{"_id":"6a65a952f2542588710c0976","slug":"sir-blo-otp-scam-fake-blo-call-voter-verification-fraud-how-to-stay-safe-2026-07-26","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"'मैं आपका BLO बोल रहा हूं...': एक कॉल से खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, SIR के नाम पर चल रहा नया OTP स्कैम","category":{"title":"Tech Diary","title_hn":"टेक डायरी","slug":"tech-diary"}}
'मैं आपका BLO बोल रहा हूं...': एक कॉल से खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, SIR के नाम पर चल रहा नया OTP स्कैम
Sun, 26 Jul 2026 11:59 AM IST
नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Sun, 26 Jul 2026 11:59 AM IST
सार
एसआईआर (SIR) अभियान के बीच साइबर ठगों ने नया स्कैम शुरू कर दिया है। ठग खुद को बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) बताकर लोगों से OTP मांग रहे हैं और बैंक खातों से पैसे उड़ा रहे हैं। चुनाव आयोग ने साफ किया है कि ईसीआई या बीएलओ कभी भी वन टाइम पासवर्ड (OTP) नहीं मांगते। जानिए इस स्कैम से कैसे बचें।
विज्ञापन
ओटीपी स्कैम
- फोटो : एआई जनरेटेड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अगर आपने हाल ही में एसआईआर (SIR) के तहत अपना वोटर वेरिफिकेशन फॉर्म भरा है या भरने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। देशभर में चल रही इस प्रक्रिया का फायदा उठाकर साइबर अपराधियों ने लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। अब ठग खुद को बीएलओ (Booth Level Officer) बताकर कॉल कर रहे हैं और एक वन टाइम पासवर्ड (OTP) के जरिए बैंक खाते तक खाली कर रहे हैं।
कई राज्यों के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (CEO) लोगों को इस नए ऑनलाइन फ्रॉड को लेकर लगातार सतर्क कर रहे हैं। खास बात यह है कि ठग सिर्फ नए आवेदकों को ही नहीं, बल्कि उन लोगों को भी निशाना बना रहे हैं, जिन्होंने पहले ही एसआईआर फॉर्म जमा कर दिया है।
विज्ञापन
कई राज्यों के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (CEO) लोगों को इस नए ऑनलाइन फ्रॉड को लेकर लगातार सतर्क कर रहे हैं। खास बात यह है कि ठग सिर्फ नए आवेदकों को ही नहीं, बल्कि उन लोगों को भी निशाना बना रहे हैं, जिन्होंने पहले ही एसआईआर फॉर्म जमा कर दिया है।
विज्ञापन
स्कैम को कैसे अंजाम दे रहे अपराधी
- फोटो : अमर उजाला
स्कैम को कैसे अंजाम दे रहे अपराधी?
- इस धोखाधड़ी में सबसे पहले आपके पास एक कॉल आती है। कॉल करने वाला खुद को आपके क्षेत्र का बीएलओ बताता है और कहता है कि आपका एसआईआर फॉर्म अपडेट या सबमिट करते समय तकनीकी समस्या आ रही है।
- इसके बाद वह भरोसा दिलाते हुए कहता है कि प्रक्रिया पूरी करने के लिए आपके मोबाइल पर एक OTP आएगा, जिसे तुरंत बताना होगा। कई बार यह भी कहा जाता है कि OTP नहीं बताया तो आपका फॉर्म स्वीकार नहीं होगा या वोटर लिस्ट से नाम हट सकता है।
- जैसे ही कोई व्यक्ति OTP साझा करता है, साइबर अपराधी उसका इस्तेमाल कर बैंकिंग या अन्य डिजिटल सेवाओं तक पहुंच बना लेते हैं और खाते से पैसे निकाल सकते हैं।
किसी से भी शेयर न करें OTP
- फोटो : एआई जनरेटेड
सीईओ हरियाणा ने जारी की चेतावनी
हरियाणा के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर वीडियो जारी कर लोगों को इस तरह के साइबर फ्रॉड से सतर्क रहने की सलाह दी है। वीडियो में बताया गया है कि कई लोग इस तरह की ठगी का शिकार हो चुके हैं। इसी वजह से लोगों को जागरूक करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।
हरियाणा के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर वीडियो जारी कर लोगों को इस तरह के साइबर फ्रॉड से सतर्क रहने की सलाह दी है। वीडियो में बताया गया है कि कई लोग इस तरह की ठगी का शिकार हो चुके हैं। इसी वजह से लोगों को जागरूक करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।
बीएलओ कॉल करके ओटीपी नहीं मांगते
- फोटो : FREEPIK
ईसीआई या बीएलओ कभी OTP नहीं मांगते
चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) या कोई भी बीएलओ एसआईआर प्रक्रिया, फॉर्म अपडेट, सबमिशन या वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन के लिए कभी भी लोगों को कॉल करके OTP नहीं मांगते। अगर कोई व्यक्ति खुद को बीएलओ बताकर OTP मांगता है, तो समझ लें कि यह फर्जी कॉल है।
चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) या कोई भी बीएलओ एसआईआर प्रक्रिया, फॉर्म अपडेट, सबमिशन या वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन के लिए कभी भी लोगों को कॉल करके OTP नहीं मांगते। अगर कोई व्यक्ति खुद को बीएलओ बताकर OTP मांगता है, तो समझ लें कि यह फर्जी कॉल है।
कॉल आने पर लें धैर्य से काम
- फोटो : FREEPIK
ऐसी कॉल आए तो क्या करें?
एसआईआर प्रक्रिया के दौरान थोड़ी-सी सतर्कता आपको बड़ी आर्थिक ठगी से बचा सकती है। याद रखें, OTP सिर्फ आपके लिए होता है, इसे किसी के साथ साझा करना भारी पड़ सकता है।
- किसी भी स्थिति में OTP साझा न करें।
- कॉल करने वाले की बातों में आकर घबराएं नहीं।
- अगर कोई वोटर लिस्ट से नाम हटाने की धमकी दे, तब भी OTP न बताएं।
- संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत फोन काट दें।
- संबंधित नंबर की शिकायत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम पोर्टल पर करें।
एसआईआर प्रक्रिया के दौरान थोड़ी-सी सतर्कता आपको बड़ी आर्थिक ठगी से बचा सकती है। याद रखें, OTP सिर्फ आपके लिए होता है, इसे किसी के साथ साझा करना भारी पड़ सकता है।