जेनसेन हुआंग के इशारे पर नाचने वाले रोबोट्स: क्या हैं माइक्रोडक? एनवीडिया ने इन्हें कैसे किया है तैयार
- एनवीडिया के सीईओ जेनसेन हुआंग ने हाल में माइक्रोडक नाम के रोबोट्स पेश किए हैं।
- ये रोबोट्स काफी छोटे हैं और इन्हें जेनसेन हुआंग के इशारों पर उठते-बैठते पेश किया गया है।
- आखिर ये रोबोट्स क्या हैं और इन्हें कैसे ट्रेन किया गया है।
विस्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की दुनिया में हर दिन नए और हैरान करने वाले आविष्कार सामने आ रहे हैं। हाल ही में जर्मनी की राजधानी बर्लिन में आयोजित एनवीडिया के 'जीटीसी बर्लिन' टेक इवेंट में कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इस इवेंट के दौरान कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेन्सेन हुआंग ने मंच पर छोटे-छोटे रोबोट्स को पेश करके सभी को चौंका दिया। इन रोबोट्स ने मंच पर न केवल खुद चलकर एंट्री ली, बल्कि हुआंग की हर एक कमांड का बेहद सटीक पालन भी किया। इंटरनेट पर इन रोबोट्स की चर्चा इन दिनों जोरों पर है और हर कोई इनके बारे में जानना चाहता है।
क्या हैं माइक्रोडक रोबोट्स?
जेनसेन हुआंग द्वारा पेश किए गए इन छोटे रोबोट्स को 'माइक्रोडक' नाम दिया गया है। इन अनोखे और छोटे रोबोट्स को हगिंग फेस और फ्रांस की पोलन रोबोटिक्स ने मिलकर तैयार किया है। इनके आकार और वजन की बात करें तो ये बेहद कॉम्पैक्ट हैं। प्रत्येक माइक्रोडक रोबोट की लंबाई महज 10 इंच है और इनका वजन 2 पाउंड यानी लगभग 900 ग्राम से भी कम है। इवेंट के दौरान जब हुआंग ने इन्हें बैठने, खड़े होने और सोने के निर्देश दिए, तो इन रोबोट्स ने तुरंत उन कमांड्स को फॉलो किया। इनकी इन हरकतों ने वहां मौजूद दर्शकों और ऑनलाइन देखने वालों का खूब मनोरंजन किया।
किस टेक्नोलॉजी और एआई प्लेटफॉर्म पर करते हैं काम?
माइक्रोडक केवल एक खिलौना नहीं है, बल्कि यह एक एडवांस्ड ओपन-सोर्स रोबोट है। इसे खासतौर पर उन छात्रों, रिसर्चर्स और डेवलपर्स के लिए डिजाइन किया गया है जो मशीनों को नए फिजिकल स्किल्स सिखाना चाहते हैं, उनके कामकाज के तरीके को बदलना चाहते हैं और अपने प्रोजेक्ट्स को दूसरों के साथ साझा करना चाहते हैं।
इन रोबोट्स को बनाने और प्रशिक्षित करने के पीछे एनवीडिया की ताकतवर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इन्हें एनवीडिया के 'आइज़ैक लेब' और 'आइजैक सिम' टूल्स के साथ-साथ 'न्यूटन फिजिक्स इंजन' की मदद से तैयार किया गया है। स्टेज पर इन्हें पेश करने से पहले एक विशेष वीडियो दिखाया गया था, जिसमें यह दर्शाया गया था कि कैसे एक एआई एजेंट ने इन माइक्रोडक रोबोट्स को ट्रेनिंग दी है।When @jensenhuang asks for a somersault, you deliver. 🦆 See how AI agents on NVIDIA RTX Spark help bring @huggingface's Microduck from simulation to the real world. https://t.co/W6qidApR2O
— NVIDIA RTX Spark (@NVIDIARTXSpark) October 21, 2026
वर्चुअल ट्रेनिंग कोर्स किया गया था तैयार
- वर्चुअल ट्रेनिंग कोर्स की तैयारी: एआई एजेंट ने सबसे पहले एक वर्चुअल ट्रेनिंग कोर्स डिजाइन किया और 'आइज़ैक सिम' का उपयोग करके रोबोट के वर्चुअल वर्जन पर इसका परीक्षण किया।
- क्लाउड सर्वर पर मुख्य ट्रेनिंग: वर्चुअल परीक्षण के सफल होने के बाद, रोबोट की मुख्य और बड़ी ट्रेनिंग का काम क्लाउड सर्वर पर पूरा किया गया।
- आरटीएक्स स्पार्क लैपटॉप पर जांच: क्लाउड से मिलने वाले फिजिकल परिणामों को सीधे रोबोट तक भेजने से पहले उन्हें एनवीडिया के शक्तिशाली 'आरटीएक्स स्पार्क' लैपटॉप पर परखा गया।
संक्षेप में कहें तो इन रोबोट्स को आरटीएक्स स्पार्क पर डिजाइन किया गया है। साथ ही एनवीडिया के सुपरकंप्यूटर्स की मदद से क्लाउड पर प्रशिक्षित किया गया और डिजिटल ट्विन तकनीक के जरिए इन्हें विभिन्न स्किल्स सिखाए गए। माइक्रोडक का यह अनूठा प्रदर्शन यह साबित करता है कि भविष्य में रोबोटिक्स और एआई का तालमेल हमारे जीवन और तकनीक की दुनिया को कितनी तेजी से बदल रहा है।