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New Zealand: 16 साल से कम उम्र के बच्चे नहीं चला पाएंगे सोशल मीडिया, सरकार ला सकती है नया कानून

Tue, 25 Aug 2026 12:09 PM IST
नीतीश कुमार टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नीतीश कुमार Updated Tue, 25 Aug 2026 12:09 PM IST
सार

New Zealand Social Media Ban: न्यूजीलैंड सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है। नियमों का उल्लंघन करने पर टेक कंपनियों पर उनकी वैश्विक कमाई का 10 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है।

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new zealand to ban social media for children under 16 heavy fines on tech firms
न्यूजीलैंड सरकार सोशल मीडिया को लेकर संसद में पेश करेगी विधेयक - फोटो : एआई जनरेटेड

विस्तार

स्मार्टफोन और सोशल मीडिया की लत आज पूरी दुनिया में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। अब इस गंभीर खतरे से बच्चों को बचाने के लिए न्यूजीलैंड की सरकार एक बेहद सख्त कदम उठाने जा रही है। देश में 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए संसद में एक नया विधेयक (बिल) पेश किया जाएगा। अगर टेक कंपनियां इस नियम का पालन करने में नाकाम रहती हैं, तो उन पर भारी-भरकम आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा।
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टेक कंपनियों पर लगेगा भारी जुर्माना

  • न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इस ऐतिहासिक फैसले की घोषणा करते हुए साफ किया कि नियमों की अनदेखी करने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को बख्शा नहीं जाएगा। प्रस्ताव के मुताबिक, यदि कोई कंपनी 16 साल से कम उम्र के बच्चों को प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने से रोकने में विफल रहती है, तो उस पर कंपनी के कुल वैश्विक राजस्व (ग्लोबल रेवेन्यू) का 10 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है। 
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  • नए कानून के तहत सोशल मीडिया कंपनियों को यूजर्स की उम्र सत्यापित करने के लिए डिजिटल पहचान पत्र, फेशियल रिकॉग्निशन तकनीक और मौजूदा अकाउंट डेटा का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा।
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'बच्चों के भविष्य से समझौता मंजूर नहीं'

  • प्रधानमंत्री लक्सन ने बच्चों पर सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि हम न्यूजीलैंड के बच्चों की एक पूरी पीढ़ी को इस तरह नुकसान होते नहीं देख सकते। सोशल मीडिया उन्हें हानिकारक सामग्री, लत लगाने वाले एल्गोरिदम और ऐसे मानसिक दबाव की ओर धकेल रहा है, जिसे झेलने के लिए वे तैयार नहीं हैं। 
  • इससे उनका पारिवारिक जीवन, मानसिक स्वास्थ्य, नींद और पढ़ाई-लिखाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। प्रधानमंत्री ने यह भी माना कि इस नियम को पूरी तरह लागू करना आसान नहीं होगा, लेकिन बच्चों की सुरक्षा के लिए यह प्रयास करना बेहद जरूरी है।

सरकार के भीतर ही विरोध के सुर

  • हालांकि, इस बिल को संसद से पास कराना सरकार के लिए आसान नहीं होगा। प्रधानमंत्री की गठबंधन सहयोगी 'न्यूजीलैंड फर्स्ट' पार्टी ने इस कानून का विरोध करने का फैसला किया है। पार्टी के प्रमुख और देश के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि ऐसा कानून देश को गलत दिशा में ले जा सकता है।
  • उन्होंने पिछले साल दिसंबर में ऑस्ट्रेलिया द्वारा 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए टिकटॉक, यूट्यूब और इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर लगाए गए बैन का हवाला देते हुए इसे असफल बताया। विंस्टन पीटर्स का मानना है कि बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखने की जिम्मेदारी सरकार की नहीं, बल्कि माता-पिता की होनी चाहिए।

बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा बनी वैश्विक चिंता

  • न्यूजीलैंड का प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब दुनियाभर में बच्चों और किशोरों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर बहस तेज हो रही है। सरकारें एक तरफ ऑनलाइन सुरक्षा बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं, तो दूसरी तरफ उम्र की पुष्टि, निजता और माता-पिता की जिम्मेदारी जैसे सवाल भी सामने आ रहे हैं।
  • दिसंबर में ऑस्ट्रेलिया 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने वाला दुनिया का पहला देश बना था। वहां टिकटॉक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे दर्जन भर प्रमुख प्लेटफॉर्म पर बच्चों के लिए नियम लागू किए गए हैं।
  • अगर न्यूजीलैंड का प्रस्तावित कानून संसद से पास होता है, तो देश ऑस्ट्रेलिया के बाद 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर सख्त रोक लगाने वाला प्रमुख देश बन सकता है।
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