी नहीं है, बल्कि यूजर्स को भी अपनी डिजिटल सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना होगा। पुश नोटिफिकेशन भले ही छोटी चीज लगे, लेकिन सही सेटिंग्स के बिना ये आपकी निजी जिंदगी में ताक-झांक कर सकता है।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live news update of latest mobile reviews apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking news from Tech and more Hindi News.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

कमेंट
कमेंट X