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ओपनएआई-मस्क विवाद: क्या मस्क की कंपनी पर लगा बैन? कर्सर को एआई मॉडल देना बंद करेगा ओपनएआई, जानें क्या है वजह

Sat, 29 Aug 2026 02:50 PM IST
जागृति शुक्ला टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति शुक्ला Updated Sat, 29 Aug 2026 02:50 PM IST
सार

ओपनएआई ने एलन मस्क की स्पेसएक्स के कोडिंग टूल कर्सर को अपने एआई मॉडल्स की सेवा बंद करने का एलान किया है। ओपनएआई ने अनुबंध उल्लंघन का हवाला देते हुए इसकी डेडलाइन भी तय कर दी है। आइए जानते हैं इसके पीछे की प्रमुख वजह क्या है। क्या मस्क और ऑल्टमैन की यह जंग एआई डेवलपर्स के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है?
 

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OpenAI vs SpaceX: OpenAI Plans Cut Off AI Models From Cursor
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : OpenAI SpaceX

विस्तार

ओपनएआई और एलन मस्क के बीच चल रहा पुराना विवाद अब एआई कोडिंग टूल कर्सर तक पहुंचता दिख रहा है। ओपनएआई ने शुक्रवार को कहा कि वह कर्सर को अपने एआई मॉडल उपलब्ध कराना बंद करने की योजना बना रहा है। कंपनी ने इसके लिए स्पेसएक्स के साथ भरोसे से जुड़ी चिंताओं को वजह बताया जा रहा है।
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फिलहाल ओपनएआई ने 12 नवंबर 2026 की प्रस्तावित शटऑफ तारीख बताई है। ऐसे में अगर दोनों कंपनियों के बीच समझौता नहीं होता है, तो इस तारीख के बाद कर्सर यूजर्स को ओपनएआई  के मॉडल उपलब्ध नहीं हो सकते हैं।
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कैसे हुई विवाद की शुरुआत?
इस विवाद की शुरुआत कर्सर के पीछे की कंपनी एनीस्पेयर के स्पेसएक्स के साथ जुड़ने से हुई है। स्पेसएक्स ने जून में एनीस्पेयर को 60 अरब डॉलर के ऑल-स्टॉक सौदे में खरीदने का एलान किया था और इस महीने अधिग्रहण पूरा कर लिया।
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यानी जिस कर्सर का संचालन पहले एनीस्पेयर के तहत होता था, अब वह स्पेसएक्स के स्वामित्व में है। इसी बदलाव के बाद ओपनएआई सने अपने समझौते की समीक्षा की है।

ओपनएआई ने यह फैसला क्याें लिया?
  • ओपनएआई ने अपने ब्लॉग पोस्ट में कहा कि उसे भरोसा नहीं है कि स्पेसएक्स उसकी तकनीक का इस्तेमाल उसकी सेवा शर्तों के अनुसार करेगा।
  • कंपनी ने यह दावा भी किया कि यह चिंता उसके पिछले अनुभवों पर आधारित है और एलन मस्क की कंपनियों ने पहले अनुबंधों का उल्लंघन किया है।
  • एआई के अनुसार, स्पेसएक्स जैसे बड़े पार्टनर के साथ काम करते समय कंपनी आमतौर पर कस्टम कॉन्ट्रैक्ट का इस्तेमाल करती है। इसका मकसद सेवा की शर्तों का पालन सुनिश्चित करने के साथ बड़े स्तर पर सुरक्षित इंटीग्रेशन उपलब्ध कराना है।

ओपनएआई का मॉडल सपोर्ट कब बंद हो सकता है?
  • ओपनएआई ने कर्सर के साथ अपने समझौते में मौजूद कंट्रोल में बदलाव से जुड़े प्रावधान का हवाला दिया है।
  • कंपनी के अनुसार, ऐसे बदलाव के बाद अनुबंध खत्म करने के लिए एक सीमित समय सीमा मौजूद थी। इसी आधार पर ओपनएआई ने 12 नवंबर 2026 को सेवा बंद करने की प्रस्तावित तारीख बताई है।
  • हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि कर्सर पूरी तरह बंद हो जाएगा। विवाद मुख्य रूप से कर्सर में ओपनएआई के AI मॉडल की उपलब्धता को लेकर है।

कर्सर की  ओर से क्या कहा गया?
  • कर्सर के सह-संस्थापक और अब स्पेसएक्स के कार्यकारी माइकल ट्रुएल ने कहा कि कंपनी इस मामले को सुलझाने के लिए ओपनएआई की टीम से बातचीत कर रही है।
  • उन्होंने कहा कि कर्सर ओपनएआई के शुरुआती यूजर्स में से एक रहा है और कंपनी ने वर्षों तक ओपनएआई की टीम के साथ करीब से काम किया है। उनके मुताबिक, कर्सर ने ओपनएआई के प्लेटफॉर्म को अपने बिजनेस के लिए न्यूट्रल इन्फ्रास्ट्रक्चर के तौर पर इस्तेमाल किया है। इससे संकेत मिलता है कि दोनों कंपनियों के बीच बातचीत अभी जारी है और अंतिम स्थिति बदल भी सकती है।

कर्सर में सिर्फ ओपनएआई के मॉडल नहीं
  • कर्सर एक एआई आधारित कोडिंग टूल है और इसमें यूजर्स को अलग-अलग कंपनियों के AI मॉडल इस्तेमाल करने का विकल्प मिलता है। कर्सर की वेबसाइट के अनुसार, इसमें स्पेसएक्स एआई के साथ विकसित ग्रोक मॉडल को फर्स्ट-पार्टी मॉडल के तौर पर पेश किया जाता है। इसके अलावा यूजर्स को ओपनएआई, एंथ्रोपिक और गूगल के फ्रंटियर मॉडल भी उपलब्ध कराए जाते हैं।
  • इसलिए अगर ओपनएआई मॉडल का सपोर्ट हटता है, तो कर्सर के पास दूसरे एआई मॉडल के विकल्प मौजूद रहेंगे।

एक्स को लेकर भी ओपनएआई ने उठाए सवाल
  • इतना ही नहीं, ओपनएआई ने अपने ब्लॉग पोस्ट में मस्क की कंपनी एक्स का भी जिक्र किया। कंपनी के मुताबिक,एक्स ने मस्क के अधिग्रहण के बाद ओपनएआई के साथ हुए अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन किया था।
  • अब कर्सर का स्पेसएक्स के स्वामित्व में आना ओपनएआई के लिए इसी पुराने अनुभव और नए कंट्रोल बदलाव के मुद्दे को महत्वपूर्ण बना रहा है।

आगे क्या होगा?
एक्सपर्ट्स की मानें तो फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है किक्या ओपनएआई और कर्सर इस विवाद को 12 नवंबर से पहले सुलझा पाएंगे? अगर समझौता नहीं हुआ तो प्रस्तावित तारीख के बाद कर्सर से ओपनएआई के AI मॉडल का सपोर्ट हट सकता है। हालांकि कर्सर में ग्रोक, एंथ्रोपिक और गूगल जैसे दूसरे मॉडल उपलब्ध रहने की वजह से प्लेटफॉर्म का एआई कोडिंग अनुभव पूरी तरह खत्म नहीं होगा।
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