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रिपोर्ट में खुलासा: नोटिफिकेशन भेजकर सरकारें कर रही मोबाइल यूजर्स की जासूसी, एजेंसियों की ली जा रही मदद

Fri, 08 Dec 2023 01:10 PM IST
प्रदीप पाण्डेय टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रदीप पाण्डेय Updated Fri, 08 Dec 2023 01:10 PM IST
सार

एपल ने अमेरिकी सरकार की इस मांग को स्वीकार कर लिया है। गूगल ने भी अमेरिकी सरकार की इस मांग को स्वीकार कर लिया है और कहा है कि वह इस तरह की गैरकानूनी जासूसी को नकेल कसने में सरकार की मदद करेगी।

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Several govt agencies have been accused of spying on iPhones and Android phones via notifications
spying - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कई देशों के नेताओं पर एक पुश नोटिफिकेशन के जरिए iPhone और Android यूजर्स की जासूसी करने का आरोप लगाया गया है। कथित तौर पर, अमेरिका और दुनियाभर में सरकारी एजेंसियां नोटिफिकेशन के जरिए एपल और गूगल से पुश नोटिफिकेशन से संबंधित मेटाडाटा की मांग कर रही है। इस मेटाडाटा की मदद से फोन के मॉडल, लोकेशन, फोन नंबर, ई-मेल आईडी तक की जानकारी ली जा सकती है।

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रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक न्याय विभाग को लिखे एक पत्र में अमेरिकी सीनेटर रॉन विडेन ने दावा किया है कि कुछ सरकारें पुश नोटिफिकेशन की मदद से स्मार्टफोन यूजर्स की निगरानी में लगी हुई हैं। उन्होंने इस बात का खुलासा नहीं किया है कि फिलहाल इस तरह की जासूसी के लिए किन एजेंसियों की मदद ली जा रही है, हालांकि सीनेटर ने यह जरूर कहा है कि इस संबंध में अमेरिकी सरकार ने Apple और Google से जानकारी मांगी।

 

 

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आपके फोन जब बिना किसी एप के जो नोटिफिकेशन आते हैं, उन्हें पुष नोटिफिकेशन कहा जाता है। इस तरह के नोटिफिकेशन आमतौर पर यूजर्स का ध्यान किसी खास चीज की ओर खींचने के लिए किया जाता है। आमतौर पर ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट के लिए इस तरह के नोटिफिकेशन आते हैं।

 

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कहा जा रहा है कि एपल ने अमेरिकी सरकार की इस मांग को स्वीकार कर लिया है। गूगल ने भी अमेरिकी सरकार की इस मांग को स्वीकार कर लिया है और कहा है कि वह इस तरह की गैरकानूनी जासूसी को नकेल कसने में सरकार की मदद करेगी।

 

आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही भारत में एपल यूजर्स को राज्य प्रायोजित हैकिंग का अलर्ट मिला था जिसके बाद काफी बवाल हुआ। यह अलर्ट विपक्ष के नेताओं को ही सबसे ज्यादा मिला था। बाद में इस संबंध में एपल से जवाब मांगा गया था जिसके जवाब में एपल ने कहा था कि वह यूजर्स को संभावित हैकिंग के लिए अलर्ट भेजता है लेकिन हालिया अलर्ट से उसका कोई संबंध नहीं है।

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