क्या आपका फोन भी हो जाता है जल्दी डिस्चार्ज: मोबाइल में करें ये सेटिंग्स, देर तक चलेगी बैटरी
फोन दिन ढलने से पहले ही हांफने लगता है? स्क्रीन, बैकग्राउंड ऐप्स और कनेक्टिविटी की ये छोटी सेटिंग्स बदलकर आप बैटरी की उम्र बढ़ा सकते हैं। जानिए कौन-सी सेटिंग्स चुपचाप आपके फोन की बैटरी खा रही हैं।
विस्तार
दिन में कई बार चार्जिंग का सहारा लेना आज लगभग हर स्मार्टफोन यूजर की परेशानी बन गया है। अच्छी बात यह है कि फोन की कुछ सेटिंग्स बदलकर बैटरी को ज्याद देर तक चलाया जा सकता है। नाम और जगह फोन के मॉडल और कंपनी के हिसाब से थोड़ी अलग हो सकती है, लेकिन ये उपाय ज्यादातर Android और iPhone दोनों पर लागू होते हैं।
स्क्रीन पर ध्यान दें
फोन की बैटरी सबसे ज्यादा स्क्रीन की वजह से ड्रेन होती है। इसलिए सेटिंग में बदलाव सबसे पहले स्क्रीन में करें।
- ब्राइटनेस: इसे ऑटो पर रखें या जरूरत भर ही रखें।
- स्क्रीन टाइमआउट: इसे 15 से 30 सेकंड के बीच रखें, ताकि फोन इस्तेमाल न होने पर जल्दी लॉक हो जाए।
- रिफ्रेश रेट: अगर आपके फोन में 90Hz या 120Hz का विकल्प है, तो रोज के काम के लिए उसे कम रखने से बैटरी बचाई जा सकती है।
- डार्क मोड: OLED या AMOLED स्क्रीन वाले फोन में यह बैटरी बचाने में मदद कर सकता है।
- ऑलवेज-ऑन डिस्प्ले: अगर जरूरी न हो तो इसे बंद कर दें।
बैटरी सेवर और लो पावर मोड
Android में बैटरी सेवर और iPhone में लो पावर मोड चालू करने से बैकग्राउंड चल रही प्रोसेस कम हो जाती हैं। बैटरी कम होने पर इन्हें चालू करना काम आता है। आप चाहें तो इन्हें पहले से भी ऑन कर सकते हैं, पर इससे फोन की रफ्तार थोड़ी धीमी लग सकती है।
बैकग्राउंड में चलने वाले ऐप्स करें बंद
कई ऐप्स इस्तेमाल न होने पर भी चलते रहते हैं। सेटिंग्स में जाकर उन ऐप्स का बैकग्राउंड एक्सेस सीमित करें जिनकी आपको लगातार जरूरत नहीं है। iPhone में यह बैकग्राउंड ऐप रिफ्रेश में मिलता है। जो ऐप्स बिल्कुल इस्तेमाल नहीं होते, उन्हें हटा देना भी बेहतर है।
लोकेशन और कनेक्टिविटी संभालें
लोकेशन: ज्यादातर एप्स को सिर्फ ऐप इस्तेमाल करते समय की अनुमति दें।
ब्लूटूथ और वाई-फाई: जरूरत न हो तो बंद रखें।
नेटवर्क: जहां सिग्नल कमजोर हो, वहां फोन नेटवर्क ढूंढने में ज़्यादा बैटरी खर्च करता है। ऐसी जगह 5G की जगह 4G चुनने से बैटरी को सेव किया जा सकता है।
नोटिफिकेशन को कम करने से भी बचेगी बैटरी
हर नोटिफ़िकेशन स्क्रीन को ऑन करने का काम करता है। जिन ऐप्स के अलर्ट ज़रूरी नहीं हैं, उनके नोटिफ़िकेशन बंद कर दें। इससे ध्यान भी कम भटकता है।
अपडेट रखें और चार्जिंग की आदतें सुधारें
सॉफ्टवेयर अपडेट में अक्सर बैटरी और परफोर्मेंस से जुड़े सुधार होते हैं, इसलिए फोन को अपडेट रखें। चार्जिंग में भी कुछ आदतें मदद करती हैं।
- फोन को बार-बार 0% तक न जाने दें।
- हो सके तो उसे हर समय 100% पर न रखें।
- कंपनी का दिया चार्जर या भरोसेमंद चार्जर इस्तेमाल करें।
- चार्ज करते समय फोन को ज्यादा गर्म न होने दें।
कई फोन में रात भर चार्जिंग के लिए ऑप्टिमाइज्ड चार्जिंग जैसी सुविधा भी होती है, जो बैटरी की सेहत संभालने में मदद करती है।
बैटरी हेल्थ को जरूर चेक कर लें
अगर इन सबके बाद भी बैटरी जल्दी खत्म हो रही है, तो हो सकता है कि बैटरी पुरानी हो चुकी हो। iPhone में बैटरी हेल्थ और कई Android फोन में डिवाइस केयर या बैटरी सेक्शन में इसकी जानकारी मिल जाती है। बैटरी काफी कमजोर हो, तो कंपनी के अधिकृत सर्विस सेंटर से बदलवाना बेहतर रहेगा। कुल मिलाकर किसी एक सेटिंग से चमत्कार की उम्मीद न करें। स्क्रीन, बैकग्राउंड ऐप्स और कनेक्टिविटी, इन तीन चीजों को संभालने पर आम तौर पर सबसे ज्याद फर्क दिखता है।