अभी बिल भरो, वरना कट जाएगा कनेक्शन: बिजली-पानी के नाम पर हो रही ठगी, साइबरदोस्त ने किया अलर्ट; कैसे बचें आप?
बिजली और पानी के बिलों के नाम पर हो रहे साइबर फ्रॉड को लेकर भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ने अलर्ट जारी किया है। ठग खुद को जल बोर्ड का अधिकारी बताकर कनेक्शन काटने की धमकी देते हैं और लोगों से पैसों की ठगी करते हैं। आइए जानते हैं कि यह स्कैम कैसे काम करता है और आप इससे कैसे सुरक्षित रह सकते हैं...
विस्तार
बिल अभी भरो, वरना कनेक्शन कट जाएगा...अगर आपके पास भी कोई ऐसा कॉल या मैसेज आया हो, तो सावधान हो जाइए। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के साइबरदोस्त ने बिजली-पानी के बिलों से जुड़े घोटालों के बारे में चेतावनी दी है। इतना ही नहीं बताया कि एक मामले में वरिष्ठ नागरिक को फर्जी व्हाट्सएप भुगतान लिंक और बैंक विवरण साझा करनेसे 1.62 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
कैसे होता है स्कैम?
- साइबरदोस्त के अनुसार, जालसाज कॉल या व्हाट्सएप पर मैसेज करते हैं और बिजली और पानी के बिलों से जुड़े घोटालों में खुद को जल बोर्ड का अधिकारी बताकर बताते हैं। इसके बाद दावा करते हैं कि बिल का तुरंत भुगतान नहीं किया गया, तो पानी का कनेक्शन काट दिया जाएगा।
- कनेक्शन बंद होने का डर से लोग घबरा जाते हैं, और ठग इसी घबराहट का फायदा उठाते हैं और पीड़ित को जानकारी की जांच करने या किसी से सलाह लेने का मौका दिए बिना भुगतान करने के लिए दबाव बनाते हैं।
“Bill अभी भरो, वरना connection कट जाएगा” - इसी urgency में scammer आपको सोचने का मौका नहीं देता https://t.co/qXoroTQa4n
— CyberDost I4C (@Cyberdost) October 25, 2026
सामने आया एक ऐसा ही मामला
इस दौरान साइबरदोस्त ने एक वरिष्ठ नागरिक के साथ हुए एक मामले का जिक्र भी किया। जिसमें फर्जी व्हाट्सएप भुगतान लिंक मिलने और बैंक डिटेल्स शेयर करने के बाद उन्हें 1.62 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
परिवार के वरिष्ठ नागरिकों को क्या समझाएं?
- साइबरदोस्त ने परिवारों से अपील की है कि वे अपने घर के वरिष्ठ नागरिकों को ऑनलाइन भुगतान के दौरान सावधानी बरतने की आदत सिखाएं। इसके लिए एक आसान नियम अपनाने की सलाह दी गई है कि पहले रुकें, फिर सत्यापित करें, फिर भुगतान करें।
- यानी अगर कोई व्यक्ति बिल बकाया होने या कनेक्शन काटने की बात कहकर तुरंत पैसे मांगता है, तो घबराकर भुगतान न कर दें। पहले संबंधित विभाग से जानकारी की पुष्टि करें। किसी अनजान व्हाट्सएप लिंक पर भरोसा करने या उसके जरिए भुगतान करने से पहले जांच करें।
कैसे रहें सुरक्षित?
- 'पहले रुकें, फिर सत्यापित करें, फिर भुगतान करें': एक्सपर्ट्स कहते हैं कि किसी भी अनजान नंबर या मैसेज पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें। बिल जमा करने या लिंक पर क्लिक करने से पहले आधिकारिक पोर्टल या ऑफिस जाकर पुष्टि करें।
- अज्ञात लिंक और एप्स से बचें: व्हाट्सएप या एसएमएस (SMS) पर आए किसी भी संदिग्ध पेमेंट लिंक या थर्ड-पार्टी एपीके (APK) डाउनलोड लिंक पर कभी क्लिक न करें।
- बैंक डिटेल्स और ओटीपी साझा न करें: हमेशा याद रहे कि जल बोर्ड या बिजली विभाग का कोई भी अधिकारी कभी भी फोन पर बात नहीं करता है और न ही कभी फोन पर आपसे कार्ड नंबर, सीवीवी, पिन या ओटीपी मांगता है, इसलिए ऐसी कॉल आने पर तुरंत सावधान हो जाएं।
- बुजुर्गों को जागरूक करें: जालसाज अक्सर वरिष्ठ नागरिकों को आसान शिकार बनाते हैं। इसलिए घर के बड़े-बुजुर्गों को इस तरह के डिजिटल खतरों और फर्जी कॉल के बारे में जरूर समझाएं।
- आधिकारिक एप या वेबसाइट का ही करें इस्तेमाल: हमेशा ऑनलाइन बिजली या किसी प्रकार का बिल भरने के लिए सरकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट, आधिकारिक एप या ऑथराइजड यूपीआई एप्स (जैसे पेटीएम, फोनपे या गूगल पे का ही इस्तेमाल करें।
- तुरंत करें शिकायत: अगर धोखाधड़ी हो जाती है, तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।